जायरा वसीम: 'दंगल' की छोटी गीता से राष्ट्रीय पुरस्कार तक, फिर बॉलीवुड को अलविदा — पूरी कहानी
सारांश
मुख्य बातें
जायरा वसीम — वह नाम जिसने 2016 में आमिर खान की फिल्म 'दंगल' में युवा गीता फोगाट का किरदार निभाकर करोड़ों दर्शकों के दिल जीत लिए — अब बॉलीवुड से बहुत दूर हैं। श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर में पली-बढ़ी जायरा ने महज़ किशोर उम्र में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार हासिल किया, तीन बड़ी फिल्मों में काम किया, और फिर 2019 में अपने धार्मिक विश्वास का हवाला देते हुए फिल्म इंडस्ट्री से नाता तोड़ने का एक अप्रत्याशित फैसला किया।
बचपन और अभिनय की नींव
जायरा वसीम का जन्म 23 अक्टूबर 2000 को श्रीनगर में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई भी कश्मीर में ही हुई। बताया जाता है कि जब वह आठवीं कक्षा में थीं, तब उन्होंने स्कूल के एक नाटक में हिस्सा लिया, जिसे देखकर उनके प्रिंसिपल को उनकी अभिनय प्रतिभा का अहसास हुआ।
बाद में जब कश्मीर में एक कास्टिंग डायरेक्टर आए, तो प्रिंसिपल ने जायरा का नाम सुझाया। इसके बाद उन्हें माइक्रोसॉफ्ट के मोबाइल फोन और टाटा स्काई जैसे बड़े ब्रांड्स के विज्ञापनों में काम करने का अवसर मिला — और यहीं से उनके फिल्मी सफर की असली शुरुआत हुई।
'दंगल' और राष्ट्रीय पुरस्कार
जायरा के करियर का सबसे बड़ा मोड़ 2016 में आया जब उन्हें आमिर खान की बहुचर्चित फिल्म 'दंगल' में काम करने का मौका मिला। पहलवान महावीर सिंह फोगाट और उनकी बेटियों के जीवन पर आधारित इस फिल्म में जायरा ने युवा गीता फोगाट की भूमिका निभाई।
उनके सहज और मेहनती अभिनय ने दर्शकों और आलोचकों दोनों को प्रभावित किया। 'दंगल' बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुई और इस अभूतपूर्व प्रदर्शन के लिए जायरा को 2017 में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। इतनी कम उम्र में यह सम्मान उनके करियर की असाधारण उपलब्धि थी।
'सीक्रेट सुपरस्टार' और 'द स्काई इज पिंक'
'दंगल' की सफलता के बाद जायरा ने 2017 में रिलीज़ 'सीक्रेट सुपरस्टार' में काम किया। इस फिल्म में भी आमिर खान उनके साथ नज़र आए। फिल्म में उन्होंने इंशिया नाम की एक ऐसी लड़की की भूमिका निभाई जो गायिका बनना चाहती है, लेकिन पारिवारिक बंधनों के कारण अपने सपने पूरे नहीं कर पाती। दर्शकों को उनका किरदार बेहद पसंद आया और फिल्म ने अच्छी सफलता हासिल की।
2019 में जायरा प्रियंका चोपड़ा और फरहान अख्तर के साथ 'द स्काई इज पिंक' में नज़र आईं — जो उनकी तीसरी और अंतिम प्रमुख फिल्म बनी। इसमें उन्होंने आयशा चौधरी का किरदार निभाया और उनके अभिनय को सराहना मिली।
बॉलीवुड छोड़ने का फैसला
'द स्काई इज पिंक' के रिलीज़ होने के आसपास ही 2019 में जायरा ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट साझा कर फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने का ऐलान किया। उन्होंने लिखा कि अभिनय के क्षेत्र में आने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि उनका रिश्ता अपने धर्म और ईमान से प्रभावित हो रहा है और यह रास्ता उन्हें इस्लाम से दूर ले जा रहा है। इसीलिए उन्होंने अपने विश्वास के अनुरूप फिल्मी दुनिया से अलग होने का निर्णय लिया।
इस घोषणा पर सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छिड़ी। कुछ लोगों ने उनके फैसले का समर्थन किया, जबकि अनेक लोगों ने सवाल भी उठाए। हालांकि, जायरा अपने निर्णय पर अडिग रहीं।
इंडस्ट्री के बाद की ज़िंदगी
फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने के बाद भी जायरा सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती हैं और अक्सर इंस्टाग्राम पर प्रेरक उद्धरण साझा करती हैं। 2025 में उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के ज़रिए अपने निकाह की जानकारी भी दी। गौरतलब है कि 23 अक्टूबर 2026 को जायरा 26 वर्ष की हो जाएंगी — एक ऐसी उम्र जिसमें अधिकांश कलाकार अपने करियर का विस्तार करते हैं, परंतु जायरा ने स्वेच्छा से एक अलग राह चुनी।