11 अगस्त 2026
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क्या सेना और सिनेमा में अच्युत पोतदार से बिक्रमजीत कंवरपाल तक ये सितारे चमके?

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क्या सेना और सिनेमा में अच्युत पोतदार से बिक्रमजीत कंवरपाल तक ये सितारे चमके?

सारांश

यह लेख उन अभिनेताओं की कहानी बयां करता है जिन्होंने भारतीय सेना में सेवा दी और फिर सिनेमा की दुनिया में अपनी अदाकारी से एक नई पहचान बनाई। जानें कैसे उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपने अनुभवों को बुनकर सफलता पाई।

मुख्य बातें

सेना में सेवा ने इन अभिनेताओं को अभिनय में मजबूती दी।
कई सितारे कठिनाइयों का सामना करके सफल हुए।
फिल्म इंडस्ट्री में सैनिकों का योगदान महत्वपूर्ण है।

मुंबई, 19 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड के सितारों को अक्सर चमक-दमक, ग्लैमर और उनकी अदाकारी के लिए जाना जाता है। लेकिन कुछ अभिनेता ऐसे हैं जिन्होंने फिल्मों में आने से पहले भारतीय सेना में सेवा की। इन्होंने असल जिंदगी में देश की रक्षा के लिए कठिन प्रशिक्षण लिया, विभिन्न चुनौतियों का सामना किया और फिर फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई।

अच्युत पोतदार: अच्युत पोतदार का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे एक अद्भुत अभिनेता थे। लेकिन इससे पहले उन्होंने सेना में सेवाएं दीं और 1967 में कैप्टन के पद से रिटायर हुए। इसके पश्चात् उन्होंने इंडियन ऑयल में नौकरी शुरू की और वहीं से थिएटर और अभिनय की यात्रा आरंभ की। उन्होंने फिल्म 'आक्रोश' (1980) से डेब्यू किया और कई यादगार भूमिकाएँ निभाईं।

बिक्रमजीत कंवरपाल: 29 अगस्त 1968 को हिमाचल प्रदेश में जन्मे बिक्रमजीत ने 1989 में सेना में भर्ती होकर मेजर रैंक तक पहुंचे। 12 साल की सेवा के बाद उन्होंने फिल्मों में कदम रखा। उनकी शुरुआत टीवी शो 'कहीं किसी रोज' से हुई, और फिर वे 'पाप', 'आरक्षण', '2 स्टेट्स', 'प्रेम रतन धन पायो' जैसी फिल्मों में दिखाई दिए। उन्होंने 1 मई 2021 को कोरोना की दूसरी लहर में निधन हो गया।

नाना पाटेकर: नाना पाटेकर ने 90 के दशक में मराठा लाइट इन्फैंट्री में तीन साल तक कठिन प्रशिक्षण लिया। 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान, नाना ने सेना में शामिल होने का प्रयास किया। पहले उन्हें अनुमति नहीं मिली, लेकिन जब उन्होंने बताया कि वे प्रशिक्षण ले चुके हैं, तब जाकर उन्हें शामिल किया गया। यह किस्सा उन्होंने अमिताभ बच्चन के क्विज शो 'कौन बनेगा करोड़पति' में साझा किया था। उन्होंने 'प्रहार: द फाइनल अटैक' में एक आर्मी ऑफिसर का किरदार भी निभाया, जिसे उन्होंने स्वयं निर्देशित किया।

मोहम्मद अली शाह: 23 सितंबर 1979 को जन्मे मोहम्मद अली शाह लेफ्टिनेंट जनरल जमीर उद्दीन शाह के बेटे और अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के भतीजे हैं। उन्होंने ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी, चेन्नई से प्रशिक्षण प्राप्त किया और जम्मू-कश्मीर एवं उत्तर-पूर्व में तैनात रहे। सेना में 5 साल की सेवा के बाद, उन्होंने आईआईएम कोलकाता से अध्ययन किया और फिर फिल्मों में कदम रखा। उन्होंने 'एजेंट विनोद', 'हैदर', 'बजरंगी भाईजान', और 'यारा' जैसी फिल्मों में काम किया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सभी अभिनेता सेना में सेवा करते थे?
नहीं, सभी अभिनेता नहीं, लेकिन कुछ ने अपने करियर की शुरुआत से पहले सेना में सेवा की है।
अच्युत पोतदार का क्या योगदान था?
अच्युत पोतदार ने भारतीय सेना में कैप्टन के रूप में सेवा की और उसके बाद फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा।
राष्ट्र प्रेस
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