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तुषार कपूर का सिंगल फादर सफर: 'लक्ष्य मेरे लिए आशीर्वाद है, जब तैयार था तभी पिता बना'

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तुषार कपूर का सिंगल फादर सफर: 'लक्ष्य मेरे लिए आशीर्वाद है, जब तैयार था तभी पिता बना'

सारांश

तुषार कपूर ने खुलासा किया कि 40 की उम्र में सरोगेसी से पिता बनना उनका सचेत और तैयार होकर लिया गया फैसला था। बेटे लक्ष्य की परवरिश में उन्होंने हर छोटी-बड़ी ज़िम्मेदारी खुद निभाई — और इसे बोझ नहीं, बल्कि जीवन का सबसे बड़ा आशीर्वाद माना।

मुख्य बातें

तुषार कपूर ने 2016 में सरोगेसी के ज़रिए सिंगल फादर के रूप में बेटे लक्ष्य को अपनाया।
40 साल की उम्र में पिता बनने का फैसला उन्होंने पूरी तैयारी और स्पष्टता के साथ लिया।
बेटे की पढ़ाई, वैक्सीनेशन, पार्टियाँ और दैनिक देखभाल — सब ज़िम्मेदारियाँ तुषार ने खुद संभाली हैं।
करीब दो-तीन साल पहले लक्ष्य ने पहली बार शूटिंग सेट पर वैनिटी वैन देखकर खुशी ज़ाहिर की थी।
अभिनेता ने बेटे के जन्म को अपनी ज़िंदगी का सबसे बड़ा आशीर्वाद बताया।

बॉलीवुड अभिनेता तुषार कपूर ने अपने बेटे लक्ष्य के साथ अपने रिश्ते और एक सिंगल फादर के रूप में पालन-पोषण के अनुभव को लेकर खुलकर बातें साझा की हैं। मुंबई में हुई इस खास बातचीत में उन्होंने बताया कि 2016 में सरोगेसी के ज़रिए पिता बनने का उनका निर्णय पूरी तरह सोचा-समझा था और उन्होंने इसे कभी बोझ नहीं माना।

वैनिटी वैन और बचपन की यादें

तुषार ने एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए बताया कि करीब दो-तीन साल पहले जब लक्ष्य पहली बार उनके शूटिंग सेट पर आया, तो वैनिटी वैन देखकर वह बेहद खुश हो गया और उसके अंदर स्लाइड करने लगा। उन्होंने कहा, 'बेटे को इस तरह खुश देखकर मुझे भी काफी अच्छा लगा था।' यह छोटी-सी याद उनके लिए पितृत्व की मिठास का प्रतीक बन गई।

सिंगल पैरेंट की ज़िम्मेदारियाँ

अभिनेता ने बताया कि जब लक्ष्य छोटा था, तो वह उसे गोद में लेकर बाहर घुमाने जाते थे, पार्टियों में साथ ले जाते थे और खुद उसे तैयार करते थे। उन्होंने स्पष्ट किया, 'मेरे पास मदद के लिए लोग ज़रूर हैं, लेकिन बेटे की परवरिश से जुड़े कई कामों की ज़िम्मेदारी मैंने खुद संभाली है।' लक्ष्य की पढ़ाई, स्कूल के काम, पार्टियों का आयोजन और वैक्सीनेशन जैसी ज़रूरी चीज़ें भी उन्होंने स्वयं देखी हैं।

40 की उम्र में पिता बनने का सचेत फैसला

सिंगल पैरेंट के तौर पर आने वाली चुनौतियों पर तुषार ने कहा कि उन्होंने पिता बनने को कभी बोझ नहीं समझा। उनके अनुसार, 'मैंने 40 साल की उम्र में पिता बनने का फैसला किया था और उस समय तक मैं इसके लिए पूरी तरह तैयार और स्पष्ट था।' उन्होंने जोड़ा कि जो व्यक्ति 40 की उम्र में भी यह तय न कर पाए कि वह पिता बनना चाहता है या नहीं, उसके फैसले पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इसीलिए उन्हें कभी यह डर नहीं रहा कि वह अकेले बच्चे की परवरिश कैसे करेंगे।

लक्ष्य — जिंदगी को नया अर्थ देने वाला आशीर्वाद

अभिनेता ने अपने बेटे के जन्म को जीवन का सबसे बड़ा आशीर्वाद बताया। उन्होंने कहा, 'जब लक्ष्य मेरी ज़िंदगी में आया, तो उसने मेरी पूरी दुनिया बदल दी और जीवन को एक नया अर्थ दिया।' अब लक्ष्य बड़ा हो चुका है और कई चीज़ें खुद से संभालने लगा है, जो तुषार के लिए संतोष का विषय है। यह सफर बताता है कि पितृत्व का अनुभव परंपरागत ढाँचे से परे भी उतना ही गहरा और पूर्ण हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नीतिगत समर्थन पीछे रह गया है। यह साक्षात्कार व्यक्तिगत कहानी से आगे जाकर एक ज़रूरी सवाल उठाता है — क्या भारत का कानूनी ढाँचा बदलते पारिवारिक स्वरूपों के साथ कदम मिला पा रहा है?
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुषार कपूर किस तरह पिता बने?
तुषार कपूर 2016 में सरोगेसी के ज़रिए सिंगल फादर बने। उन्होंने यह फैसला 40 साल की उम्र में पूरी तैयारी और स्पष्टता के साथ लिया था।
तुषार कपूर के बेटे का नाम क्या है?
तुषार कपूर के बेटे का नाम लक्ष्य है। वह 2016 में सरोगेसी के ज़रिए पैदा हुए और अब बड़े होकर कई चीज़ें खुद संभालने लगे हैं।
तुषार कपूर ने सिंगल पैरेंटिंग को कैसे देखा?
तुषार ने सिंगल पैरेंटिंग को कभी बोझ नहीं माना। उनके अनुसार, जब वे पूरी तरह तैयार थे तभी पिता बने, इसलिए उन्हें कभी डर नहीं रहा कि वे अकेले बच्चे की परवरिश कैसे करेंगे।
लक्ष्य का शूटिंग सेट वाला किस्सा क्या है?
तुषार कपूर ने बताया कि करीब दो-तीन साल पहले जब लक्ष्य पहली बार उनके शूटिंग सेट पर आया, तो वैनिटी वैन देखकर वह बेहद खुश हो गया और उसके अंदर स्लाइड करने लगा। यह पल तुषार के लिए बेहद यादगार रहा।
क्या तुषार कपूर लक्ष्य की परवरिश में खुद शामिल रहते हैं?
हाँ, तुषार ने बताया कि बेटे की पढ़ाई, स्कूल के काम, वैक्सीनेशन, और दैनिक देखभाल जैसी ज़िम्मेदारियाँ उन्होंने खुद संभाली हैं। उनके पास सहायता के लिए लोग हैं, लेकिन परवरिश की मुख्य भूमिका वे स्वयं निभाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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