क्या लचीलापन और तनाव मुक्त जीवन संभव है? आयुष मंत्रालय ने सूर्य नमस्कार की 12 मुद्राओं के लाभ बताए हैं
सारांश
Key Takeaways
- सूर्य नमस्कार से शरीर की सभी मांसपेशियों को सक्रिय करने में मदद मिलती है।
- यह तनाव को कम करता है और मानसिक शांति लाता है।
- नियमित अभ्यास से मेटाबॉलिज्म को सुधारता है और वजन घटाने में सहायक है।
- यह लचीलापन बढ़ाने और चोटों से बचाने में मदद करता है।
- सूर्य नमस्कार का अभ्यास प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है।
मुंबई, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सूर्य नमस्कार योग का एक प्राचीन अंग है, जो शारीरिक और मानसिक संतुलन के लिए अत्यंत फायदेमंद माना जाता है। आयुष मंत्रालय ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर सूर्य नमस्कार की 12 मुद्राओं को साझा करते हुए इसकी महत्ता को उजागर किया।
आयुष मंत्रालय ने उल्लेख किया कि सूर्य नमस्कार की ये 12 मुद्राएं शरीर की लगभग सभी मांसपेशियों को सक्रिय करती हैं। यह शरीर में लचीलापन लाने, वजन घटाने और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने का एक प्रभावी उपाय भी है। साथ ही, सही श्वास के साथ इसका अभ्यास मानसिक शांति और शारीरिक शक्ति भी प्रदान करता है।
सूर्य नमस्कार का अभ्यास करने से पहले सही श्वास की जानकारी होना आवश्यक है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, शुरुआत में हथेलियों को नमस्कार मुद्रा में जोड़ना चाहिए, जिससे ध्यान केंद्रित होता है और मन स्थिर होता है। यह मुद्रा न केवल मानसिक एकाग्रता बढ़ाती है, बल्कि शरीर की स्थिति को सही दिशा में तैयार करती है।
इसके बाद, जब आप पीछे की ओर झुकते हैं, तो शरीर की रीढ़ की हड्डी लचीली होती है और फेफड़े खुलते हैं, जिससे फेफड़ों में अधिक ऑक्सीजन का प्रवेश होता है। इस प्रक्रिया में श्वास लेना बहुत महत्वपूर्ण है, जो शरीर को ऊर्जा देता है।
अगले चरण में, सिर को नीचे की ओर झुकाना शरीर के रक्त संचार में सुधार करता है। यह मुद्रा खासतौर पर सिरदर्द और तनाव को कम करने में मददगार होती है। साथ ही, जब आप शरीर को आगे की ओर झुकाते हैं और कंधों तथा कमर को सक्रिय करते हैं, तो यह पीठ दर्द और कंधे की जकड़न को दूर करता है। सांस छोड़ते और लेते हुए इन मुद्राओं का अनुकरण शरीर की मांसपेशियों को आराम देता है और उनमें ताकत भी बढ़ाता है।
सूर्य नमस्कार की एक और खास बात यह है कि यह पूरे शरीर को एक साथ काम करने के लिए प्रेरित करता है। जैसे-जैसे आप इन 12 मुद्राओं में आगे बढ़ते हैं, आपकी छाती, पेट, हाथ, पैर और पीठ की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। इस प्रक्रिया से रक्त संचार में सुधार होता है और शरीर के अंगों को पर्याप्त पोषण मिलता है। मेटाबॉलिज्म भी तेज होता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो अपनी दिनचर्या में व्यायाम के लिए समय निकालना चाहते हैं और साथ ही तनाव से भी मुक्त होना चाहते हैं।
सूर्य नमस्कार की मुद्राओं में शरीर को मोड़ने, झुकाने और फैलाने की कई गतियां शामिल हैं, जो लचीलापन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह लचीलापन न केवल शारीरिक चोटों से बचाता है, बल्कि मांसपेशियों को मजबूत भी बनाता है। इसके साथ ही, नियमित अभ्यास से शारीरिक संतुलन और सहनशीलता में भी सुधार होता है।
आयुष मंत्रालय द्वारा साझा की गई 12 मुद्राओं का अपना विशिष्ट लाभ है। जैसे प्रारंभिक मुद्रा, जहां हाथ नमस्कार मुद्रा में होते हैं, यह ध्यान केंद्रित करता है। फिर धीरे-धीरे शरीर को पीछे झुकाना रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है। सिर नीचे करने से तनाव कम होता है और आगे झुकने से मांसपेशियों को खिंचाव मिलता है। इन सभी मुद्राओं के संयोजन से पूरे शरीर को एक बेहतरीन कसरत मिलती है, जो न केवल शरीर को फिट बनाता है, बल्कि मानसिक थकान को भी समाप्त करता है।
सूर्य नमस्कार का नियमित अभ्यास वजन घटाने के लिए भी काफी प्रभावी माना जाता है। यह व्यायाम पूरे शरीर की कैलोरी कम करने में मदद करता है और मेटाबॉलिज्म को तेज करता है। इससे शरीर के अंदरूनी अंगों को भी लाभ मिलता है और पाचन तंत्र बेहतर काम करता है। साथ ही, यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है, जिससे हम बीमारियों से लड़ने में सक्षम होते हैं।