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तुषार कपूर का खुलासा: बेटा लक्ष्य फुटबॉलर बनना चाहता है, बॉलीवुड में 25 साल बाद बोले दिल की बात

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तुषार कपूर का खुलासा: बेटा लक्ष्य फुटबॉलर बनना चाहता है, बॉलीवुड में 25 साल बाद बोले दिल की बात

सारांश

तुषार कपूर ने बॉलीवुड में 25 साल पूरे होने पर बड़ा खुलासा किया — बेटा लक्ष्य फिल्मों की जगह फुटबॉल के मैदान में उतरना चाहता है। तुषार ने साफ कहा: जुनून हो तो किसी भी राह में सफलता मिलती है, चाहे वह फिल्म हो या खेल।

मुख्य बातें

तुषार कपूर ने बताया कि बेटे लक्ष्य कपूर का सपना फुटबॉलर बनना है, न कि अभिनेता।
तुषार ने कहा वह लक्ष्य की पसंद का पूरा सम्मान करते हैं और उसे किसी भी फैसले के लिए मजबूर नहीं करेंगे।
उन्होंने माना कि भारत में फुटबॉल में करियर बनाना आसान नहीं , लेकिन मेहनत से सब संभव है।
जितेंद्र, धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन का उदाहरण देकर कहा कि बड़े सितारों ने बच्चों पर फिल्मी करियर नहीं थोपा।
तुषार ने 1 जून 2016 को सरोगेसी से लक्ष्य का स्वागत किया था और बॉलीवुड के पहले सिंगल फादर बने थे।

बॉलीवुड अभिनेता तुषार कपूर ने फ़िल्मी दुनिया में अपने 25 साल पूरे करने के मौके पर एक अहम खुलासा किया — उनका बेटा लक्ष्य कपूर अभिनय नहीं, बल्कि फुटबॉल में अपना करियर बनाना चाहता है। मुंबई में दिए एक इंटरव्यू में तुषार ने साफ कहा कि वह अपनी किसी भी पसंद को लक्ष्य पर नहीं थोपेंगे।

लक्ष्य का सपना: फुटबॉल का मैदान, फिल्मों का पर्दा नहीं

तुषार कपूर ने कहा, 'लक्ष्य की दिलचस्पी इस समय फुटबॉल में है और उसका सपना फुटबॉलर बनने का है। मैं चाहता हूं कि मेरा बेटा उसी फील्ड में आगे बढ़े, जहां उसकी दिलचस्पी है।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भारत में फुटबॉल में करियर बनाना आसान नहीं है, लेकिन अगर लक्ष्य पूरी मेहनत और लगन से आगे बढ़ेगा तो वह उसका पूरा साथ देंगे। यह बयान उस समय आया है जब नेपोटिज़्म और फिल्मी घरानों के बच्चों के करियर पर बहस लगातार जारी है।

अभिनय की राह: जुनून और हौसला ज़रूरी

तुषार ने यह भी कहा कि अगर लक्ष्य भविष्य में अभिनेता बनने का फैसला करता है, तो उसे पहले यह समझना होगा कि यह आसान पेशा नहीं है। उनके शब्दों में, 'अभिनय में आने के लिए सिर्फ नाम या पहचान काफी नहीं होती, बल्कि इसके लिए जुनून, मेहनत और हर मुश्किल का सामना करने का हौसला भी होना चाहिए।' उन्होंने जोड़ा कि जो लोग इन चुनौतियों के लिए तैयार नहीं हैं, उन्हें इस प्रोफेशन में कदम नहीं रखना चाहिए।

फिल्मी परिवारों पर नज़रिया

अभिनेता ने फिल्मी परिवारों के बच्चों को लेकर एक आम धारणा को भी चुनौती दी। उन्होंने कहा, 'अक्सर लोग मान लेते हैं कि फिल्मी परिवार के बच्चे मजबूरी में अभिनेता बनते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है।' उन्होंने अपने पिता जितेंद्र का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने कभी तुषार पर अभिनेता बनने का दबाव नहीं डाला। धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन जैसे दिग्गजों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इन बड़े सितारों ने भी अपने बच्चों को इस पेशे में आने के लिए मजबूर नहीं किया।

इंडस्ट्री की सच्चाई और किस्मत का रोल

तुषार कपूर ने माना कि समय के साथ फिल्म इंडस्ट्री को लेकर लोगों की सोच बदली है। उन्होंने कहा, 'अभिनय में सफल होने के लिए टैलेंट, अच्छी स्क्रीन प्रजेंस, मेहनत, सब्र और संघर्ष करने की ताकत बेहद जरूरी होती है। इसके अलावा किस्मत भी अहम भूमिका निभाती है।' उनका मानना है कि अगर किसी को शुरुआत से ही अच्छे संकेत नहीं मिल रहे हैं, तो उसे समय रहते दूसरा रास्ता चुन लेना चाहिए। गौरतलब है कि तुषार खुद इस इंडस्ट्री के उतार-चढ़ाव के गवाह रहे हैं।

बॉलीवुड के पहले सिंगल फादर

तुषार कपूर ने 1 जून 2016 को सरोगेसी के ज़रिए बेटे लक्ष्य कपूर का स्वागत किया था और इस तरह वह बॉलीवुड के पहले सिंगल फादर बने थे। तुषार अक्सर लक्ष्य के साथ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हैं। आने वाले वर्षों में लक्ष्य किस राह को चुनते हैं — फुटबॉल का मैदान या फिल्मों का पर्दा — यह देखना दिलचस्प होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी गहराई में नेपोटिज़्म की बहस का एक सीधा जवाब भी है — जो बॉलीवुड को सालों से घेरे हुए है। यह ऐसे समय में आया है जब स्टार किड्स की हर फिल्म पर 'विरासत बनाम प्रतिभा' का सवाल उठता है। दिलचस्प यह है कि तुषार खुद उस पीढ़ी के हैं जिन्होंने फिल्मी पृष्ठभूमि के बावजूद उतार-चढ़ाव झेले। लक्ष्य का फुटबॉल की ओर झुकाव यह भी बताता है कि अगली पीढ़ी के स्टार किड्स जरूरी नहीं कि पर्दे पर ही चमकें।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुषार कपूर के बेटे लक्ष्य कपूर का करियर क्या होगा?
तुषार कपूर के अनुसार उनके बेटे लक्ष्य कपूर की रुचि फिलहाल फुटबॉल में है और वह फुटबॉलर बनना चाहते हैं। तुषार ने कहा कि वह लक्ष्य की इस पसंद का पूरा समर्थन करते हैं।
तुषार कपूर बॉलीवुड में कितने साल से हैं?
तुषार कपूर ने फ़िल्मी दुनिया में 25 साल पूरे कर लिए हैं। इस दौरान उन्होंने सफलता और असफलता दोनों का अनुभव किया है।
तुषार कपूर सिंगल फादर कैसे बने?
तुषार कपूर ने 1 जून 2016 को सरोगेसी के ज़रिए बेटे लक्ष्य कपूर का स्वागत किया था। इस तरह वह बॉलीवुड के पहले सिंगल फादर बने।
तुषार कपूर का फिल्मी परिवारों के बच्चों पर क्या कहना है?
तुषार कपूर का मानना है कि फिल्मी परिवार के बच्चे मजबूरी में अभिनेता नहीं बनते। उन्होंने अपने पिता जितेंद्र के साथ-साथ धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी ने भी अपने बच्चों पर इस पेशे को नहीं थोपा।
क्या लक्ष्य कपूर भविष्य में अभिनेता बन सकते हैं?
तुषार कपूर ने कहा कि अगर लक्ष्य भविष्य में अभिनेता बनने का फैसला करता है तो उसे पहले यह समझना होगा कि यह आसान पेशा नहीं है। उनके अनुसार अभिनय में सफलता के लिए जुनून, मेहनत, सब्र और किस्मत सभी की ज़रूरत होती है।
राष्ट्र प्रेस
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