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नोएडा में मानसून के बाद वायरल बुखार का प्रकोप, जिला अस्पताल की ओपीडी में एक दिन में 2,000 से अधिक मरीज

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नोएडा में मानसून के बाद वायरल बुखार का प्रकोप, जिला अस्पताल की ओपीडी में एक दिन में 2,000 से अधिक मरीज

सारांश

नोएडा में मानसून की पहली बारिश के बाद ही जिला अस्पताल की ओपीडी में एक दिन में 2,000 से अधिक मरीज पहुँचे और मरीजों की संख्या में 25% उछाल आया। वायरल बुखार, गले के संक्रमण के साथ-साथ डेंगू के शुरुआती लक्षण भी सामने आ रहे हैं — स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतने की अपील की है।

मुख्य बातें

नोएडा जिला अस्पताल की ओपीडी में एक ही दिन में 2,000 से अधिक मरीज दर्ज किए गए।
पहली बारिश के बाद से मरीजों की संख्या में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
अधिकांश मरीज वायरल बुखार , सर्दी-जुकाम, गले के संक्रमण और उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं।
कुछ मरीजों में डेंगू जैसे शुरुआती लक्षण मिले हैं, जाँच जारी है।
स्वास्थ्य विभाग ने बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक न लेने और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है।

नोएडा के सरकारी अस्पतालों में 6 जुलाई 2026 के आसपास से वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और गले के संक्रमण के मरीजों की संख्या में तेज़ उछाल दर्ज किया गया है। मानसून की दस्तक के बाद तेज़ धूप, उमस और अचानक होने वाली बारिश के बीच झूलते मौसम ने संक्रामक बीमारियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर दिया है। चिकित्सकों के अनुसार, पहली बारिश के बाद से मरीजों की संख्या में करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

मुख्य घटनाक्रम

बीते शनिवार को जिला अस्पताल, नोएडा की ओपीडी में एक ही दिन में 2,000 से अधिक मरीज पहुँचे — जो सामान्य दिनों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इमरजेंसी वार्ड में भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए आए। रविवार को सामान्य ओपीडी बंद रहने के कारण भार सीधे इमरजेंसी पर पड़ा, जिससे वहाँ भी लंबी कतारें देखी गईं।

किन बीमारियों का सबसे अधिक असर

डॉक्टरों के मुताबिक, अस्पताल पहुँचने वाले अधिकांश मरीज वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, गले में संक्रमण, सिरदर्द, उल्टी-दस्त और तेज़ बुखार की शिकायत लेकर आ रहे हैं। कुछ मरीजों में डेंगू जैसे शुरुआती लक्षण भी देखे जा रहे हैं, जिनकी जाँच कराई जा रही है। त्वचा संबंधी समस्याओं के मामले भी सामने आए हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, तेज़ गर्मी के बाद अचानक बारिश होने से वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिससे वायरस और बैक्टीरिया तेज़ी से फैलते हैं। कई स्थानों पर जमा पानी से मच्छरों का प्रजनन भी बढ़ रहा है, जो डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों का खतरा और बढ़ा सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत के कई शहरों में मानसून की अनियमितता पहले से ही स्वास्थ्य तंत्र पर दबाव बना रही है।

सरकार और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और कहा है कि मानसून के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर संक्रमण का कारण बन सकती है। चिकित्सकों ने बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाइयाँ न लेने की सख्त हिदायत दी है। घर और आसपास पानी जमा न होने देने, साफ व उबला पानी पीने और भीगने से बचने की सलाह दी गई है।

आगे क्या

चिकित्सकों का कहना है कि यदि मौसम इसी तरह बदलता रहा तो आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है। अस्पताल प्रशासन अतिरिक्त व्यवस्था की तैयारी में है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू की जाँच और निगरानी तेज़ करने के संकेत दिए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

अस्पतालों में भीड़ उमड़ती है, और स्वास्थ्य विभाग 'सतर्क रहें' की अपील जारी कर देता है। नोएडा में 25% की उछाल और 2,000 से अधिक दैनिक ओपीडी यह सवाल उठाती है कि मौसमी संक्रमणों के लिए पूर्व-तैयारी प्रणाली क्यों नहीं बन पाई। डेंगू की जाँच अभी भी प्रतिक्रियात्मक है, निवारक नहीं — जबकि जमा पानी और मच्छर प्रजनन की समस्या वर्षों से ज्ञात है। जब तक नगर निकाय और स्वास्थ्य विभाग मानसून-पूर्व समन्वय को रूटीन नहीं बनाते, हर जुलाई यही खबर बनती रहेगी।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में मानसून के बाद किन बीमारियों का खतरा सबसे अधिक है?
नोएडा के अस्पतालों में इन दिनों वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, गले का संक्रमण, सिरदर्द और उल्टी-दस्त के सबसे अधिक मामले आ रहे हैं। कुछ मरीजों में डेंगू जैसे शुरुआती लक्षण भी देखे जा रहे हैं, जिनकी जाँच कराई जा रही है।
नोएडा जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीज कितने बढ़े हैं?
अस्पताल प्रशासन के अनुसार पहली बारिश के बाद से मरीजों की संख्या में करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। बीते शनिवार को एक ही दिन में 2,000 से अधिक मरीजों की ओपीडी दर्ज की गई।
मानसून में वायरल संक्रमण क्यों तेज़ी से फैलते हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, तेज़ गर्मी के बाद अचानक बारिश होने से वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिससे वायरस और बैक्टीरिया तेज़ी से पनपते हैं। इसके साथ ही जमा पानी में मच्छरों का प्रजनन बढ़ता है, जो डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ाता है।
मानसून में बीमारी से बचने के लिए डॉक्टरों की क्या सलाह है?
डॉक्टरों ने बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाइयाँ न लेने की हिदायत दी है। साफ व उबला पानी पिएं, बारिश में भीगने से बचें, घर के आसपास पानी जमा न होने दें और लक्षण दिखते ही तुरंत अस्पताल पहुँचें।
क्या नोएडा में डेंगू के मामले सामने आए हैं?
अभी तक डेंगू की पुष्टि के बारे में अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट आँकड़े नहीं दिए हैं, लेकिन कुछ मरीजों में डेंगू जैसे शुरुआती लक्षण मिले हैं और उनकी जाँच जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाने के संकेत दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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