अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025: उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार और पौड़ी में सामूहिक योगाभ्यास, मंत्रियों और नागरिकों ने लिया संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून 2025 को उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल और रामनगर सहित कई जिलों में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए। जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, योग प्रशिक्षकों और हज़ारों आम नागरिकों ने इन आयोजनों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी वक्ताओं ने योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन की नींव बताते हुए इसे प्रतिदिन की दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया।
देहरादून में सिटी फॉरेस्ट पार्क में भव्य आयोजन
राजधानी देहरादून के सिटी फॉरेस्ट पार्क में योग दिवस का भव्य समारोह आयोजित किया गया, जिसमें शहर के विभिन्न हिस्सों से परिवार बड़ी संख्या में पहुँचे। सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में योग दिवस को वैश्विक पहचान मिली है।" उन्होंने यह भी कहा कि आज की व्यस्त जीवनशैली में परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताना कठिन होता जा रहा है, लेकिन योग लोगों को एक साथ जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रहा है। उन्होंने नागरिकों से योग को अपनी दैनिक आदत बनाने की अपील की।
हरिद्वार के ऋषिकुल ग्राउंड में आयुष मंत्री की अगुवाई
हरिद्वार के ऋषिकुल ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में आयुष मंत्री मदन कौशिक और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित सहित अनेक अधिकारियों ने भाग लिया। जिलाधिकारी दीक्षित ने कहा, "योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।" आयुष मंत्री कौशिक ने कहा, "आज योग के क्षेत्र में भारत पूरी दुनिया का नेतृत्व कर रहा है, जो देश के लिए गर्व की बात है।" उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के संदेश का उल्लेख करते हुए जोर दिया कि योग किसी एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रतिदिन किए जाने वाला अभ्यास है।
पौड़ी गढ़वाल में कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने की अगुवाई
पौड़ी गढ़वाल में जिला स्तरीय योग कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने योग को भारत की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर बताया। उन्होंने कहा, "योग स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने का एक प्रभावी माध्यम है।" कार्यक्रम में विधायक राजकुमार पोरी, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया और जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. शैलेंद्र पांडे ने भी योग के महत्व पर प्रकाश डाला।
रामनगर में 'योग रूट्स' स्टूडियो की योग प्रशिक्षक का संदेश
रामनगर में योग प्रशिक्षक तृप्ति शर्मा ने अपने 'योग रूट्स' स्टूडियो के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया। एक फैशन डिज़ाइनर से योग और वेलनेस क्षेत्र की प्रमुख हस्ती बनीं तृप्ति शर्मा ने कहा, "इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय लोगों के बीच स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।" उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। रामनगर निवासी मीना गर्ग ने बताया कि वह पिछले एक वर्ष से नियमित योग कर रही हैं और इससे उन्हें शारीरिक व मानसिक दोनों स्तरों पर लाभ मिला है।
आम जनता पर असर और आगे की राह
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र ने 2014 में भारत के प्रस्ताव पर 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था, और तब से यह आयोजन प्रतिवर्ष वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है। उत्तराखंड, जो स्वयं योग की ऐतिहासिक भूमि रहा है, इस अवसर पर हर वर्ष बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सामूहिक योगाभ्यास न केवल स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाता है, बल्कि सामाजिक एकजुटता को भी मज़बूत करता है। इस वर्ष के आयोजनों में प्रशासनिक और जन-भागीदारी का स्तर उल्लेखनीय रहा, जो आने वाले वर्षों में इस परंपरा को और व्यापक बनाने का संकेत देता है।