नेत्र-शक्ति-विकासक: थकी आंखों के लिए एक शक्तिशाली समाधान
सारांश
Key Takeaways
- नेत्र-शक्ति-विकासक से आंखों की शक्ति बढ़ती है।
- यह तनाव और थकान को कम करता है।
- एकाग्रता और ध्यान में सुधार होता है।
- आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
- यह प्राकृतिक दृष्टि सुधार में मदद करता है।
नई दिल्ली, 21 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। वर्तमान समय की तेज़ रफ्तार भरी ज़िंदगी में, जहां स्क्रीन पर बिताया गया समय बढ़ता जा रहा है, आंखों पर तनाव, थकान, और ध्यान की कमी एक सामान्य समस्या बन चुकी है। ऐसे में, भारत सरकार का आयुष मंत्रालय यह बताता है कि योग न केवल हमारे शरीर को स्वस्थ बनाए रखता है, बल्कि हमारी इंद्रियों, विशेषकर आंखों की शक्ति को बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इसी उद्देश्य से, आयुष मंत्रालय ने एक सरल और प्रभावी योग अभ्यास नेत्र-शक्ति-विकासक के बारे में जानकारी साझा की है, जिसे नियमित रूप से करने से आंखों की रोशनी में प्राकृतिक सुधार, तनाव में कमी, और एकाग्रता में वृद्धि होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, नेत्र-शक्ति-विकासक की विधि बेहद सरल है। यह एक खास योग अभ्यास है, जिसमें आंखों की मांसपेशियों को मज़बूत करने, आंखों को आराम देने, और दृष्टि को केंद्रित करने की क्षमता बढ़ाने के लिए कई सरल क्रियाएं शामिल हैं। यह विधि योग के सिद्धांतों पर आधारित है और इसे बिना किसी उपकरण के घर पर आसानी से किया जा सकता है। इसके मुख्य क्रियाओं में त्राटक, नेत्र घुमाव, पलक झपकाना, आंखें बंद करके आराम देना, दूर-नजदीक की वस्तुओं पर बारी-बारी फोकस करना और पामिंग शामिल हैं।
इन क्रियाओं को सुबह खाली पेट या शाम को 10 से 15 मिनट तक नियमित रूप से करना चाहिए। नेत्र-शक्ति-विकासक के कई लाभ हैं। इससे आंखों का तनाव और थकान कम होती है, और लंबे समय तक स्क्रीन देखने से होने वाली आंखों की जलन, सूखापन, और भारीपन में राहत मिलती है। इससे एकाग्रता और फोकस बढ़ता है, दिमाग शांत होता है, और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता मज़बूत होती है, जो छात्रों और ऑफिस जाने वालों के लिए बहुत फायदेमंद है।
इसके नियमित अभ्यास से दृष्टि में प्राकृतिक सुधार होता है। आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे दूर-नजदीक की चीजें स्पष्ट दिखती हैं और चश्मे की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि, गंभीर समस्याओं के लिए डॉक्टर से सलाह अवश्य लें। आंखों का रक्त संचार बढ़ता है, आंखों को पोषण मिलता है, और उम्र के साथ होने वाली कमजोरी धीमी पड़ती है। इसके अलावा, मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा तनाव को कम करती है, नींद में सुधार लाती है और मानसिक स्वास्थ्य को श्रेष्ठ बनाती है।
जो लोग आंखों की गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं, उन्हें नेत्र चिकित्सक से परामर्श अवश्य लेना चाहिए।