22 अगस्त 2026
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ईटानगर की बच्ची टिंकल का वायरल वीडियो: 'मुझे चाइनीज नहीं, इंडियन बोलो' — पूरे देश का दिल जीता

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ईटानगर की बच्ची टिंकल का वायरल वीडियो: 'मुझे चाइनीज नहीं, इंडियन बोलो' — पूरे देश का दिल जीता

सारांश

ईटानगर की छोटी बच्ची टिंकल गोंगो ने 'चाइनीज' कहे जाने पर खुद वीडियो बनाकर कहा — 'हम इंडियन हैं।' माँ के एक साधारण वीडियो पर आई नस्लभेदी टिप्पणी ने इस मासूम को बोलने पर मजबूर किया, और उसकी आवाज़ पूरे देश की आवाज़ बन गई।

मुख्य बातें

करगा टिंकल गोंगो , ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश की एक छोटी बच्ची, का वीडियो 22 अगस्त को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
माँ के एक साधारण वीडियो पर 'चाइनीज बच्ची' की टिप्पणी आने के बाद टिंकल ने खुद जवाब देने का फैसला किया।
टिंकल ने कैमरे पर कहा: 'मुझे चाइनीज मत बोलो, हम इंडियन हैं — चाइनीज बोलने से मेरा मन दुखी होता है।' वीडियो को इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लाखों व्यूज़ मिल चुके हैं।
यह वीडियो पूर्वोत्तर भारत के लोगों के साथ होने वाले नस्लीय भेदभाव की व्यापक समस्या को उजागर करता है।

अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की एक छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो ने अपनी मासूम लेकिन दृढ़ आवाज़ से पूरे देश को भावुक कर दिया है। 22 अगस्त को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में टिंकल ने साफ़ कहा कि उसे 'चाइनीज' न कहा जाए — वह भारतीय है। इस वीडियो को इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लाखों व्यूज़ मिल चुके हैं।

कैसे बना यह वीडियो

टिंकल की माँ ने बताया कि वह उस दिन अपनी बेटी का आइसक्रीम खरीदते हुए एक साधारण वीडियो बना रही थीं। टिंकल ने आइसक्रीम के लिए ₹10 माँगे, माँ ने पैसे दिए और वीडियो पोस्ट कर दिया। इस पर किसी ने टिप्पणी की — 'यह चाइनीज बच्ची हिंदी क्यों बोल रही है?'

माँ ने जब यह टिप्पणी टिंकल को बताई, तो बच्ची उदास हो गई। टिंकल की माँ ने कहा, 'टिंकल को भी थोड़ा बुरा लगा था। उसने खुद कहा — 'हम चाइनीज नहीं हैं, हम इंडियन हैं।'

टिंकल की अपनी आवाज़

इसके बाद टिंकल ने खुद वीडियो बनाने की ज़िद की। उसने कैमरे के सामने बोला: 'मुझे चाइनीज मत बोलो, हम इंडियन ही हैं। चाइनीज बोलने से मेरा मन दुखी होता है।' टिंकल ने यह भी कहा कि जब किसी भाई ने उसे 'चाइनीज' कहा, तो उसने तुरंत जवाब दिया — 'मुझे चाइनीज मत बोलो, मुझे इंडियन बोलो।'

माँ की प्रतिक्रिया

टिंकल की माँ ने कहा, 'हमने कभी सोचा नहीं था कि यह वीडियो इतना वायरल हो जाएगा।' उन्होंने यह भी जोड़ा, 'हम लोग अरुणाचल में हैं, और अरुणाचल भी इंडिया का हिस्सा ही है।'

नॉर्थ ईस्ट की व्यापक भावना

टिंकल का यह वीडियो उस व्यापक समस्या की ओर ध्यान दिलाता है जिसका सामना पूर्वोत्तर भारत के लोग अक्सर करते हैं — अपनी ही देश में अपनी पहचान साबित करने की मजबूरी। विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि नस्लीय रूप-रंग के आधार पर 'चाइनीज' जैसी टिप्पणियाँ पूर्वोत्तर के लोगों के लिए भेदभावपूर्ण और आहत करने वाली होती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देश में नॉर्थ ईस्ट के लोगों के प्रति समावेशिता की बात ज़ोर-शोर से हो रही है।

एक बच्ची की सच्ची और निडर आवाज़ ने जो सवाल उठाया है, वह पूरे समाज के लिए आत्मचिंतन का विषय है — और उम्मीद है कि टिंकल जैसी आवाज़ें बदलाव की शुरुआत करेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसी देश में एक बच्ची को यह बताना पड़ रहा है कि वह 'इंडियन' है। मुख्यधारा की मीडिया इसे 'मासूम वायरल वीडियो' तक सीमित कर देती है, जबकि असली सवाल यह है कि नस्लीय रूप-रंग के आधार पर 'चाइनीज' कहना कब तक सामान्य माना जाता रहेगा। टिंकल की आवाज़ असल में उन लाखों पूर्वोत्तर भारतीयों की आवाज़ है जो हर रोज़ इस अदृश्य भेदभाव से लड़ते हैं।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

करगा टिंकल गोंगो कौन हैं और उनका वीडियो क्यों वायरल हुआ?
करगा टिंकल गोंगो अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की एक छोटी बच्ची हैं। उनकी माँ के एक साधारण वीडियो पर किसी ने 'चाइनीज बच्ची' की टिप्पणी की, जिसके जवाब में टिंकल ने खुद वीडियो बनाकर कहा — 'मुझे चाइनीज मत बोलो, हम इंडियन हैं।' यह वीडियो 22 अगस्त को सोशल मीडिया पर लाखों व्यूज़ के साथ वायरल हो गया।
इस वीडियो का पूर्वोत्तर भारत के संदर्भ में क्या महत्व है?
यह वीडियो उस व्यापक समस्या की ओर ध्यान दिलाता है जिसका सामना पूर्वोत्तर के लोग अक्सर करते हैं — नस्लीय रूप-रंग के आधार पर 'चाइनीज' जैसी भेदभावपूर्ण टिप्पणियाँ। टिंकल की माँ ने भी कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का हिस्सा है, और यह भावना पूरे पूर्वोत्तर के लोगों की है।
वीडियो पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
इंस्टाग्राम और फेसबुक पर इस वीडियो को लाखों व्यूज़ मिले और लोगों ने टिंकल की बात से भावुक होकर उसे समर्थन दिया। टिंकल की माँ ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि यह वीडियो इतना वायरल होगा।
क्या पूर्वोत्तर भारत के लोगों के साथ ऐसा भेदभाव आम है?
सामाजिक कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों के अनुसार, पूर्वोत्तर के लोगों को नस्लीय रूप-रंग के आधार पर 'चाइनीज' कहना एक आम लेकिन आहत करने वाली समस्या है। टिंकल का वीडियो इस मुद्दे पर राष्ट्रीय बहस को नए सिरे से सामने लाया है।
राष्ट्र प्रेस
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