ट्विंकल खन्ना का पेरेंटिंग पर अनोखा नज़रिया: 'बच्चों के साथ QR कोड वाला इंस्ट्रक्शन मैनुअल आना चाहिए'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री और लेखिका ट्विंकल खन्ना ने बुधवार, 10 जून को इंस्टाग्राम पर एक दिलचस्प वीडियो साझा किया, जिसमें वे एक बिएनाले कला प्रदर्शनी में खिलौने के बच्चे का डायपर बदलने की कोशिश करती नज़र आ रही हैं। इस वीडियो के ज़रिए उन्होंने पेरेंटिंग को लेकर एक गहरी और हास्यपूर्ण बात कही जो लाखों माता-पिता के दिल को छू गई।
वीडियो में क्या था
वीडियो में ट्विंकल खन्ना एक कला प्रदर्शनी के दौरान खिलौने के शिशु का डायपर बदलने का प्रयास करती दिखती हैं। यह दृश्य हास्यपूर्ण होने के साथ-साथ एक गहरे संदेश का वाहक भी बन गया — कि असली बच्चों की परवरिश में भी कोई तय मैनुअल नहीं होता।
ट्विंकल खन्ना ने क्या लिखा
अपनी पोस्ट में ट्विंकल ने लिखा, 'बिएनाले में, जहाँ इस एग्जिबिशन का एक गहरा पहलू था, वहीं मुझे यह भी लगा कि सभी बच्चों के साथ ऐसा ही एक QR कोड होना चाहिए जो हमें सीधे इंस्ट्रक्शन मैनुअल तक ले जाए। फिलहाल तो हम सब बस अनुभव के आधार पर सीखते हुए आगे बढ़ रहे हैं। हम अपनी पूरी कोशिश करते हैं, उन्हें ढेर सारा प्यार देते हैं, उनका ध्यान रखते हैं और उन्हें अच्छे से पालते हैं।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'फिर वे बड़े होकर थेरेपी में जाते हैं और आखिरकार गलती हमारी ही निकालते हैं। अगर आपके बच्चे के साथ कोई इंस्ट्रक्शन मैनुअल आता, तो आप सबसे पहले उसका कौन-सा पेज खोलते?'
बिएनाले क्या है
बिएनाले एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय समकालीन कला प्रदर्शनी है जो हर दो साल में आयोजित होती है। इसे 'कला जगत का ओलंपिक' भी कहा जाता है और इसकी स्थापना 1895 में हुई थी। दुनियाभर के कलाकार और कला-प्रेमी इसमें शामिल होते हैं।
ट्विंकल खन्ना का करियर सफर
ट्विंकल खन्ना ने मनोरंजन उद्योग में अपेक्षित सफलता न मिलने पर अभिनय छोड़कर लेखिका और इंटीरियर डिज़ाइनर के रूप में अपनी पहचान बनाई। हाल ही में उन्होंने अभिनेत्री काजोल के साथ 'टू मच विद काजोल और ट्विंकल' शो होस्ट किया, जो प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रहा है। इस शो में सेलेब्रिटी मेहमानों के साथ उद्योग और जीवन पर खुलकर बातचीत होती है। शो को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला, हालाँकि कुछ मुद्दों पर आलोचना भी हुई।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
ट्विंकल की इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है। माता-पिता ने उनकी बात से खुद को जोड़ते हुए अपने अनुभव साझा किए। यह पोस्ट इस बात की याद दिलाती है कि पेरेंटिंग एक ऐसी यात्रा है जहाँ कोई तैयार नुस्खा नहीं होता — हर माता-पिता अपने तरीके से सीखते हैं।