4 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सलीम खान ने फिल्मों पर फतवा देने वालों को दिया था करारा जवाब, इस्लाम की शिक्षाओं पर दिया जोर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सलीम खान ने फिल्मों पर फतवा देने वालों को दिया था करारा जवाब, इस्लाम की शिक्षाओं पर दिया जोर

सारांश

सलीम खान, सलमान खान के पिता, ने फिल्मों पर फतवा जारी करने वाले संगठनों को बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने ईद पर फिल्मों की रिलीज के पीछे का उद्देश्य स्पष्ट किया, जो परिवारिक माहौल और उत्सव का हिस्सा है। जानें उनके विचार और इस्लाम का संदेश।

मुख्य बातें

ईद पर फिल्मों की रिलीज का उद्देश्य पारिवारिक और उत्सव का माहौल बनाना है।
सलीम खान ने फतवे पर बेबाकी से प्रतिक्रिया दी है।
इस्लाम में मानवता और प्रेम की बात की गई है।
सलीम खान के परिवार में हर धर्म का सम्मान होता है।
उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर फिल्म जगत की नजर है।

मुंबई, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। रमजान का पवित्र महीना चल रहा है और ईद का इंतजार फिल्म उद्योग के लिए भी एक खास महत्व रखता है। यह प्रथा रही है कि ईद पर रिलीज होने वाली फिल्मों को शानदार ओपनिंग मिलती है। विशेष रूप से, सलमान खान की फिल्मों ने ईद पर लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है और बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड बनाए हैं।

ईद पर फिल्मों की रिलीज का विचार सामने आया है दिग्गज पटकथा लेखक और सलमान खान के पिता सलीम खान के संदर्भ में, जो वर्तमान में मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती हैं। 'शोले', 'दीवार', 'जंजीर', 'डॉन' और 'हाथी मेरे साथी' जैसी हिट फिल्मों के लेखक सलीम खान को हाल ही में माइनर ब्रेन हेमरेज के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी तबीयत की जानकारी मिलते ही हिंदी सिनेमा के कई सितारे उनसे मिलने अस्पताल पहुंच रहे हैं।

सलीम खान अपने स्पष्ट बयानों के लिए जाने जाते हैं। जब भी फिल्मों पर फतवा जारी करने या 'सच्चा मुसलमान' होने के संदर्भ में बहस उठी, उन्होंने बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने उन संगठनों को स्पष्ट जवाब दिया जो फिल्मों पर फतवा जारी करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ईद पर फिल्में क्यों रिलीज की जाती हैं।

एक अवसर पर, सलीम खान ने स्पष्ट किया था कि ईद पर फिल्मों की रिलीज का मकसद किसी भी धार्मिक भावनाओं से टकराव नहीं है, बल्कि त्योहार के उत्सव और पारिवारिक माहौल का हिस्सा बनना है। उनके अनुसार, ईद ऐसा अवसर है जब परिवार एक साथ समय बिताते हैं और सिनेमा मनोरंजन का एक माध्यम बन जाता है।

लेखक ने अपने पुराने इंटरव्यू में कहा था कि अगर हर मुसलमान के फिल्म देखने पर बैन लगा दिया जाए, तो हमारी इंडस्ट्री खुद-ब-खुद ठप हो जाएगी। उन्होंने कहा, "फतवा केवल फिल्म बनाने वालों पर ही क्यों, देखने वालों पर क्यों नहीं? जब से फिल्म इंडस्ट्री बनी है, तब से लोग ईद पर रिलीज के लिए प्रिंट लेकर बैठते हैं। मुसलमान रमजान में फिल्म नहीं देखता, लेकिन ईद पर जो ओपनिंग मिलती है, वह किसी अन्य दिन नहीं मिलती।

वे आगे कहते हैं, "ईद का वीक फिल्म के लिए बहुत महत्वपूर्ण और अद्भुत होता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि मुसलमान सबसे ज्यादा फिल्में देखते हैं। तो अगर हर फिल्म देखने वाले मुसलमान पर फतवा लगा दिया जाए, तो हमारा काम वैसे ही रुक जाएगा।" लेखक ने इस्लाम की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि इस्लाम में मानवता और प्रेम की बात की गई है, प्रतिशोध की नहीं।

बात करें सलीम खान और सलमान खान की, तो उन्होंने हमेशा कहा है कि उनके घर में हर धर्म का सम्मान किया जाता है। सलमान की मां हिंदू समुदाय से हैं। वे हर साल अपने घर में गणेश चतुर्थी का आयोजन करते हैं और बप्पा की विदाई पर ढोल की थाप पर नृत्य करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सलीम खान ने फतवे पर क्या कहा?
सलीम खान ने स्पष्ट किया कि ईद पर फिल्मों की रिलीज का मकसद धार्मिक भावनाओं से टकराव नहीं है, बल्कि त्योहार का हिस्सा बनना है।
ईद पर फिल्में क्यों रिलीज होती हैं?
ईद पर फिल्में परिवार के साथ समय बिताने और मनोरंजन का माध्यम बन जाती हैं।
सलीम खान का धर्म के प्रति क्या दृष्टिकोण है?
सलीम खान का मानना है कि इस्लाम में मानवता और प्रेम की बात की गई है, प्रतिशोध की नहीं।
क्या सलीम खान ने अन्य धर्मों का सम्मान किया है?
हां, सलीम खान और उनका परिवार हर धर्म का सम्मान करते हैं, विशेषकर गणेश चतुर्थी जैसे पर्वों का।
सलीम खान की स्वास्थ्य स्थिति क्या है?
सलीम खान हाल ही में माइनर ब्रेन हेमरेज के कारण अस्पताल में भर्ती हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले