14 जुलाई 2026
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नोएडा में मानसून के साथ डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ा, जिला अस्पताल में 8 विशेष वार्ड तैयार

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नोएडा में मानसून के साथ डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ा, जिला अस्पताल में 8 विशेष वार्ड तैयार

सारांश

मानसून की बारिश के साथ नोएडा में डेंगू और मलेरिया का खतरा गहराने लगा है। जिला अस्पताल ने 8 विशेष वार्ड तैयार कर लिए हैं और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से जलभराव रोकने और लक्षण दिखते ही जाँच कराने की अपील की है।

मुख्य बातें

नोएडा के जिला अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए 8 विशेष वार्ड सक्रिय किए गए हैं।
14 जुलाई तक जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में डेंगू का कोई मरीज़ भर्ती नहीं है।
मानसून के दौरान जलभराव के कारण मच्छरों के प्रजनन से संक्रमण का खतरा बढ़ा।
स्वास्थ्य विभाग ने कूलर, गमले, टंकियाँ नियमित साफ करने और मच्छरदानी उपयोग की सलाह दी।
तेज़ बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द, लाल चकत्ते जैसे लक्षणों पर तुरंत सरकारी अस्पताल जाने की अपील।

मानसून सीजन की शुरुआत के साथ ही नोएडा में डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा तेज़ी से बढ़ रहा है। 14 जुलाई तक की स्थिति के अनुसार, जिला अस्पताल प्रशासन ने संभावित संक्रमण की लहर से निपटने के लिए 8 विशेष वार्ड सक्रिय कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतते हुए निवारक उपायों की अपील जारी की है।

मुख्य तैयारियाँ

जिला अस्पताल में तैयार किए गए 8 विशेष वार्डों में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी, आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडार और मरीजों की निरंतर निगरानी के लिए ज़रूरी चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, यदि आने वाले सप्ताहों में डेंगू के मामलों में वृद्धि होती है, तो मरीजों को तत्काल भर्ती करके उचित उपचार दिया जाएगा। राहत की बात यह है कि 14 जुलाई तक जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में डेंगू का कोई मरीज भर्ती नहीं हुआ है।

खतरा क्यों बढ़ रहा है

बारिश के मौसम में जगह-जगह होने वाले जलभराव और सफाई की कमी के कारण मच्छरों का प्रजनन तेज़ी से होता है। अधिकारियों का कहना है कि मानसून अभी जारी है, इसलिए आने वाले हफ्तों में संक्रमण का जोखिम और बढ़ सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले वर्षों में भी मानसून के दौरान नोएडा और उसके आसपास के क्षेत्रों में डेंगू के मामले उल्लेखनीय रूप से बढ़े थे।

स्वास्थ्य विभाग की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे घरों और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, पानी की टंकियाँ, पुराने टायर और अन्य ऐसे स्थानों की नियमित सफाई करें जहाँ पानी रुक सकता है। इसके अलावा पूरी बाँह के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का उपयोग करने और मच्छर-निरोधक उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।

लक्षण पहचानें, देरी न करें

चिकित्सकों के अनुसार, यदि किसी को तेज़ बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, आँखों के पीछे दर्द, उल्टी या त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखें, तो बिना देरी किए निकटतम सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में जाँच करानी चाहिए। समय पर निदान और उपचार से डेंगू की गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।

आगे की तैयारी

जिला अस्पताल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मानसून सीजन के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल पूरी तरह तैयार है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नज़र रख रहा है और ज़रूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

इलाज की क्षमता में नहीं। नोएडा जैसे घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्र में जलभराव की समस्या वर्षों से बनी हुई है, जो बुनियादी ढाँचे की खामियों को उजागर करती है। वार्ड बनाना प्रतिक्रियात्मक कदम है; ज़रूरत है कि नगर निगम स्तर पर ड्रेनेज और फॉगिंग व्यवस्था को पहले से सक्रिय किया जाए। जब तक रोकथाम को उपचार जितनी प्राथमिकता नहीं मिलती, यह चक्र हर मानसून दोहराता रहेगा।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में डेंगू-मलेरिया का खतरा क्यों बढ़ रहा है?
मानसून की बारिश से जगह-जगह जलभराव होता है, जिससे मच्छरों का प्रजनन तेज़ी से बढ़ता है और डेंगू-मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों के फैलने का जोखिम बढ़ जाता है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार बारिश का मौसम जारी रहने से आने वाले हफ्तों में यह खतरा और बढ़ सकता है।
नोएडा जिला अस्पताल में डेंगू के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
जिला अस्पताल प्रशासन ने डेंगू मरीजों के उपचार के लिए 8 विशेष वार्ड तैयार किए हैं, जिनमें प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी, दवाओं का पर्याप्त भंडार और निगरानी उपकरण उपलब्ध हैं। 14 जुलाई तक किसी भी सरकारी अस्पताल में डेंगू का कोई मरीज़ भर्ती नहीं है।
डेंगू के लक्षण क्या हैं और क्या करें?
चिकित्सकों के अनुसार तेज़ बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, आँखों के पीछे दर्द, उल्टी या त्वचा पर लाल चकत्ते डेंगू के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर बिना देरी किए निकटतम सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में जाँच करानी चाहिए।
मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विभाग ने घर और आसपास पानी जमा न होने देने, कूलर-गमले-टंकियाँ-पुराने टायर नियमित साफ करने, पूरी बाँह के कपड़े पहनने और मच्छरदानी का उपयोग करने की सलाह दी है। मच्छर-निरोधक उपाय अपनाना भी ज़रूरी बताया गया है।
क्या नोएडा के अस्पताल मानसून में डेंगू की आपात स्थिति के लिए तैयार हैं?
जिला अस्पताल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मानसून सीजन के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल पूरी तरह तैयार है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नज़र रख रहा है और ज़रूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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