अन्ना हजारे की हालत स्थिर, 3-4 दिन में मिल सकती है अस्पताल से छुट्टी: डॉ. गौतम भंसाली
सारांश
मुख्य बातें
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की तबीयत फिलहाल स्थिर है और उन्हें अगले 3 से 4 दिनों में बॉम्बे हॉस्पिटल, मुंबई से छुट्टी मिल सकती है। उनके चिकित्सक डॉ. गौतम भंसाली ने 1 सितंबर को यह जानकारी दी। 91 वर्षीय हजारे को वायरल इंफेक्शन, गंभीर डिहाइड्रेशन और किडनी संबंधी जटिलताओं के चलते सोमवार शाम अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल में भर्ती होने की वजह
डॉ. भंसाली के अनुसार, 3 अगस्त के आसपास अन्ना हजारे को वायरल इंफेक्शन हुआ, जिसके बाद लूज मोशन और गंभीर डिहाइड्रेशन की स्थिति बन गई। आगे की जाँच के लिए उन्हें मुंबई लाया गया। डॉक्टर ने बताया, 'सीवियर डिहाइड्रेशन और वायरल इंफेक्शन की वजह से उनकी किडनी पर थोड़ा असर पड़ा है। इसके साथ-साथ यूरिन में भी इंफेक्शन हुआ है। इसके लिए हम लोग सारी जाँच कर रहे हैं।' उन्हें सोमवार शाम लगभग 8.30 बजे अस्पताल लाया गया — एंबुलेंस में नहीं, बल्कि वे स्वयं गाड़ी में बैठकर आए।
मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति
डॉ. भंसाली ने स्पष्ट किया कि अन्ना हजारे आराम से बैठकर बात कर रहे हैं, खाना खा रहे हैं और लोगों से सामान्य रूप से संवाद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 91 वर्ष की आयु के अनुरूप याददाश्त में कुछ कमी है, जो इस उम्र में सामान्य मानी जाती है। बाकी सभी पहलुओं में वे पूरी तरह स्थिर हैं।
संभावित डिस्चार्ज
डॉक्टर के मुताबिक, यदि सभी जाँच के परिणाम अनुकूल रहे तो 3 से 4 दिनों के भीतर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है। किडनी और यूरिन इंफेक्शन की जाँच जारी है और उपचार प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।
अन्ना हजारे: संक्षिप्त परिचय
अन्ना हजारे 2011 में 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन के ज़रिए राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे। इससे पहले भी वे महाराष्ट्र में सामाजिक और भ्रष्टाचार विरोधी कार्यों के लिए जाने जाते थे। हाल ही में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा था, 'कोई भी मुद्दा बातचीत से ही सुलझता है। मैंने 22 बार भूख हड़ताल की है, लेकिन कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया।' यह बयान उनकी दशकों पुरानी अहिंसक आंदोलन की विचारधारा को रेखांकित करता है।