क्या केरल में 11 साल की बच्ची को अमीबिक मेनिन्जाइटिस हुआ है?

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क्या केरल में 11 साल की बच्ची को अमीबिक मेनिन्जाइटिस हुआ है?

सारांश

केरल में एक 11 साल की बच्ची को 'ब्रेन-ईटिंग अमीबा' से संक्रमित होने की खबर आई है। यह मामला गंभीर है और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। जानें इस खतरनाक बीमारी के बारे में और कैसे इसे रोका जा सकता है।

मुख्य बातें

अमीबिक मेनिन्जाइटिस बच्ची का इलाज कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है।
इस बीमारी से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने सावधानी बरतने की अपील की है।
लोगों को जागरूकता फैलाने की जरूरत है।

केरल, 20 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केरल के मलप्पुरम जिले के चेलारी गांव में एक 11 साल की बच्ची को अमीबिक मेनिनजाइटिस नामक बीमारी का सामना करना पड़ रहा है, जिसे सामान्यतः 'ब्रेन-ईटिंग अमीबा' के नाम से जाना जाता है। यह दिमाग का एक दुर्लभ लेकिन जानलेवा संक्रमण है। बच्ची को कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती किया गया है और वह वेंटिलेटर पर है।

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, बच्ची का इलाज जारी है और हाल ही में किए गए पीसीआर टेस्ट में वह पॉजिटिव पाई गई। उसे पिछले सप्ताह बुखार के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया था।

इससे पहले, कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में अब इस बीमारी से पीड़ित मरीजों की संख्या तीन हो गई है। इनमें एक तीन महीने का शिशु और एक 40 साल का व्यक्ति भी शामिल हैं, जिन्हें इसी महीने पहले भर्ती किया गया था। तीनों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

इससे पूर्व, 14 अगस्त को कोझिकोड जिले की एक नौ साल की बच्ची की इसी बीमारी से मौत हो गई थी। उसे 13 अगस्त को तेज बुखार के कारण स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, लेकिन भर्ती होने के कुछ घंटों के भीतर ही उसकी मृत्यु हो गई।

जांच में यह पता चला कि उसे प्राइमरी अमीबिक मेनिन्जाइटिस नाम की बीमारी थी। यह तब होता है जब 'ब्रेन ईटिंग अमीबा' नाक के रास्ते शरीर में प्रवेश कर दिमाग को संक्रमित कर देता है।

इस साल फरवरी में, कोझिकोड के चेंगोट्टुकाव की एक 39 साल की महिला भी अमीबिक मेनिन्जाइटिस से मृत हो गई थीं। वह लगभग एक महीने तक अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ती रहीं।

अमीबिक मेनिन्जाइटिस एक घातक बीमारी है, जिसमें मृत्यु दर 97 प्रतिशत से अधिक होती है। यह नाक के रास्ते शरीर में प्रवेश करने वाले अमीबा के कारण होता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, मतली, उल्टी, भ्रम और बाद में दौरे और कोमा शामिल हैं।

राज्य स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। इसमें ठहरे हुए या दूषित पानी में नहाने से बचना, सार्वजनिक जल स्रोतों में क्लोरीनेशन सुनिश्चित करना और पानी में नाक बंद करने के लिए नोज क्लिप का उपयोग करना शामिल है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि अमीबिक मेनिन्जाइटिस एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग को इससे निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। जनता को भी जागरूकता फैलाने की जरूरत है ताकि ऐसे संक्रमणों से बचा जा सके।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमीबिक मेनिन्जाइटिस क्या है?
यह एक गंभीर संक्रमण है जो अमीबा के कारण होता है, जो नाक के रास्ते शरीर में प्रवेश कर दिमाग को संक्रमित करता है।
इसके लक्षण क्या हैं?
इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, और भ्रम शामिल हैं।
यह बीमारी कितनी खतरनाक है?
अमीबिक मेनिन्जाइटिस की मृत्यु दर 97 प्रतिशत से अधिक होती है।
इससे कैसे बचा जा सकता है?
दूषित पानी से बचना, सार्वजनिक जल स्रोतों में क्लोरीनेशन, और नाक बंद करने के लिए नोज क्लिप का उपयोग करना आवश्यक है।
क्या इससे संबंधित कोई नई जानकारी है?
हाल ही में, केरल में इस बीमारी के मामलों में वृद्धि हुई है, जिससे स्वास्थ्य विभाग चिंतित है।
राष्ट्र प्रेस
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