युवाओं में <b>बीटीएस</b> का दीवानापन: जानें इसका सफर कैसे शुरू हुआ

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युवाओं में <b>बीटीएस</b> का दीवानापन: जानें इसका सफर कैसे शुरू हुआ

सारांश

दक्षिण कोरिया के के-पॉप बैंड बीटीएस की बढ़ती लोकप्रियता और युवाओं में उनकी दीवानगी के पीछे की कहानी। जानें कैसे इस बैंड ने संघर्षों को पार करते हुए सफलता की ऊंचाइयों को छुआ।

Key Takeaways

  • बीटीएस का गठन 2010 में हुआ था।
  • सात सदस्यों का समूह, जिनमें किम नाम-जून, किम सोक-जिन, और अन्य शामिल हैं।
  • 2013 में डेब्यू किया था।
  • उनके गाने युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर जोर देते हैं।
  • प्रशंसकों को आर्मी कहा जाता है।

नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दक्षिण कोरिया का प्रसिद्ध के-पॉप म्यूजिक बैंड बीटीएस की लोकप्रियता हर दिन बढ़ती जा रही है। वैश्विक स्तर पर युवाओं में इस म्यूजिक समूह के सात सदस्यों के प्रति एक अद्भुत क्रेज देखा जा रहा है। जब भी युवा बीटीएस का नाम सुनते हैं, तो उनके चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ जाती है। आइए, समझते हैं कि आखिर बीटीएस के प्रति युवाओं में यह जोश क्यों है।

बीटीएस की यात्रा 2010 में बिगहिट एंटरटेनमेंट द्वारा शुरू हुई, जो अब हाइब (एचवाईबीई) के नाम से जानी जाती है। हाइब के सीईओ बांग सी-ह्युक ने अंडरग्राउंड रैपर आरएम को सुना और एक हिप-हॉप समूह बनाने का निर्णय लिया। धीरे-धीरे अन्य सदस्यों को ऑडिशन और स्ट्रीट कास्टिंग के माध्यम से जोड़ा गया। इस समूह में कुल सात सदस्य हैं।

इन सातों में लीडर और रैपर किम नाम-जून (आरएम), वोकेलिस्ट किम सोक-जिन (जिन), रैपर मिन यून-गी (सूगा), डांसर और रैपर जंग हो-सोक (जेहोप), डांसर और वोकेलिस्ट पार्क जी-मिन (जिमिन), वोकेलिस्ट किम टै-ह्युं (वी) और मेन वोकेलिस्ट और डांसर जियोंन जंग-कुक (जंगकुक) शामिल हैं।

शुरुआत में, कंपनी के पास आर्थिक संसाधनों की कमी थी, जिससे उन्हें एक छोटे से कमरे में काफी संघर्ष करना पड़ा। कई बार ऐसा होता था कि अगर उनके पास खाने के पैसे होते थे, तो बस का किराया नहीं होता था।

बीटीएस ने 13 जून 2013 को अपना पहला गाना 'नो मोर ड्रीम' और एल्बम '2 कूल 4 स्कूल' के साथ डेब्यू किया। शुरू में उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। लोगों ने उनके नाम और हिप-हॉप शैली का मजाक उड़ाया। वित्तीय समस्याओं के कारण 2014 में बीटीएस के टूटने का खतरा भी मंडराने लगा।

हालांकि, इस कठिन दौर में भी कंपनी और सभी सदस्यों ने हार नहीं मानी और आज दुनिया के लगभग सभी देशों में बीटीएस को पसंद किया जाता है। पिछले चार वर्षों से सभी सदस्य दक्षिण कोरिया की अनिवार्य मिलिट्री सेवा में थे। 21 मार्च 2026 को बीटीएस ने नेटफ्लिक्स पर 'बीटीएस द कमबैक लाइव : अरिरंग' कार्यक्रम के जरिए शानदार प्रदर्शन के साथ वापसी की।

बीटीएस के प्रति इस तरह की फैन फॉलोइंग के पीछे का मुख्य कारण उनके चाहने वालों के साथ उनका गहरा जुड़ाव है। बीटीएस के गाने सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं होते, बल्कि उनके गीतों में जीवन की समस्याओं और उनसे उबरने का उल्लेख होता है।

आज के समय में लोग मानसिक तनाव, मोटापे, भावनात्मक पीड़ा आदि समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे में बीटीएस के गाने मानसिक और सामाजिक मुद्दों पर प्रकाश डालते हैं, जो लोगों को आगे बढ़ने और अपनी लड़ाई जीतने के लिए प्रेरित करते हैं।

बैंड के गानों के बोल अक्सर युवाओं की भावनाओं, जैसे मानसिक स्वास्थ्य, अकेलापन, आत्म-प्रेम और अध्ययन के तनाव पर आधारित होते हैं। 'लव योरसेल्फ' जैसे उनके एल्बम श्रृंखला ने प्रशंसकों को खुद को स्वीकारने और प्यार करने के लिए प्रेरित किया है।

बीटीएस के प्रशंसकों को आर्मी कहा जाता है। यह बैंड फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे प्लेटफार्मों के माध्यम से अपने प्रशंसकों से सीधे जुड़ा रहता है। बीटीएस अपने डांस मूव्स, ऊर्जावान प्रदर्शन और शानदार विजुअल एस्थेटिक्स के लिए प्रसिद्ध है। उनके म्यूजिक वीडियो में रंग और फैशन (जैसे रंगीन बाल और स्टाइलिश कॉस्ट्यूम) युवाओं को बहुत आकर्षित करते हैं।

इस समूह की एक और विशेषता यह है कि यह लैंगिक रुढ़ियों को चुनौती देने के लिए भी जाना जाता है।

Point of View

बल्कि उनके द्वारा प्रस्तुत सामाजिक मुद्दों पर ध्यान देने और युवाओं के साथ उनके गहरे संबंध के कारण भी है। यह बैंड आज के युवा समाज में एक प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
NationPress
23/03/2026

Frequently Asked Questions

बीटीएस का गठन कब हुआ?
बीटीएस का गठन 2010 में हुआ था।
बीटीएस के कितने सदस्य हैं?
बीटीएस में कुल सात सदस्य हैं।
बीटीएस का पहला गाना कौन सा था?
बीटीएस का पहला गाना 'नो मोर ड्रीम' था।
बीटीएस के प्रशंसकों को क्या कहा जाता है?
बीटीएस के प्रशंसकों को आर्मी कहा जाता है।
बीटीएस किस तरह के मुद्दों पर गाने बनाते हैं?
बीटीएस के गाने अक्सर मानसिक स्वास्थ्य, आत्म-प्रेम और सामाजिक मुद्दों पर आधारित होते हैं।
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