टॉम हॉलैंड के स्पाइडर-मैन टैटू ने 'ब्रांड न्यू डे' की VFX टीम को डाला मुश्किल में
सारांश
मुख्य बातें
हॉलीवुड अभिनेता टॉम हॉलैंड की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' की शूटिंग के दौरान एक अप्रत्याशित तकनीकी पेच सामने आया — और इसकी जड़ में था उनका अपना एक निजी टैटू। हॉलैंड के पैर के निचले हिस्से पर बना स्पाइडर-मैन का टैटू फिल्म के एक महत्वपूर्ण सीन में कैमरे में साफ दिख गया, जिसके बाद विजुअल इफेक्ट्स (VFX) टीम को उसे डिजिटल तकनीक से हटाने का अतिरिक्त काम करना पड़ा।
टैटू की कहानी
टॉम हॉलैंड ने यह टैटू अपनी पहली स्पाइडर-मैन फिल्म के दौरान बनवाया था — किरदार के साथ अपने जुड़ाव की एक व्यक्तिगत निशानी के रूप में। यह टैटू उनके पैर के निचले हिस्से पर है और सामान्य परिस्थितियों में कपड़ों से ढका रहता है। लेकिन 'ब्रांड न्यू डे' के एक विशेष सीन में स्थिति अलग थी।
सीन में कैसे दिखा टैटू
फिल्म के उस सीन में हॉलैंड अपने किरदार के रूप में एक बिल्डिंग से उल्टा लटके हुए दिखाई देते हैं। यह सीन बिना पूरी पोशाक के फिल्माया गया था, जिसकी वजह से पैर का टैटू कैमरे की नज़र में आ गया। शूटिंग के समय सेट पर मौजूद टीम को इसका अहसास नहीं हुआ और सीन को सही मान लिया गया। बाद में जब VFX टीम ने पोस्ट-प्रोडक्शन के दौरान फुटेज की बारीकी से जाँच की, तब यह गड़बड़ी सामने आई।
टॉम हॉलैंड ने खुद बताई पूरी बात
हॉलैंड ने एक फैन इवेंट में इस घटना को हल्के-फुल्के अंदाज़ में साझा किया। उनके शब्दों में: 'मेरे पैर के नीचे एक स्पाइडर-मैन का टैटू है। बड़ा होने की वजह से यह टैटू एक सीन में दिख गया। इस सीन में मैं बिना कपड़ों के बिल्डिंग से लटका हुआ हूँ। यह शूट करना खुद में काफी अजीब था। उस समय सब कुछ सामान्य लग रहा था और टीम को लग रहा था कि सीन पूरी तरह सही तरीके से शूट हो गया है। लेकिन बाद में जब विजुअल इफेक्ट्स की टीम ने पूरा फुटेज देखा, तो उन्हें पता चला कि मेरे पैर का टैटू साफ-साफ दिखाई दे रहा है। इसके बाद टीम को इसे कंप्यूटर की मदद से हटाना पड़ा, ताकि फिल्म में कोई गलती न रह जाए।'
फिल्म की कहानी और स्टारकास्ट
'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' की कहानी 'स्पाइडर-मैन: नो वे होम' की घटनाओं के बाद से शुरू होती है, जिसमें दुनिया स्पाइडर-मैन की पहचान भूल चुकी है और नायक एक नए संघर्ष के साथ आगे बढ़ता है। फिल्म में हॉलैंड के साथ उनकी पत्नी जेंडाया भी नज़र आएंगी, जो इस फ्रैंचाइज़ी का पहले से हिस्सा रही हैं। यह किस्सा दर्शाता है कि बड़े बजट की सुपरहीरो फिल्मों में भी मानवीय चूक होती है — और VFX टीमें उन्हें चुपचाप सुधारती रहती हैं।