नोएडा में मानसून के साथ डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ा, जिला अस्पताल में 8 विशेष वार्ड तैयार
सारांश
मुख्य बातें
मानसून सीजन की शुरुआत के साथ ही नोएडा में डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा तेज़ी से बढ़ रहा है। 14 जुलाई तक की स्थिति के अनुसार, जिला अस्पताल प्रशासन ने संभावित संक्रमण की लहर से निपटने के लिए 8 विशेष वार्ड सक्रिय कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतते हुए निवारक उपायों की अपील जारी की है।
मुख्य तैयारियाँ
जिला अस्पताल में तैयार किए गए 8 विशेष वार्डों में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी, आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडार और मरीजों की निरंतर निगरानी के लिए ज़रूरी चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, यदि आने वाले सप्ताहों में डेंगू के मामलों में वृद्धि होती है, तो मरीजों को तत्काल भर्ती करके उचित उपचार दिया जाएगा। राहत की बात यह है कि 14 जुलाई तक जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में डेंगू का कोई मरीज भर्ती नहीं हुआ है।
खतरा क्यों बढ़ रहा है
बारिश के मौसम में जगह-जगह होने वाले जलभराव और सफाई की कमी के कारण मच्छरों का प्रजनन तेज़ी से होता है। अधिकारियों का कहना है कि मानसून अभी जारी है, इसलिए आने वाले हफ्तों में संक्रमण का जोखिम और बढ़ सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले वर्षों में भी मानसून के दौरान नोएडा और उसके आसपास के क्षेत्रों में डेंगू के मामले उल्लेखनीय रूप से बढ़े थे।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे घरों और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, पानी की टंकियाँ, पुराने टायर और अन्य ऐसे स्थानों की नियमित सफाई करें जहाँ पानी रुक सकता है। इसके अलावा पूरी बाँह के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का उपयोग करने और मच्छर-निरोधक उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
लक्षण पहचानें, देरी न करें
चिकित्सकों के अनुसार, यदि किसी को तेज़ बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, आँखों के पीछे दर्द, उल्टी या त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखें, तो बिना देरी किए निकटतम सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में जाँच करानी चाहिए। समय पर निदान और उपचार से डेंगू की गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
आगे की तैयारी
जिला अस्पताल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मानसून सीजन के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल पूरी तरह तैयार है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नज़र रख रहा है और ज़रूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।