अन्ना हजारे की सेहत में सुधार, बॉम्बे हॉस्पिटल के डॉ. गौतम भंसाली बोले — घबराने की बात नहीं
सारांश
मुख्य बातें
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की तबीयत में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है। मुंबई स्थित बॉम्बे हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. गौतम भंसाली ने सोमवार, 7 सितंबर को जानकारी दी कि 91 वर्षीय हजारे उपचार के प्रति अच्छी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और फिलहाल सामान्य कमरे में हैं। अस्पताल में भर्ती हुए उन्हें लगभग 6 दिन बीत चुके हैं।
भर्ती के समय क्या थी स्थिति
डॉ. भंसाली ने बताया कि जब 6 दिन पहले अन्ना हजारे को अस्पताल लाया गया था, तब उन्हें वायरल बुखार और लूज़ मोशन की शिकायत थी। इसके साथ ही किडनी में संक्रमण और क्रिएटिनिन स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि भी पाई गई थी। मूत्र मार्ग में भी संक्रमण था। इन सभी स्थितियों को देखते हुए उचित एंटीबायोटिक दवाएँ दी गईं, जिनके प्रति उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया दिखाई।
उपचार के दौरान ऑक्सीजन की भी पड़ी ज़रूरत
डॉ. भंसाली ने खुलासा किया कि बीच में अन्ना हजारे को ऑक्सीजन सहायता की भी आवश्यकता पड़ी थी। हालाँकि, वर्तमान में उनकी स्थिति में काफी बेहतरी आई है। वे सामान्य वार्ड में हैं, खाना-पीना ले रहे हैं और मूत्र भी सामान्य मात्रा में आ रहा है। डॉक्टर ने यह भी बताया कि पिछले दो दिनों से बुखार पूरी तरह उतर चुका है और क्रिएटिनिन स्तर में भी गिरावट दर्ज की गई है।
उम्र के कारण रिकवरी में लग रहा समय
डॉ. भंसाली ने स्पष्ट किया कि 91 वर्ष की आयु में शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता सीमित हो जाती है और विभिन्न अंगों को उपचार के प्रति प्रतिक्रिया देने में अधिक समय लगता है। इसीलिए हजारे की पूर्ण स्वस्थता में थोड़ा अधिक वक्त लग सकता है। उन्होंने कहा कि अभी डिस्चार्ज की तारीख बताना जल्दबाज़ी होगी। उल्लेखनीय है कि अन्ना हजारे दशकों से भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं, जिस कारण उनकी सेहत को लेकर देशभर में चिंता स्वाभाविक है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने जताई चिंता, खुद भी आए मिलने
डॉ. भंसाली ने बताया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नियमित रूप से फोन कर हजारे की सेहत की जानकारी लेते हैं। एक दिन वे स्वयं अस्पताल भी आए और हजारे से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से विस्तार से चर्चा की कि उनके उपचार में और क्या बेहतर किया जा सकता है।
डॉक्टर का संदेश — सावधानी ज़रूरी, घबराहट नहीं
डॉ. गौतम भंसाली ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अन्ना हजारे की स्थिति को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है, किंतु उनकी उम्र को देखते हुए चिकित्सा दल पूरी सतर्कता बरत रहा है। वे स्वयं शौचालय जाने में सक्षम हैं और चिकित्सकों से बातचीत भी सहजता से कर रहे हैं। डॉक्टर ने कहा कि उनकी रिकवरी की गति चिकित्सा दल के लिए संतोषजनक है। आने वाले दिनों में उनकी स्थिति पर नज़दीकी नज़र बनाए रखी जाएगी।