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शुभांगी अत्रे की पर्यावरण पर चेतावनी: ‘प्रदूषण नहीं रुका तो दुनिया खो देगी अपनी खूबसूरती’

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शुभांगी अत्रे की पर्यावरण पर चेतावनी: ‘प्रदूषण नहीं रुका तो दुनिया खो देगी अपनी खूबसूरती’

सारांश

‘भाबीजी घर पर हैं’ फेम शुभांगी अत्रे ने विश्व पर्यावरण दिवस से पहले प्लास्टिक प्रदूषण, घटते जंगलों और बदलते मौसम चक्र पर गहरी चिंता जताई। उनका कहना है कि अगर इंसान अब भी नहीं संभला, तो दुनिया अपनी प्राकृतिक शांति और खूबसूरती हमेशा के लिए खो देगी।

मुख्य बातें

अभिनेत्री शुभांगी अत्रे ने मुंबई में पर्यावरण को लेकर गहरी चिंता जाहिर की।
उन्होंने प्लास्टिक प्रदूषण को ‘धीमा जहर’ बताया, जो जीव-जंतुओं की जान ले रहा है।
घटते जंगलों के कारण कई प्रजातियाँ संकट में, मौसम चक्र भी असंतुलित।
विश्व पर्यावरण दिवस ( 5 जून ) से पहले लोगों से रोजमर्रा की आदतें बदलने की अपील।
शुभांगी के अनुसार पर्यावरण इंसानों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य से सीधे जुड़ा है।

टीवी अभिनेत्री शुभांगी अत्रे ने विश्व पर्यावरण दिवस से पहले मुंबई में राष्ट्र प्रेस को दिए एक विशेष साक्षात्कार में चेताया कि यदि इंसानों ने अपनी आदतों में बदलाव नहीं किया तो प्रकृति का संतुलन गंभीर रूप से बिगड़ सकता है और दुनिया अपनी ‘प्राकृतिक शांति और खूबसूरती’ खो देगी। ‘भाबीजी घर पर हैं’ फेम अभिनेत्री ने प्लास्टिक प्रदूषण, घटते जंगलों और बदलते मौसम चक्र को लेकर खुलकर अपनी चिंता जाहिर की।

प्रकृति से टूटता सामंजस्य

शुभांगी ने कहा, ‘‘आज सबसे बड़ी समस्या यह है कि इंसान प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर रहना भूल गया है। पहले लोग प्रकृति का उपयोग अपनी जरूरतों के अनुसार करते थे, लेकिन अब प्राकृतिक संसाधनों का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसका असर धरती के हर हिस्से पर दिखाई देने लगा है।’’

उन्होंने जोड़ा कि इंसान अब सिर्फ संसाधनों का उपयोग नहीं कर रहा, बल्कि उन्हें तेजी से खत्म भी कर रहा है। उनके अनुसार जंगल लगातार कम होते जा रहे हैं, जिसके चलते जानवरों का प्राकृतिक आवास छिन रहा है और कई प्रजातियाँ संकट में हैं।

प्लास्टिक प्रदूषण ‘धीमा जहर’

अभिनेत्री ने प्लास्टिक प्रदूषण को सबसे गंभीर खतरा बताते हुए कहा, ‘‘प्लास्टिक ऐसा जहर है जो धीरे-धीरे पूरी प्रकृति को नुकसान पहुंचा रहा है। यह धरती और जल स्रोतों को प्रदूषित कर रहा है, और इसका सबसे ज्यादा नुकसान उन जीव-जंतुओं को होता है जो यह समझ ही नहीं पाते कि यह उनके लिए कितना खतरनाक है।’’

उन्होंने आगे कहा कि कई बार जानवर प्लास्टिक को भोजन समझकर खा लेते हैं, जिससे उनकी जान तक चली जाती है। उनके मुताबिक इसे कम करने के लिए लोगों को रोजमर्रा की आदतों में बदलाव लाना होगा।

बिगड़ता मौसम चक्र

शुभांगी ने बदलते मौसम पर भी चिंता जताते हुए कहा कि ‘कभी अत्यधिक गर्मी पड़ती है तो कभी अचानक भारी बारिश हो जाती है — यह सब प्रकृति के असंतुलन का संकेत है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।’ गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्से असामान्य मौसमी घटनाओं से जूझ रहे हैं।

छोटे प्रयासों की बड़ी भूमिका

अभिनेत्री ने कहा, ‘‘पर्यावरण की रक्षा रोजाना छोटे-छोटे प्रयासों से की जा सकती है। जब कोई व्यक्ति प्रकृति से जुड़ा रहता है, तो वह जीवनशैली के प्रति ज्यादा जिम्मेदार होता है।’’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रकृति केवल पेड़-पौधों या नदियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इंसानों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य से भी जुड़ी हुई है।

आगे क्या

5 जून को मनाए जाने वाले विश्व पर्यावरण दिवस से पहले शुभांगी ने लोगों से अपील की कि वे अपनी तेज रफ्तार जिंदगी में कुछ समय प्रकृति को समझने और उसके महत्व को महसूस करने के लिए निकालें। उनके अनुसार, ‘‘अगर हम धरती, पेड़-पौधों, नदियों और जीव-जंतुओं की रक्षा करेंगे, तो प्रकृति भी हमें सुरक्षित और संतुलित जीवन देती रहेगी।’’

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन वे तब असर डालती हैं जब बातें ठोस व्यवहार-परिवर्तन तक पहुँचें — सिर्फ ‘अवेयरनेस’ तक नहीं। शुभांगी अत्रे की चिंताएँ वास्तविक डेटा से मेल खाती हैं: भारत हर साल लाखों टन प्लास्टिक कचरा पैदा करता है, जिसका बड़ा हिस्सा रीसाइकल नहीं हो पाता। असली सवाल यह है कि क्या टीवी जगत के लोकप्रिय चेहरे केवल विश्व पर्यावरण दिवस के आसपास बोलते हैं, या साल भर अभियानों से जुड़े रहते हैं। मुख्यधारा का सेलिब्रिटी-एक्टिविज्म तब विश्वसनीय बनता है, जब वह नीतिगत मांगों — जैसे सिंगल-यूज प्लास्टिक पर सख्ती — तक जाए।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शुभांगी अत्रे ने पर्यावरण को लेकर क्या चेतावनी दी है?
अभिनेत्री शुभांगी अत्रे ने कहा है कि अगर प्रदूषण इसी तरह बढ़ता रहा, तो दुनिया अपनी प्राकृतिक शांति और खूबसूरती खो देगी। उन्होंने प्लास्टिक प्रदूषण, घटते जंगलों और बिगड़ते मौसम चक्र को इंसानी आदतों का नतीजा बताया।
शुभांगी अत्रे ने प्लास्टिक प्रदूषण को कैसा बताया?
उन्होंने प्लास्टिक को ‘धीमा जहर’ कहा, जो धरती और जल स्रोतों को प्रदूषित कर रहा है। उनके मुताबिक जानवर अक्सर प्लास्टिक को भोजन समझकर खा लेते हैं, जिससे उनकी जान तक चली जाती है।
विश्व पर्यावरण दिवस कब मनाया जाता है?
विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को मनाया जाता है। शुभांगी अत्रे ने इसी अवसर से पहले लोगों से अपनी जीवनशैली में बदलाव लाने की अपील की है।
शुभांगी अत्रे ने आम लोगों से क्या अपील की है?
उन्होंने अपील की है कि लोग अपनी तेज रफ्तार जिंदगी से समय निकालकर प्रकृति को समझें और उसकी रक्षा करें। उनके अनुसार रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें बदलकर पर्यावरण की बड़ी मदद की जा सकती है।
शुभांगी अत्रे कौन हैं?
शुभांगी अत्रे टीवी जगत की मशहूर अभिनेत्री हैं, जिन्हें लोकप्रिय शो ‘भाबीजी घर पर हैं’ में अंगूरी भाबी के किरदार के लिए जाना जाता है। वे सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर भी अक्सर अपनी राय रखती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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