क्या दही या छाछ मानसून में बेहतर विकल्प है?

सारांश
Key Takeaways
- दही सेहत के लिए लाभकारी है, लेकिन मानसून में छाछ बेहतर विकल्प है।
- छाछ में कम कैलोरी होती है और यह जल्दी पच जाती है।
- दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं जो पाचन को सुधारते हैं।
- छाछ शरीर को हाइड्रेटेड रखती है।
- दही और छाछ दोनों के अपने फायदे हैं।
नई दिल्ली, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, दही और छाछ जैसे ठंडे पेय पदार्थों की मांग में इजाफा होता है। ये दोनों ही गर्मी के मौसम में ठंडक पहुंचाते हैं और पाचन में सुधार करने में मदद करते हैं। लेकिन जैसे ही मानसून शुरू होता है, अक्सर यह सवाल उठता है कि छाछ और दही में से कौन सा विकल्प बेहतर है।
आयुर्वेद और विज्ञान दोनों ही दही को स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक फायदेमंद मानते हैं। यह ऐतिहासिक रूप से सेहत के लिए एक महत्वपूर्ण खाद्य पदार्थ रहा है। मानसून में, जब हम पेट से जुड़ी समस्याओं का सामना करते हैं, तो छाछ को अधिक उपयुक्त माना जाता है। मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण ठंडी तासीर वाली दही कभी-कभी हानिकारक भी हो सकती है।
अमेरिकन नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, दही प्राकृतिक बैक्टीरिया के सहारे दूध को फर्मेंट करके तैयार किया जाता है, जिसमें लैक्टोबैसिलस जैसे प्रोबायोटिक्स होते हैं। ये प्रोबायोटिक्स हमारे पाचन तंत्र के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं, क्योंकि ये आंतों में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाते हैं और हानिकारक बैक्टीरिया को कम करते हैं। इससे हमारा पाचन बेहतर होता है और कब्ज की समस्याओं में राहत मिलती है।
दही में प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन बी१२ जैसे आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जो हड्डियों की मजबूती और मांसपेशियों के विकास में मदद करते हैं। एक अध्ययन में पाया गया है कि नियमित रूप से दही खाने से आंतों की सूजन कम होती है और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। हालांकि, बाजार में मिलने वाला मीठा दही अधिक चीनी के कारण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
दूसरी ओर, छाछ भी एक बेहतरीन पाचन विकल्प है। इसे दही को पानी मिलाकर मथकर तैयार किया जाता है, जिससे इसमें दही की तुलना में कम फैट और कैलोरी होती है। छाछ हल्की होती है और आसानी से पच जाती है। इसमें लैक्टिक एसिड होता है, जो पाचन को तेज करता है और पेट की जलन को कम करता है।
इसके अतिरिक्त, छाछ में इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जो शरीर में पानी और मिनरल्स का संतुलन बनाए रखते हैं, जिससे शरीर हाइड्रेटेड रहता है। एक अध्ययन के अनुसार, छाछ मानसून में शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करती है और थकान को कम करती है। इसका स्वाद और ठंडक तुरंत ताजगी देती है। इसलिए, जब खाना भारी लगे या पाचन में समस्या हो, तो छाछ पीना सबसे अच्छा विकल्प होता है।
पाचन के संदर्भ में, दही और छाछ दोनों की अपनी-अपनी विशेषताएं हैं।