5 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या नया रक्त परीक्षण-आधारित मॉडल गंभीर यकृत रोग के जोखिम की भविष्यवाणी कर सकता है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या नया रक्त परीक्षण-आधारित मॉडल गंभीर यकृत रोग के जोखिम की भविष्यवाणी कर सकता है?

सारांश

एक नया रक्त परीक्षण-आधारित मॉडल गंभीर यकृत रोगों के जोखिम की सटीकता से भविष्यवाणी करने में सक्षम है। यह शोध भविष्य में यकृत संबंधी बीमारियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जानें इस अध्ययन के बारे में अधिक जानकारी।

मुख्य बातें

कोर मॉडल का उपयोग यकृत रोगों की भविष्यवाणी के लिए किया जा सकता है।
10 वर्षों के भीतर गंभीर यकृत रोगों के विकास का पता लगाया जा सकता है।
शोध में शामिल 4,80,000 लोगों के आंकड़े महत्वपूर्ण हैं।
यकृत कैंसर और सिरोसिस जैसी बीमारियों की रोकथाम में मदद मिलेगी।
स्वीडिश शोधकर्ताओं का यह अध्ययन चिकित्सा क्षेत्र में एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।

बीजिंग, 5 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। एक अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन में यह पता चला है कि एक साधारण रक्त परीक्षण पर आधारित डेटा विश्लेषण मॉडल 10 वर्षों के भीतर गंभीर यकृत रोग विकसित होने के जोखिम की भविष्यवाणी कर सकता है, जिससे सिरोसिस और यकृत कैंसर जैसी यकृत बीमारियों का पहले ही पता लगाया जा सकता है।

स्वीडन के कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट और अन्य संस्थानों के शोधकर्ताओं ने हाल ही में ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में एक शोधपत्र प्रकाशित किया है, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने 'कोर' नामक एक मॉडल सांख्यिकीय पद्धति का आविष्कार किया है, जो आयु, लिंग और तीन सामान्य यकृत एंजाइमों जैसे कि एलानिन एमिनोट्रांस्फरेज पर आधारित आंकड़ों के आधार पर भविष्यवाणियां कर सकती है।

शोधकर्ताओं ने स्वीडन के स्टॉकहोम में 4,80,000 लोगों के 1985 और 1996 के बीच स्वास्थ्य जांच के आंकड़ों और उनके अगले 30 वर्षों तक स्वास्थ्य पर नजर रखी। इनमें से लगभग 1.5 प्रतिशत लोगों को बाद में सिरोसिस और यकृत कैंसर जैसी गंभीर यकृत संबंधी बीमारियां हो जाती हैं या उन्हें यकृत प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है।

शोधकर्ताओं ने इस डेटा का उपयोग यह पुष्टि करने के लिए किया कि कोर मॉडल में उच्च सटीकता है और यह 88 प्रतिशत मामलों में यह पता लगा सकता है कि शोध विषयों में बाद के चरण में संबंधित बीमारियां विकसित होंगी या नहीं, जो वर्तमान में अनुशंसित मॉडल की सटीकता से अधिक है।

शोधकर्ताओं ने फिनलैंड और यूके में दो समूहों पर भी इस मॉडल का परीक्षण किया, जिससे इस जोखिम की भविष्यवाणी करने में कोर मॉडल की उच्च सटीकता का प्रदर्शन हुआ। शोधकर्ताओं को आशा है कि भविष्य में वे यकृत रोग के उच्च जोखिम वाले लोगों पर और अधिक परीक्षण कर सकेंगे।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें इस अध्ययन के महत्व को समझना चाहिए। यह नए शोध हमें यह बताता है कि कैसे एक साधारण रक्त परीक्षण से गंभीर यकृत रोगों की पहचान में मदद मिल सकती है। यह चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो हमारे स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक होगा।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या यह रक्त परीक्षण सभी के लिए उपयुक्त है?
यह परीक्षण उन लोगों के लिए अधिक फायदेमंद है जो यकृत रोग के जोखिम में हैं।
इस परीक्षण की सटीकता कितनी है?
शोध में यह साबित हुआ है कि यह मॉडल 88 प्रतिशत मामलों में सटीक भविष्यवाणी कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले