तुषार कपूर का खुलासा: बेटा लक्ष्य फुटबॉलर बनना चाहता है, बॉलीवुड में 25 साल बाद बोले दिल की बात
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेता तुषार कपूर ने फ़िल्मी दुनिया में अपने 25 साल पूरे करने के मौके पर एक अहम खुलासा किया — उनका बेटा लक्ष्य कपूर अभिनय नहीं, बल्कि फुटबॉल में अपना करियर बनाना चाहता है। मुंबई में दिए एक इंटरव्यू में तुषार ने साफ कहा कि वह अपनी किसी भी पसंद को लक्ष्य पर नहीं थोपेंगे।
लक्ष्य का सपना: फुटबॉल का मैदान, फिल्मों का पर्दा नहीं
तुषार कपूर ने कहा, 'लक्ष्य की दिलचस्पी इस समय फुटबॉल में है और उसका सपना फुटबॉलर बनने का है। मैं चाहता हूं कि मेरा बेटा उसी फील्ड में आगे बढ़े, जहां उसकी दिलचस्पी है।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भारत में फुटबॉल में करियर बनाना आसान नहीं है, लेकिन अगर लक्ष्य पूरी मेहनत और लगन से आगे बढ़ेगा तो वह उसका पूरा साथ देंगे। यह बयान उस समय आया है जब नेपोटिज़्म और फिल्मी घरानों के बच्चों के करियर पर बहस लगातार जारी है।
अभिनय की राह: जुनून और हौसला ज़रूरी
तुषार ने यह भी कहा कि अगर लक्ष्य भविष्य में अभिनेता बनने का फैसला करता है, तो उसे पहले यह समझना होगा कि यह आसान पेशा नहीं है। उनके शब्दों में, 'अभिनय में आने के लिए सिर्फ नाम या पहचान काफी नहीं होती, बल्कि इसके लिए जुनून, मेहनत और हर मुश्किल का सामना करने का हौसला भी होना चाहिए।' उन्होंने जोड़ा कि जो लोग इन चुनौतियों के लिए तैयार नहीं हैं, उन्हें इस प्रोफेशन में कदम नहीं रखना चाहिए।
फिल्मी परिवारों पर नज़रिया
अभिनेता ने फिल्मी परिवारों के बच्चों को लेकर एक आम धारणा को भी चुनौती दी। उन्होंने कहा, 'अक्सर लोग मान लेते हैं कि फिल्मी परिवार के बच्चे मजबूरी में अभिनेता बनते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है।' उन्होंने अपने पिता जितेंद्र का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने कभी तुषार पर अभिनेता बनने का दबाव नहीं डाला। धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन जैसे दिग्गजों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इन बड़े सितारों ने भी अपने बच्चों को इस पेशे में आने के लिए मजबूर नहीं किया।
इंडस्ट्री की सच्चाई और किस्मत का रोल
तुषार कपूर ने माना कि समय के साथ फिल्म इंडस्ट्री को लेकर लोगों की सोच बदली है। उन्होंने कहा, 'अभिनय में सफल होने के लिए टैलेंट, अच्छी स्क्रीन प्रजेंस, मेहनत, सब्र और संघर्ष करने की ताकत बेहद जरूरी होती है। इसके अलावा किस्मत भी अहम भूमिका निभाती है।' उनका मानना है कि अगर किसी को शुरुआत से ही अच्छे संकेत नहीं मिल रहे हैं, तो उसे समय रहते दूसरा रास्ता चुन लेना चाहिए। गौरतलब है कि तुषार खुद इस इंडस्ट्री के उतार-चढ़ाव के गवाह रहे हैं।
बॉलीवुड के पहले सिंगल फादर
तुषार कपूर ने 1 जून 2016 को सरोगेसी के ज़रिए बेटे लक्ष्य कपूर का स्वागत किया था और इस तरह वह बॉलीवुड के पहले सिंगल फादर बने थे। तुषार अक्सर लक्ष्य के साथ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हैं। आने वाले वर्षों में लक्ष्य किस राह को चुनते हैं — फुटबॉल का मैदान या फिल्मों का पर्दा — यह देखना दिलचस्प होगा।