21 जुलाई 2026
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PM मोदी ने वर्चुअल माध्यम से किया प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 का शुभारंभ, अहमदाबाद में 4–8 जून तक होगा महामुकाबला

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PM मोदी ने वर्चुअल माध्यम से किया प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 का शुभारंभ, अहमदाबाद में 4–8 जून तक होगा महामुकाबला

सारांश

अहमदाबाद में पहली बार विश्व योगासन चैंपियनशिप का आगाज़ — PM मोदी ने वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया और योगासन को ओलंपिक खेल बनाने का संकल्प दोहराया। 190 देशों के समर्थन से शुरू हुई योग-यात्रा अब प्रतिस्पर्धी खेल की दहलीज़ पर है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 4 जून 2026 को वर्चुअल माध्यम से प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 का उद्घाटन किया।
प्रतियोगिता अहमदाबाद में 4 जून से 8 जून 2026 तक आयोजित हो रही है।
मोदी ने योगासन को भविष्य में ओलंपिक सहित बहुखेल प्रतियोगिताओं में शामिल कराने का लक्ष्य रखा।
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ( 21 जून ) का मुख्य कार्यक्रम कोलकाता में होगा; थीम 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' ।
आयुष मंत्रालय की 'योगा 365' पहल के तहत प्रतिभागियों से अपने देशों में योग का संदेश फैलाने की अपील की गई।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रस्ताव को 190 देशों का समर्थन मिला था, जिससे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत हुई थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जून 2026 की शाम वर्चुअल माध्यम से प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 का आधिकारिक शुभारंभ किया, जो अहमदाबाद में 4 जून से 8 जून तक आयोजित हो रही है। यह ऐतिहासिक प्रतियोगिता योगासन को एक प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय खेल के रूप में स्थापित करने की दिशा में पहला ठोस कदम है।

उद्घाटन संबोधन की मुख्य बातें

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, अहमदाबाद की धरती से विश्व की खेल विरासत में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। उन्होंने इस आयोजन को यूनेस्को विश्व हेरिटेज सिटी अहमदाबाद के लिए गर्व का क्षण बताया और सभी भाग लेने वाले प्रतिभागियों का स्वागत किया।

मोदी ने कहा, 'विश्व योगासन चैंपियनशिप, 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले स्वास्थ्य और वेलनेस की डबल डोज की तरह है।' उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम कोलकाता में आयोजित होगा और इसकी थीम 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' है।

योग को ओलंपिक खेल बनाने का संकल्प

प्रधानमंत्री ने इस चैंपियनशिप को योगासन के वैश्विक खेल के रूप में उभरने की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा, 'मुझे विश्वास है कि भविष्य में योगासन भी ओलंपिक या किसी भी बहुखेल प्रतियोगिता में अपनी जगह बनाएगा।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि एक दशक पहले भारत संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव लेकर गया था, जिसे 190 देशों का समर्थन मिला था।

रोज़गार और इकोसिस्टम की संभावनाएँ

मोदी ने खेल के आर्थिक पहलू पर भी ज़ोर दिया। उनके अनुसार, जैसे-जैसे योगासन एक संगठित खेल के रूप में विस्तार पाएगा, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, खेल वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और इवेंट प्रबंधकों के लिए नए रोज़गार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा, 'हर बड़ा खेल अपने साथ एक पूरा इकोसिस्टम लेकर आता है।'

योगा 365 और वैश्विक दूत की अपील

प्रधानमंत्री ने बताया कि आयुष मंत्रालय ने 'योगा 365' पहल शुरू की है। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि जब वे अपने देशों में लौटें, तो योग का संदेश साथ ले जाएँ और 'योगा 365' के दूत बनें। उन्होंने कहा, 'न्यूनतम बजट में उच्च जीवनशैली का यह सर्वोत्तम उपाय है — हर रोज योग, भगाएगा सब रोग।'

प्रतियोगिता का महत्त्व

यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब पूरी दुनिया 21 जून के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों में जुटी है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा, 'इस प्रतियोगिता में जीत चाहे जिसकी भी हो, आप सभी हिस्सा लेकर पहले ही चैंपियन बन चुके हैं।' विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 अहमदाबाद ओपन की यह पहली कड़ी भारत के योग-कूटनीति के एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

संस्थागत स्वरूप में ढालने की कोशिश है — अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की सांस्कृतिक सफलता को अब प्रतिस्पर्धी खेल की संरचना में बदला जा रहा है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या योगासन को ओलंपिक में जगह दिलाने की राह उतनी सरल है जितनी भाषणों में दिखती है — अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के मानदंड, वैश्विक खिलाड़ी आधार और डोपिंग-रोधी ढाँचे जैसी बाधाएँ अभी भी बरकरार हैं। 'योगा 365' और इस चैंपियनशिप के ज़रिये आयुष मंत्रालय एक वैश्विक सॉफ्ट-पावर नेटवर्क बनाने की कोशिश कर रहा है, जो स्वास्थ्य पर्यटन और खेल अर्थव्यवस्था दोनों को साधे। यह दांव दीर्घकालिक है, पर इसकी सफलता क्रियान्वयन और अंतरराष्ट्रीय खेल निकायों की स्वीकृति पर निर्भर करेगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 क्या है और कहाँ हो रही है?
यह योगासन की पहली अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी चैंपियनशिप है, जो 4 जून से 8 जून 2026 तक अहमदाबाद में आयोजित हो रही है। इसका उद्घाटन PM नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से किया।
PM मोदी ने इस चैंपियनशिप में क्या संदेश दिया?
मोदी ने योगासन को भविष्य में ओलंपिक सहित बहुखेल प्रतियोगिताओं में शामिल कराने का लक्ष्य रखा। उन्होंने प्रतिभागियों से 'योगा 365' के दूत बनने और अपने देशों में योग का संदेश फैलाने की अपील की।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम और मुख्य आयोजन स्थल क्या है?
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून 2026) की थीम 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' है। मुख्य कार्यक्रम कोलकाता में आयोजित होगा।
'योगा 365' पहल क्या है?
आयुष मंत्रालय द्वारा शुरू की गई 'योगा 365' एक ऐसी पहल है जो साल के हर दिन योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने को प्रोत्साहित करती है। PM मोदी ने विश्व योगासन चैंपियनशिप के प्रतिभागियों से इस पहल के वैश्विक दूत बनने का आग्रह किया।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत कैसे की?
भारत ने लगभग एक दशक पहले संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था, जिसे 190 देशों का समर्थन मिला था। तब से हर वर्ष 21 जून को विश्वभर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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