मानसून में नोएडा के अस्पतालों में वायरल बुखार-गले के संक्रमण के मरीज 25% बढ़े
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के सरकारी अस्पतालों में मानसून की शुरुआत के साथ ही वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, गले के संक्रमण और डेंगू के संदिग्ध मामलों में तेज़ उछाल दर्ज किया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पहली बारिश के बाद से मरीजों की संख्या में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, और ओपीडी व इमरजेंसी दोनों विभागों में लंबी कतारें लग रही हैं।
मुख्य घटनाक्रम
बीते शनिवार को जिला अस्पताल, नोएडा में एक ही दिन में 2,000 से अधिक मरीजों की ओपीडी दर्ज की गई — जो सामान्य दिनों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक है। रविवार को सामान्य ओपीडी बंद रहने के कारण बड़ी संख्या में मरीज इमरजेंसी वार्ड पहुँचे। अस्पताल प्रशासन ने पुष्टि की है कि पिछले कुछ दिनों में यह सिलसिला लगातार जारी है।
किन बीमारियों के मरीज सबसे अधिक
चिकित्सकों के अनुसार अस्पताल पहुँचने वाले अधिकांश मरीज वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, गले में संक्रमण, सिरदर्द, उल्टी-दस्त और तेज़ बुखार की शिकायत लेकर आ रहे हैं। कुछ मरीजों में डेंगू जैसे शुरुआती लक्षण भी देखे जा रहे हैं, जिनकी जाँच कराई जा रही है। गौरतलब है कि यह वही मौसम है जब मच्छरजनित बीमारियाँ सबसे तेज़ी से पैर पसारती हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तेज़ गर्मी के बाद अचानक बारिश होने से वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जो वायरस और बैक्टीरिया के प्रसार के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनाती है। इसके साथ ही कई स्थानों पर जलभराव से मच्छरों का प्रजनन भी तेज़ हो जाता है, जिससे डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है। चिकित्सकों ने लोगों से बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाइयाँ न लेने की सख्त अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने 6 जुलाई 2025 को एडवाइज़री जारी करते हुए लोगों से निम्नलिखित सावधानियाँ बरतने को कहा है: साफ, उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएँ; बारिश में भीगने से बचें और भीगने पर तुरंत सूखे कपड़े पहनें; घर व आसपास पानी जमा न होने दें; तथा हल्का, ताज़ा और पौष्टिक भोजन करें। मानसून के दौरान थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर संक्रमण का कारण बन सकती है, इसलिए किसी भी लक्षण पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना ज़रूरी है।
आम जनता पर असर और आगे की स्थिति
आने वाले दिनों में यदि मौसम इसी तरह बदलता रहा, तो अस्पताल प्रशासन के अनुसार मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय भी नहीं हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को सतर्क रहने और दवाओं व बेड की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।