बदलते मौसम में सेहत: NHM की चेतावनी — ये 5 गलतियाँ पड़ सकती हैं भारी

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बदलते मौसम में सेहत: NHM की चेतावनी — ये 5 गलतियाँ पड़ सकती हैं भारी

सारांश

गर्मी और बारिश के बीच का मौसम सेहत के लिए सबसे जोखिम भरा होता है। NHM के विशेषज्ञों ने साफ़ चेताया है — दूषित पानी, बासी खाना और घर में जमा पानी जैसी छोटी लापरवाहियाँ डेंगू, मलेरिया और वायरल संक्रमण को दावत दे सकती हैं। थोड़ी सावधानी, पूरे परिवार की सुरक्षा।

मुख्य बातें

NHM विशेषज्ञों ने बदलते मौसम में वायरल संक्रमण, डेंगू और मलेरिया के बढ़ते जोखिम के प्रति आगाह किया है।
बुखार, उल्टी, दस्त जैसे लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें — तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
हमेशा उबला या फ़िल्टर किया हुआ पानी पिएँ; बाज़ार का अनफ़िल्टर्ड पानी और बासी खाना सख्त वर्जित।
छत, गमलों और कूलर में पानी जमा न होने दें — यह डेंगू-मलेरिया के मच्छरों का प्रजनन स्थल बनता है।
रोज़ाना व्यायाम, 7-8 घंटे नींद और संतुलित आहार से रोग-प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत रखें।
खाने से पहले और बाहर से आने के बाद साबुन से हाथ धोना सबसे सरल और प्रभावी सुरक्षा उपाय है।

नई दिल्ली, 5 मई: गर्मी और बारिश के बीच के बदलते मौसम में वायरल संक्रमण, पेट संबंधी बीमारियाँ और डेंगू-मलेरिया जैसे जोखिम तेज़ी से बढ़ जाते हैं। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, थोड़ी-सी सावधानी और सही दैनिक आदतें अपनाकर इन खतरों को काफी हद तक टाला जा सकता है। विशेषज्ञों ने चेताया है कि कुछ सामान्य-सी दिखने वाली गलतियाँ छोटी तकलीफ को बड़ी बीमारी में बदल सकती हैं।

लक्षणों को नज़रअंदाज़ करना सबसे बड़ी भूल

NHM के विशेषज्ञों का कहना है कि बुखार, सिरदर्द, उल्टी, दस्त या असामान्य कमज़ोरी जैसे लक्षण दिखने पर उन्हें मौसम बदलाव की सामान्य प्रतिक्रिया मानकर नज़रअंदाज़ न करें। कई बार लोग घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहते हैं, जो स्थिति को और बिगाड़ सकता है। ऐसे में तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें और ज़रूरी जाँच करवाएँ।

पानी और खान-पान में बरतें विशेष सावधानी

विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम बदलने पर सबसे बड़ा खतरा दूषित पानी और खाने से जुड़ी बीमारियों का होता है। हमेशा उबला हुआ या फ़िल्टर किया हुआ पानी ही पिएँ और बाज़ार का ठंडा या अनफ़िल्टर्ड पानी पीने से बचें। इस मौसम में खाना जल्दी खराब होता है, इसलिए बासी भोजन से पूरी तरह परहेज़ करें और केवल ताज़ा, अच्छी तरह पका हुआ खाना ही खाएँ।

संतुलित आहार और स्वच्छता से बढ़ाएँ रोग-प्रतिरोधक क्षमता

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि मौसमी फल, सब्ज़ियाँ, दालें, अनाज और पर्याप्त प्रोटीन युक्त संतुलित आहार लें, जिससे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत बनी रहे। हाथों की स्वच्छता इस मौसम में सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है — खाना खाने से पहले, शौचालय इस्तेमाल के बाद और बाहर से घर लौटने पर साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएँ। बच्चों में यह आदत विशेष रूप से डालें।

घर के आसपास जमा पानी बनता है डेंगू-मलेरिया का कारण

छत, गमलों, कूलर या किसी भी बर्तन में पानी जमा न होने दें, क्योंकि एकत्रित पानी मच्छरों के पनपने का मुख्य कारण बनता है, जिससे डेंगू और मलेरिया फैलता है। घर के आसपास नियमित सफ़ाई करें और कीटनाशक का उचित उपयोग करें। NHM के अनुसार, सामुदायिक स्तर पर सफ़ाई अभियान इन बीमारियों की रोकथाम में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद भी उतनी ही ज़रूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि मौसम बदलते समय रोज़ाना हल्का व्यायाम करें, 7-8 घंटे की पर्याप्त नींद लें और तनाव को नियंत्रण में रखें। ये छोटी-छोटी आदतें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय रखती हैं और मौसमी बीमारियों से बचाव में सहायक होती हैं। इन सरल उपायों को अपनाकर पूरे परिवार को स्वस्थ रखा जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र इन चेतावनियों को ज़मीनी स्तर तक कितनी कुशलता से पहुँचाता है। हर साल मानसून से पहले डेंगू-मलेरिया की वही चेतावनियाँ दोहराई जाती हैं, फिर भी मामलों में उछाल आता है — यह जागरूकता की कमी नहीं, बल्कि नगर निकायों की जल-निकासी और सफ़ाई व्यवस्था की विफलता का संकेत है। व्यक्तिगत सावधानी ज़रूरी है, पर बिना मज़बूत सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे के, यह ज़िम्मेदारी पूरी तरह नागरिक पर डाल देना न्यायसंगत नहीं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बदलते मौसम में कौन-सी बीमारियाँ सबसे ज़्यादा फैलती हैं?
मौसम बदलने पर वायरल बुखार, पेट संबंधी संक्रमण, डेंगू और मलेरिया सबसे आम बीमारियाँ हैं। NHM के अनुसार, दूषित पानी और मच्छरों के पनपने से ये जोखिम और बढ़ जाते हैं।
डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए घर में क्या करें?
घर की छत, गमलों, कूलर और किसी भी बर्तन में पानी जमा न होने दें, क्योंकि यही मच्छरों का प्रजनन स्थल बनता है। नियमित सफ़ाई करें और कीटनाशक का उचित उपयोग करें।
बदलते मौसम में क्या खाना-पीना सुरक्षित है?
हमेशा उबला हुआ या फ़िल्टर किया हुआ पानी पिएँ और बासी खाने से पूरी तरह बचें। मौसमी फल, सब्ज़ियाँ, दालें और प्रोटीन युक्त ताज़ा भोजन खाएँ जिससे रोग-प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत रहे।
मौसम बदलाव के दौरान किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?
बुखार, सिरदर्द, उल्टी, दस्त या असामान्य कमज़ोरी दिखने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। NHM विशेषज्ञों के अनुसार, इन्हें सामान्य मौसमी लक्षण मानकर नज़रअंदाज़ करना खतरनाक हो सकता है।
बदलते मौसम में रोग-प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाएँ?
रोज़ाना हल्का व्यायाम करें, 7-8 घंटे की नींद लें, तनाव कम रखें और संतुलित पौष्टिक आहार लें। हाथों की नियमित सफ़ाई और स्वच्छ पानी का सेवन भी इम्युनिटी बनाए रखने में सहायक है।
राष्ट्र प्रेस
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