क्या मोबाइल-लैपटॉप के घंटों इस्तेमाल से आंखों की रोशनी हो रही कम? रोजाना करें ये आसान योगासन

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क्या मोबाइल-लैपटॉप के घंटों इस्तेमाल से आंखों की रोशनी हो रही कम? रोजाना करें ये आसान योगासन

सारांश

क्या आप भी डिजिटल स्क्रीन के सामने लंबे समय तक काम करते हैं? यदि हाँ, तो जानिए कैसे कुछ सरल योगासन आपकी आंखों की रोशनी को बनाए रख सकते हैं। पढ़ें यह लेख और समझें कि कैसे योग आपकी आंखों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

मुख्य बातें

त्राटक से आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
भस्त्रिका प्राणायाम से मानसिक तनाव कम होता है।
आंखों को झपकाना ड्राई आई की समस्या को कम करता है।
हथेली से आंखों को ढंकने से आराम मिलता है।
योग से आंखों की रोशनी को बनाए रखा जा सकता है।

नई दिल्ली, 3 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। वर्तमान डिजिटल युग में हमारी आंखें निरंतर कंप्यूटर, मोबाइल और टीवी स्क्रीन की रोशनी में हैं। इस कारण आंखों में थकान, जलन, सूखापन, सिरदर्द और देखने की क्षमता में कमी जैसी समस्याएं आम हो गई हैं।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, आंखों की देखभाल रोजमर्रा की आदतों और योग के माध्यम से भी की जा सकती है। आंखें हमारे शरीर की सबसे महत्वपूर्ण इंद्रियों में से एक हैं।

योगासन में कई ऐसे आसन हैं जो आंखों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने, रक्त परिसंचरण बढ़ाने और उन्हें आराम देने में मदद करते हैं। ये आसन न केवल आंखों की रोशनी को बनाए रखने में सहायक होते हैं, बल्कि तनाव और थकान से भी राहत दिलाते हैं।

त्राटक: यह एक योग पद्धति है जो आंखों के फोकस और ध्यान को मजबूत करती है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, इस अभ्यास से आंखों की मांसपेशियां सक्रिय रहती हैं और आंखों का ध्यान केंद्रित करना आसान होता है। जब हम किसी निश्चित बिंदु पर अपनी नजर टिकाते हैं, तो आंखें अधिक स्थिर और मजबूत होती हैं। यह केवल आंखों के लिए नहीं, बल्कि दिमाग के लिए भी व्यायाम है, क्योंकि इससे ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में सुधार होता है।

भस्त्रिका प्राणायाम: सांस से जुड़े योग अभ्यास जैसे भस्त्रिका प्राणायाम भी आंखों के लिए फायदेमंद हैं। इस प्राणायाम से शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है और आंखों की नसों और कोशिकाओं तक पर्याप्त रक्त पहुंचता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह आंखों में ऊर्जा और ताजगी बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा, यह मानसिक तनाव को भी कम करता है, जिससे आंखों की थकान और सिरदर्द में राहत मिलती है।

आंखें झपकाना: आंखों को तेजी से झपकाना और फिर उन्हें बंद करके आराम देना एक सरल लेकिन प्रभावी अभ्यास है। इस प्रक्रिया से आंखों की सतह पर नमी बनी रहती है और ड्राई आई जैसी समस्या कम होती है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, नियमित रूप से आंखें झपकाने से आंखों की मांसपेशियों में लचीलापन बढ़ता है और देखने की क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

हथेली से आंख ढंकना: हथेलियों की गर्माहट से आंखों को आराम देना भी योग में शामिल है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, जब आंखों पर हथेलियों की हल्की गर्माहट पड़ती है, तो आंखों की नसों को आराम मिलता है और रक्त परिसंचरण बेहतर होता है। इससे आंखों की थकान कम होती है और देखने की क्षमता पर धीरे-धीरे सकारात्मक असर पड़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह समझता हूं कि आज की तेज़-तर्रार डिजिटल दुनिया में आंखों की देखभाल अत्यंत आवश्यक है। यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी आंखों को स्वस्थ रखने के लिए नियमित योग और आदतों को अपनाएं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या योगासन से आंखों की रोशनी बढ़ सकती है?
जी हां, नियमित योगासन करने से आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और रक्त परिसंचरण में सुधार होता है, जिससे रोशनी बढ़ सकती है।
आंखों की थकान कम करने के लिए कौन सा आसन सबसे अच्छा है?
त्राटक और भस्त्रिका प्राणायाम आंखों की थकान कम करने में बहुत प्रभावी होते हैं।
कितनी बार आंखों को झपकाना चाहिए?
रोजाना काम करते समय हर 20-30 मिनट में आंखों को झपकाना चाहिए ताकि नमी बनी रहे।
क्या आंखों को हथेली से ढंकना फायदेमंद है?
हां, हथेली से आंखों को ढंकने से आंखों को गर्माहट मिलती है, जिससे रक्त परिसंचरण बेहतर होता है।
राष्ट्र प्रेस