19 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

फ्लू में ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी: एंटीबायोटिक से लेकर खानपान तक, जानें सही तरीका

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
फ्लू में ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी: एंटीबायोटिक से लेकर खानपान तक, जानें सही तरीका

सारांश

फ्लू को मामूली समझकर बिना डॉक्टर की सलाह एंटीबायोटिक लेना, पानी न पीना और आराम न करना — ये छोटी गलतियां बीमारी को गंभीर बना सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सतर्कता जरूरी है।

मुख्य बातें

फ्लू एक वायरसजनित संक्रमण है जो नाक, गले और फेफड़ों को प्रभावित करता है — इसे सामान्य सर्दी न समझें।
तेज बुखार, सांस में तकलीफ या सीने में दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें।
डिहाइड्रेशन से बचने के लिए दिनभर पानी, सूप और नारियल पानी लेते रहें; चाय-कॉफी पानी का विकल्प नहीं।
एंटीबायोटिक वायरस पर असरकारक नहीं — बिना डॉक्टर की सलाह इन्हें न लें।
छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पुरानी बीमारी से पीड़ित लोग फ्लू में अधिक जोखिम में होते हैं।
हल्का और पोषणयुक्त भोजन — दाल, दही, फल, खिचड़ी — शरीर को ठीक होने में मदद करता है।

मौसम परिवर्तन के साथ इन्फ्लुएंजा (फ्लू) का खतरा बढ़ जाता है — यह एक वायरसजनित श्वसन संक्रमण है जो नाक, गले और फेफड़ों को प्रभावित करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, फ्लू के लक्षण अक्सर सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे लगते हैं, जिसके चलते लोग बिना चिकित्सीय सलाह के दवाएं लेना शुरू कर देते हैं। यही लापरवाही बीमारी को गंभीर रूप दे सकती है।

फ्लू के लक्षण और कब हो जाएं सतर्क

फ्लू में अचानक तेज बुखार, खांसी, गले में दर्द, सिरदर्द, शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान हो सकती है। कुछ मरीजों में भूख भी कम हो जाती है। अधिकांश मामलों में घर पर आराम से राहत मिल जाती है, लेकिन यदि बुखार अत्यधिक हो, सांस लेने में कठिनाई हो, सीने में दर्द हो या तबीयत लगातार बिगड़ती जाए, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।

छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को फ्लू के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि इन वर्गों में जटिलताओं का जोखिम अधिक होता है।

पानी और तरल पदार्थों की अनदेखी न करें

फ्लू के दौरान बुखार और पसीने के कारण शरीर में जल की कमी (डिहाइड्रेशन) हो सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। सूप, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थ भी उपयोगी हैं।

यदि उल्टी या दस्त भी हों, तो शरीर में पानी और नमक की कमी और तेजी से हो सकती है — ऐसी स्थिति में चिकित्सीय परामर्श अनिवार्य है। चाय और कॉफी को पानी का विकल्प न मानें; शरीर को सर्वाधिक आवश्यकता सादे पानी और उचित तरल पदार्थों की होती है।

आराम और संक्रमण से बचाव

फ्लू के दौरान शरीर वायरस से लड़ रहा होता है, इसलिए अत्यधिक शारीरिक श्रम से थकान और बढ़ सकती है। पर्याप्त नींद शरीर को स्वयं को ठीक करने का अवसर देती है। साथ ही, फ्लू एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है, इसलिए खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना और हाथों को साफ रखना जरूरी है।

खानपान में बरतें सावधानी

बीमारी में भूख कम लगना स्वाभाविक है, लेकिन लंबे समय तक खाना न खाना उचित नहीं। शरीर को संक्रमण से लड़ने के लिए पोषण की आवश्यकता होती है। एक साथ भारी भोजन के बजाय थोड़ा-थोड़ा और बार-बार खाएं

दाल, अंडा, दूध, दही और पनीर जैसे प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों के साथ फल और हरी सब्जियां भी आहार में शामिल करें। खिचड़ी और दलिया जैसा हल्का भोजन भी उपयुक्त रहता है। हालांकि, किसी एक विटामिन की अधिक मात्रा लेने से फ्लू तुरंत ठीक नहीं होता — यह भ्रांति आम है।

बिना डॉक्टर की सलाह एंटीबायोटिक न लें

फ्लू एक वायरसजनित बीमारी है, इसलिए हर मरीज को एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती। एंटीबायोटिक दवाएं बैक्टीरियल संक्रमण में कारगर होती हैं, वायरस पर इनका सीधा प्रभाव नहीं पड़ता। फिर भी बिना चिकित्सीय परामर्श के एंटीबायोटिक लेना न केवल अप्रभावी है, बल्कि यह एंटीबायोटिक प्रतिरोध जैसी गंभीर समस्या को भी बढ़ावा दे सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि दवा हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही लें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि स्व-चिकित्सा (self-medication) की आदत है — जहाँ मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक खरीदना उतना ही आसान है जितना पैरासिटामोल। यह प्रवृत्ति एंटीबायोटिक प्रतिरोध की उस राष्ट्रीय समस्या को और गहरा करती है जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) वैश्विक स्वास्थ्य के लिए बड़े खतरों में गिनाता है। मौसमी फ्लू की आड़ में असली चुनौती यह है कि प्राथमिक स्वास्थ्य ढाँचे तक आम नागरिक की पहुँच अभी भी सीमित है, जिससे 'डॉक्टर से पूछे बिना दवा' की संस्कृति पनपती है।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फ्लू और सामान्य सर्दी-जुकाम में क्या फर्क है?
फ्लू (इन्फ्लुएंजा) एक वायरसजनित संक्रमण है जो सामान्य सर्दी की तुलना में अधिक तीव्र होता है — इसमें अचानक तेज बुखार, शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान होती है। सामान्य सर्दी में आमतौर पर बुखार कम या नहीं होता और लक्षण धीरे-धीरे आते हैं।
फ्लू में एंटीबायोटिक लेना सही है?
नहीं। फ्लू वायरस से होता है और एंटीबायोटिक केवल बैक्टीरियल संक्रमण में कारगर होती हैं। बिना डॉक्टर की सलाह एंटीबायोटिक लेने से न केवल कोई फायदा नहीं होता, बल्कि एंटीबायोटिक प्रतिरोध का खतरा भी बढ़ता है।
फ्लू में कितना पानी पीना चाहिए?
फ्लू में बुखार और पसीने से डिहाइड्रेशन हो सकता है, इसलिए दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। सूप और नारियल पानी भी उपयुक्त हैं; चाय-कॉफी को पानी का विकल्प न बनाएं।
फ्लू में डॉक्टर के पास कब जाना जरूरी है?
यदि बुखार बहुत तेज हो, सांस लेने में तकलीफ हो, सीने में दर्द हो, बहुत अधिक कमजोरी हो या तबीयत लगातार बिगड़ती जाए तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को फ्लू के शुरुआती लक्षणों में ही चिकित्सीय सलाह लेनी चाहिए।
फ्लू में क्या खाना चाहिए?
फ्लू में हल्का और पोषणयुक्त भोजन लें — दाल, अंडा, दही, खिचड़ी, फल और हरी सब्जियां उपयुक्त हैं। एक साथ भारी भोजन के बजाय थोड़ा-थोड़ा और बार-बार खाना बेहतर रहता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले