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सोहा अली खान का यूएनएफपीए से जुड़ना: 27 साल बाद आया 'फुल सर्कल मोमेंट'

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सोहा अली खान का यूएनएफपीए से जुड़ना: 27 साल बाद आया 'फुल सर्कल मोमेंट'

सारांश

सोहा अली खान ने 27 साल बाद एक बार फिर से यूएनएफपीए के साथ जुड़ने की खुशी साझा की है। इस अवसर को उन्होंने अपने जीवन का 'फुल सर्कल मोमेंट' कहा है। जानिए उनके इस नए सफर के बारे में।

मुख्य बातें

सोहा अली खान ने यूएनएफपीए के साथ जुड़कर महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों पर ध्यान केंद्रित किया है।
उन्होंने इसे अपने जीवन का 'फुल सर्कल मोमेंट' कहा है।
उनकी पहली नौकरी भी संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी थी।
सोहा अब प्रजनन स्वास्थ्य और लैंगिक समानता जैसे मुद्दों पर काम करेंगी।
उनका मानना है कि महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा मिलना आवश्यक है।

मुंबई, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेत्री सोहा अली खान ने एक बार फिर से संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) के साथ एडवोकेट के रूप में जुड़ने का अवसर पाया है। इस घटना को उन्होंने अपने जीवन का 'फुल सर्कल मोमेंट' करार दिया है, क्योंकि अपने करियर की शुरुआत में भी वह एक ऐसी संस्था के साथ जुड़ी थीं।

सोहा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस नए सफर के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र के साथ दोबारा काम करना उनके लिए एक विशेष अनुभव है। इस पोस्ट में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत के बारे में भी बताया और साझा किया कि उनकी पहली सैलरी वाली नौकरी भी संयुक्त राष्ट्र से जुड़े एक संगठन में थी।

उन्होंने लिखा, "साल 1999 में मुझे अपनी पहली नौकरी संयुक्त राष्ट्र महिला विकास कोष में मिली थी। उस वक्त मैं नई दिल्ली में काम कर रही थी। मेरा कार्य महिलाओं को आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना और उनके खिलाफ हिंसा के प्रति जागरूकता फैलाना था।"

सोहा ने आगे बताया, "अब लगभग 27 साल बाद मैं फिर से संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी हूं। इस बार मुझे यूएनएफपीए का एडवोकेट बनाया गया है। मैं इस बार महिलाओं और लड़कियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम करूंगी, जैसे प्रजनन स्वास्थ्य, मासिक धर्म जागरूकता, लैंगिक समानता और महिलाओं की गरिमा।"

उन्होंने पोस्ट में लिखा, "संयुक्त राष्ट्र हमेशा सामूहिक प्रयास का प्रतीक रहा है। मेरा मानना है कि यह एक ऐसा मंच है जहां विभिन्न देश और समुदाय मिलकर लोगों के अधिकारों और अवसरों की रक्षा के लिए कार्य करते हैं।"

सोहा ने कहा, "मां बनने के बाद मेरे विचार और भी सशक्त हुए हैं। अब मैं पहले से ज्यादा समझती हूं कि महिलाओं और लड़कियों को बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और सम्मान मिलना कितना महत्वपूर्ण है। यही सोच मुझे लगातार ऐसे कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित करती है।"

अपने पोस्ट के अंत में सोहा ने लिखा, "कुछ सफर फुल सर्कल मोमेंट होते हैं। यह मेरे लिए ऐसा ही एक पल है। इस बार मेरे पास पहले से ज्यादा अनुभव है। मैं इस नई जिम्मेदारी को पूरी लगन के साथ निभाने के लिए तैयार हूं।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोहा अली खान ने कब पहली बार संयुक्त राष्ट्र के साथ काम किया?
सोहा अली खान ने पहली बार 1999 में संयुक्त राष्ट्र महिला विकास कोष के साथ काम किया।
सोहा का नया कार्य क्या है?
सोहा अली खान अब यूएनएफपीए के एडवोकेट के रूप में महिलाओं और लड़कियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम करेंगी।
सोहा का 'फुल सर्कल मोमेंट' का क्या मतलब है?
यह उनके जीवन का एक ऐसा पल है जब वे 27 साल बाद फिर से उसी क्षेत्र में काम कर रही हैं, जिसमें उन्होंने शुरुआत की थी।
सोहा ने अपने नए सफर के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि यह उनके लिए खास अनुभव है और उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को निभाने का संकल्प लिया है।
सोहा का यह नया काम महिलाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह काम महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और गरिमा से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का काम करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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