नोएडा में मानसून के बाद वायरल बुखार का प्रकोप, जिला अस्पताल की ओपीडी में एक दिन में 2,000 से अधिक मरीज
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के सरकारी अस्पतालों में 6 जुलाई 2026 के आसपास से वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और गले के संक्रमण के मरीजों की संख्या में तेज़ उछाल दर्ज किया गया है। मानसून की दस्तक के बाद तेज़ धूप, उमस और अचानक होने वाली बारिश के बीच झूलते मौसम ने संक्रामक बीमारियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर दिया है। चिकित्सकों के अनुसार, पहली बारिश के बाद से मरीजों की संख्या में करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मुख्य घटनाक्रम
बीते शनिवार को जिला अस्पताल, नोएडा की ओपीडी में एक ही दिन में 2,000 से अधिक मरीज पहुँचे — जो सामान्य दिनों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इमरजेंसी वार्ड में भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए आए। रविवार को सामान्य ओपीडी बंद रहने के कारण भार सीधे इमरजेंसी पर पड़ा, जिससे वहाँ भी लंबी कतारें देखी गईं।
किन बीमारियों का सबसे अधिक असर
डॉक्टरों के मुताबिक, अस्पताल पहुँचने वाले अधिकांश मरीज वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, गले में संक्रमण, सिरदर्द, उल्टी-दस्त और तेज़ बुखार की शिकायत लेकर आ रहे हैं। कुछ मरीजों में डेंगू जैसे शुरुआती लक्षण भी देखे जा रहे हैं, जिनकी जाँच कराई जा रही है। त्वचा संबंधी समस्याओं के मामले भी सामने आए हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, तेज़ गर्मी के बाद अचानक बारिश होने से वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिससे वायरस और बैक्टीरिया तेज़ी से फैलते हैं। कई स्थानों पर जमा पानी से मच्छरों का प्रजनन भी बढ़ रहा है, जो डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों का खतरा और बढ़ा सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत के कई शहरों में मानसून की अनियमितता पहले से ही स्वास्थ्य तंत्र पर दबाव बना रही है।
सरकार और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और कहा है कि मानसून के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर संक्रमण का कारण बन सकती है। चिकित्सकों ने बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाइयाँ न लेने की सख्त हिदायत दी है। घर और आसपास पानी जमा न होने देने, साफ व उबला पानी पीने और भीगने से बचने की सलाह दी गई है।
आगे क्या
चिकित्सकों का कहना है कि यदि मौसम इसी तरह बदलता रहा तो आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है। अस्पताल प्रशासन अतिरिक्त व्यवस्था की तैयारी में है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू की जाँच और निगरानी तेज़ करने के संकेत दिए हैं।