7 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या दही या छाछ मानसून में बेहतर विकल्प है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या दही या छाछ मानसून में बेहतर विकल्प है?

सारांश

गर्मियों में दही और छाछ की मांग बढ़ती है, लेकिन मानसून में कौन सा विकल्प है बेहतर? जानें दही और छाछ के स्वास्थ्य लाभ और उनके पाचन में योगदान।

मुख्य बातें

दही सेहत के लिए लाभकारी है, लेकिन मानसून में छाछ बेहतर विकल्प है।
छाछ में कम कैलोरी होती है और यह जल्दी पच जाती है।
दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं जो पाचन को सुधारते हैं।
छाछ शरीर को हाइड्रेटेड रखती है।
दही और छाछ दोनों के अपने फायदे हैं।

नई दिल्ली, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, दही और छाछ जैसे ठंडे पेय पदार्थों की मांग में इजाफा होता है। ये दोनों ही गर्मी के मौसम में ठंडक पहुंचाते हैं और पाचन में सुधार करने में मदद करते हैं। लेकिन जैसे ही मानसून शुरू होता है, अक्सर यह सवाल उठता है कि छाछ और दही में से कौन सा विकल्प बेहतर है।

आयुर्वेद और विज्ञान दोनों ही दही को स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक फायदेमंद मानते हैं। यह ऐतिहासिक रूप से सेहत के लिए एक महत्वपूर्ण खाद्य पदार्थ रहा है। मानसून में, जब हम पेट से जुड़ी समस्याओं का सामना करते हैं, तो छाछ को अधिक उपयुक्त माना जाता है। मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण ठंडी तासीर वाली दही कभी-कभी हानिकारक भी हो सकती है।

अमेरिकन नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, दही प्राकृतिक बैक्टीरिया के सहारे दूध को फर्मेंट करके तैयार किया जाता है, जिसमें लैक्टोबैसिलस जैसे प्रोबायोटिक्स होते हैं। ये प्रोबायोटिक्स हमारे पाचन तंत्र के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं, क्योंकि ये आंतों में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाते हैं और हानिकारक बैक्टीरिया को कम करते हैं। इससे हमारा पाचन बेहतर होता है और कब्ज की समस्याओं में राहत मिलती है।

दही में प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन बी१२ जैसे आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जो हड्डियों की मजबूती और मांसपेशियों के विकास में मदद करते हैं। एक अध्ययन में पाया गया है कि नियमित रूप से दही खाने से आंतों की सूजन कम होती है और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। हालांकि, बाजार में मिलने वाला मीठा दही अधिक चीनी के कारण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

दूसरी ओर, छाछ भी एक बेहतरीन पाचन विकल्प है। इसे दही को पानी मिलाकर मथकर तैयार किया जाता है, जिससे इसमें दही की तुलना में कम फैट और कैलोरी होती है। छाछ हल्की होती है और आसानी से पच जाती है। इसमें लैक्टिक एसिड होता है, जो पाचन को तेज करता है और पेट की जलन को कम करता है।

इसके अतिरिक्त, छाछ में इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जो शरीर में पानी और मिनरल्स का संतुलन बनाए रखते हैं, जिससे शरीर हाइड्रेटेड रहता है। एक अध्ययन के अनुसार, छाछ मानसून में शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करती है और थकान को कम करती है। इसका स्वाद और ठंडक तुरंत ताजगी देती है। इसलिए, जब खाना भारी लगे या पाचन में समस्या हो, तो छाछ पीना सबसे अच्छा विकल्प होता है।

पाचन के संदर्भ में, दही और छाछ दोनों की अपनी-अपनी विशेषताएं हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों ही स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं, लेकिन मानसून के मौसम में छाछ को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यह न केवल पाचन में सुधार करती है, बल्कि शरीर को हाइड्रेटेड भी रखती है।
RashtraPress
7 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या दही स्वास्थ्य के लिए अच्छा है?
हाँ, दही में कई पोषक तत्व होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं।
क्या छाछ पाचन में मदद करती है?
जी हाँ, छाछ पाचन क्रिया को सुधारने में सहायक होती है।
दही और छाछ में क्या अंतर है?
दही दूध से बनती है जबकि छाछ दही को पानी मिलाकर बनाई जाती है।
क्या दही रात में खाना चाहिए?
कुछ लोगों को रात में दही खाने से बलगम की समस्या हो सकती है, इसलिए इसे सावधानी से लेना चाहिए।
क्या छाछ मानसून में पीना चाहिए?
हाँ, छाछ मानसून में शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन देती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले