जाकिर खान का अनसुना किस्सा: घर बनाते वक्त खुद बने चौथे मजदूर, संगीत से भरे बचपन का खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
कॉमेडियन जाकिर खान ने 5 अगस्त 2026 को अभिनेता गोपाल दत्त के पॉडकास्ट 'पहला पहला' में अपनी जिंदगी के उन पहलुओं को साझा किया जो अब तक अनसुने थे — घर निर्माण में मजदूर की भूमिका से लेकर संगीत की धुनों में बीते बचपन तक। मुंबई में पले-बढ़े जाकिर ने बताया कि संघर्ष के दिनों में उन्होंने न केवल मेहनत की, बल्कि निर्माण सामग्री तैयार करने जैसे कठिन कामों में भी हाथ बंटाया।
घर निर्माण में जाकिर की मेहनत
पॉडकास्ट में जाकिर ने एक दिलचस्प प्रसंग साझा किया। उन्होंने बताया, 'मैं आपको अपने घर के बारे में एक दिलचस्प बात बताता हूं। घर जब बन रहा था, तब मैं वहीं रह रहा था। उसमें हमारी मेहनत लगी हुई थी। हमें चार मजदूरों की जरूरत थी, लेकिन हमने केवल तीन मजदूर रखे। चौथा इंसान मैं खुद था। मैंने निर्माण सामग्री बनाई है।' यह किस्सा उनके संघर्षशील अतीत और पारिवारिक जुड़ाव की गहरी तस्वीर पेश करता है।
संगीत से सराबोर बचपन
जाकिर खान मशहूर सारंगी कलाकार उस्ताद मोइनुद्दीन खान के पोते हैं। उनका बचपन मुंबई बाजार स्थित उस घर में बीता जहाँ सुबह-सुबह सारंगी, सितार और तबले की धुनें गूंजती थीं। उन्होंने बताया, 'हर सुबह करीब पाँच या छह बजे दादा जी संगीत का अभ्यास करते थे। वह अपनी उम्र के अंतिम पड़ाव में थे, लेकिन संगीत के प्रति उनका समर्पण बहुत गहरा था।'
घर में पाँच युवा लड़कों को संगीत की शिक्षा दी जाती थी और बाहर से भी विद्यार्थी सीखने आते थे। जाकिर के अनुसार, 'कभी-कभी घंटों तक तबले की साधना होती थी, तो कभी सितार और सारंगी की धुनें घर में गूंजती थीं।'
आकाशवाणी और बड़े कलाकारों का साया
जाकिर ने बताया कि उनके दादा हफ्ते में एक या दो बार आकाशवाणी जाते थे, जहाँ बड़े कलाकार और गजल गायक अपनी प्रस्तुतियाँ देते थे। कई प्रसिद्ध कलाकार उनके घर भी आते थे। उन्होंने कहा, 'मैं संगीत के माहौल के बीच बड़ा हुआ, और मेरे आसपास हमेशा कला और कलाकारों की मौजूदगी रही।' यह पृष्ठभूमि उनकी कॉमेडी में भी झलकती है — जहाँ वे अक्सर आम जिंदगी के बारीक पहलुओं को बेहद संवेदनशीलता से पेश करते हैं।
पॉडकास्ट 'पहला पहला' के बारे में
'पहला पहला' पॉडकास्ट अभिनेता गोपाल दत्त द्वारा होस्ट किया जाता है और IVM Podcasts के यूट्यूब चैनल तथा अन्य प्रमुख ऑडियो मंचों पर उपलब्ध है। इस पॉडकास्ट में जाकिर ने बचपन, परिवार, संगीत और संघर्ष के दिनों पर खुलकर बात की — जो उनके लाखों प्रशंसकों के लिए एक नई और भावुक झलक है।