क्या रजत भस्म: चांदी के शोधन से बना पाउडर त्वचा को नई ऊर्जा देगा?
सारांश
Key Takeaways
- रजत भस्म त्वचा के प्राकृतिक निखार को पुनर्स्थापित करता है।
- यह जीवाणुरोधी गुण रखता है, जिससे त्वचा की इरिटेशन कम होती है।
- शुद्ध चांदी से बना होने के कारण यह जैव-संगत है।
- इसका उपयोग प्राकृतिक स्किन पैक के रूप में किया जा सकता है।
- सही उपयोग से त्वचा का रंग हल्का और उज्जवल हो सकता है।
नई दिल्ली, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आयुर्वेद में सदियों से जड़ी-बूटियों के माध्यम से बीमारियों का उपचार किया जाता रहा है, पर क्या आप जानते हैं कि भस्म के जरिए भी अनेकों बीमारियों से मुक्ति पाई जा सकती है?
हम बात कर रहे हैं रजत भस्म की। रजत का मतलब है चांदी और भस्म का अर्थ है राख। ये चांदी की राख होती है जिसमें विशेष प्रकार की जड़ी-बूटियाँ मिलाकर औषधि के रूप में परिणत किया जाता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि रजत भस्म क्या है और यह त्वचा के लिए कैसे औषधि के रूप में काम करता है।
रजत भस्म को शुद्ध चांदी से पारंपरिक विधि द्वारा तैयार किया जाता है, जिसमें एक छोटी सी गलती भी पूरे भस्म को प्रभावित कर सकती है। इसमें बार-बार चांदी का शोधन किया जाता है और कुछ विशेष जड़ी-बूटियों का मिश्रण किया जाता है। यह एक महीन पाउडर होता है, जो अक्सर सफेद या हल्का ग्रे होता है, जिसे न्यूनतम धातु अवशेष के साथ जैव-संगत माना गया है। इसे पुनर्जीवक का एक सरल और प्रभावी तरीका माना गया है। यह कई रोगों से छुटकारा दिलाने में सहायक है, लेकिन आज हम केवल त्वचा से जुड़े लाभों पर चर्चा करेंगे।
रजत भस्म में शीतलता, जीवाणुरोधी, त्वचा को शांत करने वाले और प्राकृतिक तरीके से स्किन को शुद्ध करने वाले गुण होते हैं। इन्हीं गुणों के कारण रजत भस्म को त्वचा के लिए सबसे लाभकारी माना गया है। यदि आपकी त्वचा का प्राकृतिक निखार खो गया है, त्वचा सूखी और बेजान है और अत्यधिक संवेदनशील हो गई है, तो रजत भस्म का लेप एक बार में सभी समस्याओं से राहत पहुंचा सकता है।
रजत भस्म त्वचा की इरिटेशन को कम करता है, प्राकृतिक निखार को लौटाता है, त्वचा की परत को मजबूत बनाता है, और त्वचा की भीतरी परतों में ऑक्सीजन का संचार तेजी से करता है। रजत भस्म को बादाम तेल या जैतून के तेल के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाया जा सकता है। हफ्ते में दो बार रजत भस्म का पैक चेहरे पर लगाया जा सकता है। पहले अपनी त्वचा के पीएच मान को देखते हुए रजत भस्म के पैक को थोड़ा सा लगाकर परीक्षण करें। यदि किसी प्रकार की खुजली या लाल चकत्ते नहीं होते हैं, तब ही भस्म का उपयोग करें।