क्या सोनचिरैया के लखना ने बॉलीवुड में अपनी अदाकारी से आसमान के सितारों से दोस्ती की?
सारांश
Key Takeaways
- सुशांत सिंह राजपूत एक प्रतिभाशाली अभिनेता थे।
- उन्होंने बचपन से विज्ञान और अंतरिक्ष में रुचि दिखाई।
- सुशांत ने कई सफल फिल्मों में अभिनय किया।
- उनकी अदाकारी ने लाखों दिलों को जीता।
- उनका निधन फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा झटका था।
मुंबई, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की अदाकारी और मेहनत को सभी जानते हैं, परंतु शायद ही कोई जानता है कि बचपन से ही उन्हें विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति गहरी रुचि थी। 'सोनचिरैया' के लखना और 'काय पो छे' के ईशान भट्ट के माध्यम से लोगों के दिलों में अपनी विशेष जगह बनाने वाले सुशांत ने छोटी उम्र में ही तारों, ग्रहों और एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी के बारे में जानने की ख्वाहिश रखी। उनकी आसमान के सितारों के साथ दोस्ती थी और वह टेलीस्कोप के जरिए उनके बारे में जानकारी प्राप्त करते थे।
सुशांत का जन्म 21 जनवरी 1986 को बिहार के पटना जिले के मलडीहा में हुआ। वे चार बहनों के एकमात्र भाई थे। उनका बचपन का नाम गुलशन था और उसी नाम से स्कूल में जाने जाते थे। परिवार में सबसे छोटे होने के कारण उन्हें हमेशा प्यार मिला। लेकिन, साल 2002 में उनकी मां का निधन हो गया, जिसके बाद उनका परिवार दिल्ली में स्थानांतरित हो गया। यहाँ उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ विज्ञान और अंतरिक्ष में अपनी रुचि को और गहरा किया।
पढ़ाई में हमेशा तेज रहने वाले सुशांत ने ऑल इंडिया इंजीनियरिंग एग्जाम (एआईईईई) में सातवां स्थान हासिल किया। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की, लेकिन धीरे-धीरे उनका मन अभिनय की ओर आने लगा। वह श्यामक डावर के डांस ग्रुप में शामिल हुए और थिएटर वर्कशॉप में भाग लेने लगे। मुंबई आने के बाद, सुशांत ने बैकग्राउंड डांसर और थिएटर कलाकार के तौर पर छोटे-छोटे प्रोजेक्ट किए।
उन्होंने बैरी जॉन की एक्टिंग वर्कशॉप में प्रशिक्षण लिया और धीरे-धीरे छोटे पर्दे की दुनिया में कदम रखा। उन्हें पहला ब्रेक टीवी शो 'किस देश में है मेरा दिल' में मिला, लेकिन असली पहचान उन्हें 'पवित्र रिश्ता' से मिली। इस शो ने उन्हें घर-घर में मशहूर बना दिया और उनका अभिनय दर्शकों के दिलों में बस गया।
बॉलीवुड में कदम रखने के बाद, सुशांत ने कई फिल्मों में काम किया। उनकी पहली फिल्म 'काय पो छे' थी, जिसके बाद उन्होंने 'सोनचिरैया', 'शुद्ध देसी रोमांस', 'पीके', 'ब्योमकेश बख्शी', और 'एमएस धोनी : द अनटोल्ड स्टोरी' जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया।
सुशांत ने सिर्फ अभिनय में ही नहीं, बल्कि मार्शल आर्ट्स, डांस और कैमरे के पीछे के काम में भी महारत हासिल की। उन्होंने फिल्म 'राज 2' में सहायक निर्देशक के रूप में काम किया और शूटिंग के दौरान तकनीकी ज्ञान को गहराई से समझा। एक इंटरव्यू में उन्होंने खुद कहा था कि यदि वे अभिनय की दुनिया में नहीं आते, तो विज्ञान या एयरोस्पेस की दुनिया में होते। उनके पास टेलीस्कोप था, जिससे वह ब्रह्मांड में होने वाली घटनाओं को देख पाते थे।
अभिनेता रणवीर शौरी ने बताया था कि सुशांत ने फिलिप रोथ को पढ़ा था, वाल्डो इमर्सन को भी, वह ईई कमिंग्स को कोट किया करते थे। वह रात में अनंत की ओर देखते थे और कहते थे कि तारे किस प्रकार एक-दूसरे को गले लगा रहे हैं। उनके पास 200 किलो का भारी टेलीस्कोप था। उन्होंने आसमान की मैपिंग की थी और वह ब्लैक होल और चांद के गड्ढों के बारे में अधिक जानना चाहते थे।
सुशांत ने मेहनत और प्रतिभा के बल पर कई पुरस्कार हासिल किए। विशेष रूप से 'एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' के लिए उन्हें भरपूर प्रशंसा मिली। लेकिन, 14 जून 2020 को उनका अचानक निधन हो गया, जो फिल्म इंडस्ट्री और उनके फैंस के लिए एक बड़ा झटका था।