तुषार कपूर ने याद की करीना कपूर से 1988 में कश्मीर में हुई पहली मुलाकात, 'मुझे कुछ कहना है' के 25 साल पूरे
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता तुषार कपूर की डेब्यू फिल्म 'मुझे कुछ कहना है' को रिलीज़ हुए 25 साल पूरे हो गए हैं। इस यादगार मौके पर तुषार ने अपनी को-स्टार करीना कपूर के साथ अपनी पहली मुलाकात की पुरानी स्मृतियाँ साझा कीं — एक ऐसी मुलाकात जो बॉलीवुड के सेट पर नहीं, बल्कि कश्मीर की वादियों में हुई थी।
कश्मीर में हुई थी पहली मुलाकात
तुषार कपूर ने बताया कि करीना कपूर से उनकी पहली मुलाकात 1988 में कश्मीर में हुई थी। उस वक्त ऋषि कपूर — जिन्हें तुषार 'चिंटू अंकल' कहते थे — फिल्म 'शेषनाग' की शूटिंग के सिलसिले में वहाँ मौजूद थे। तुषार के पिता जितेंद्र कपूर भी उसी फिल्म में काम कर रहे थे। ऋषि कपूर अपनी भतीजियों को शूटिंग देखने के लिए साथ लाए थे, और उन्हीं में करीना भी थीं।
तुषार ने कहा, 'बचपन में हम ज़्यादा नहीं मिलते थे, शायद एक या दो बार ही मुलाकात हुई होगी।' उन्होंने उस पल को याद करते हुए जोड़ा, 'मैं उनसे कश्मीर में मिला था। 1988 में चिंटू अंकल मेरे पापा के साथ शूटिंग कर रहे थे और अपनी भतीजियों को साथ लाए थे।'
12 साल का लंबा अंतराल
तुषार के अनुसार, कश्मीर की उस मुलाकात के बाद वह करीना से लगभग 12 साल तक नहीं मिले। हालाँकि, साझा सामाजिक दायरे और कुछ कॉमन दोस्तों के चलते कभी-कभार संक्षिप्त मुलाकातें होती रहीं। यह लंबा अंतराल इस बात की गवाही देता है कि दोनों के बीच की पहचान फिल्म इंडस्ट्री में आने से पहले बेहद सीमित थी।
फिल्म की शूटिंग के दौरान भी रहे फोकस्ड
'मुझे कुछ कहना है' की शूटिंग के दौरान भी दोनों के बीच विशेष बातचीत नहीं हुई। तुषार ने बताया कि वह पूरी तरह अपनी परफॉर्मेंस और फिल्म को सही ढंग से पूरा करने पर केंद्रित थे। एक नए अभिनेता के रूप में अपने डेब्यू की ज़िम्मेदारी उनके लिए सर्वोपरि थी।
भावुक पोस्ट से मनाई सिल्वर जुबली
25 मई को फिल्म की सिल्वर जुबली के अवसर पर तुषार ने एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, '25 साल पहले 25 मई को मेरा अभिनय का सफर शुरू हुआ। यह फिल्म मुझे सिर्फ डेब्यू ही नहीं दे गई, बल्कि जिंदगी भर की यादें भी दीं। समय कितनी तेजी से बीत गया, यह सोचकर अजीब लगता है।'
तुषार ने अपने डायरेक्टर, को-एक्टर्स, पूरी टीम, दोस्तों, परिवार और दर्शकों का आभार जताया। उन्होंने कहा, 'पिछले 25 साल में आप सबने मुझे इतना प्यार दिया। आगे भी इसी तरह साथ देते रहिए।' यह संदेश बॉलीवुड में एक चौथाई सदी की यात्रा पूरी करने वाले एक कलाकार की विनम्रता और कृतज्ञता को दर्शाता है।