चेहरे की रंगत सुधारने वाले मौसमी फलों के लाभ, जानें कैसे पाएँगे नेचुरल ग्लो
सारांश
Key Takeaways
- संतरे और अन्य खट्टे फल त्वचा के लिए बहुत लाभदायक होते हैं।
- इनमें मौजूद विटामिन सी त्वचा को निखारता है।
- संतरे के छिलके का पाउडर प्राकृतिक एक्सफोलिएटर का काम करता है।
- प्राकृतिक चीजों का उपयोग संतुलित मात्रा में करना चाहिए।
- संतरे का रस त्वचा को हाइड्रेट करने में मदद करता है।
नई दिल्ली, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रदूषण और तेज धूप के कारण हमारी त्वचा पर गहरा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में कई लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन इनमें मौजूद रासायनिक तत्व कई बार त्वचा को और भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर त्वचा को अंदर से सही पोषण मिले, तो उसका असर बाहर भी दिखाई देता है।
इसलिए, मौसमी फल त्वचा के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं। इन फलों में पाए जाने वाले प्राकृतिक तत्व त्वचा की गहराई में जाकर उसे साफ करते हैं, मृत कोशिकाओं को हटाते हैं और नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करते हैं। विशेषतः खट्टे फल, जिनमें विटामिन सी की अच्छी खासी मात्रा होती है, त्वचा को निखारने और दाग-धब्बों को कम करने में सहायक होते हैं।
वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, विटामिन सी त्वचा में कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे त्वचा टाइट और स्वस्थ बनी रहती है। गर्मियों में मिलने वाला संतरा इस संदर्भ में सबसे अधिक फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी त्वचा की टैनिंग को कम करने में सहायक हैं।
जब त्वचा सूर्य की तेज किरणों के संपर्क में आती है, तो उसमें मेलानिन की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे चेहरा काला दिखने लगता है। संतरे में उपस्थित पोषक तत्व धीरे-धीरे त्वचा की रंगत को सुधारते हैं। इसके अतिरिक्त, संतरा त्वचा की सफाई भी करता है, जिससे चेहरे पर जमी गंदगी और ऑयल हट जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि संतरे के छिलके में भी उतने ही पोषक तत्व होते हैं जितने उसके गूदे में। सूखे छिलकों का पाउडर जब त्वचा पर लगाया जाता है, तो यह एक प्राकृतिक एक्सफोलिएटर के रूप में कार्य करता है। यह मृत त्वचा को हटाकर नई त्वचा को बाहर लाता है। वहीं, संतरे का रस त्वचा को हाइड्रेट रखने में मदद करता है। इसमें हल्दी जैसे प्राकृतिक तत्व मिलाने से त्वचा को अतिरिक्त एंटीबैक्टीरियल लाभ मिलते हैं, जिससे पिंपल्स और दाने कम होते हैं।
हालांकि, किसी भी प्राकृतिक चीज का उपयोग संतुलित मात्रा में करना चाहिए। जरूरत से ज्यादा उपयोग करने से त्वचा सूखी हो सकती है। इसलिए सप्ताह में दो से तीन बार ही इस उपाय को करना अधिक उचित है।