क्या रोज 15 मिनट ताली बजाने के फायदे जानकर चौंक जाएंगे आप?
सारांश
Key Takeaways
- तनाव कम करता है
- दिल और रक्त धमनियों के लिए फायदेमंद है
- पाचन क्रिया में सुधार लाता है
- दमा के रोगियों के लिए लाभकारी
- सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है
नई दिल्ली, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई प्रकार की व्यायाम विधियां हैं, जो आपकी ओवरऑल हेल्थ को बनाए रखने में मदद कर सकती हैं। क्या आप जानते हैं कि आप अपने हाथों और हथेलियों की मदद से पूरे शरीर में नई ऊर्जा का प्रवाह कर सकते हैं?
यह जानकर आपको आश्चर्य होगा, लेकिन यह सच है। हम बात कर रहे हैं ताली बजाने की। ताली बजाना एक सरल और सहज क्रिया है, लेकिन यह आपके शरीर के लिए एक जादुई इलाज का काम करता है।
आयुर्वेद में ताली बजाने को ‘कर वादन क्रिया’ कहा जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, हाथ और हथेलियां शरीर के सभी अंगों का प्रतिनिधित्व करती हैं। साधारण शब्दों में कहें तो हथेलियों का कनेक्शन पूरे शरीर से होता है। इनमें शरीर के सभी महत्वपूर्ण मर्म बिंदु होते हैं, जो कई रोगों को कम करने में सहायक होते हैं। रोजाना केवल 10 से 15 मिनट ताली बजाने से आप कई गंभीर बीमारियों से खुद को बचा सकते हैं।
‘एक्यूप्रेशर’ एक प्राचीन विधि है, जिसका उपयोग आयुर्वेद में सदियों से होता आ रहा है। इसी पद्धति से बीपी और शुगर को नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए सही मर्म बिंदुओं का ज्ञान होना आवश्यक है। आज हम आपको ताली बजाने के अनगिनत फायदों के बारे में बताएंगे।
ताली बजाने से दिल और रक्त धमनियों पर पड़ने वाला दबाव कम होता है। यह कोलेस्ट्रॉल को भी घटाता है। कोलेस्ट्रॉल कम होने से रक्त धमनियां रक्त संचार का कार्य बेहतर तरीके से करती हैं, जिससे बीपी और दिल का जोखिम कम होता है। यह जानकर आपको आश्चर्य होगा कि ताली बजाने से तनाव में कमी आती है। ताली बजाने से तनाव हार्मोन कॉर्टिसोल का उत्पादन कम होता है और मस्तिष्क में डोपामाइन और सेरोटोनिन का स्तर बढ़ता है, जो मन को खुश करता है और तनाव और एंग्जायटी से राहत देता है। यह अच्छी नींद लाने में भी सहायता करता है।
दमा या अस्थमा के रोगियों के लिए ताली बजाना अत्यंत लाभकारी है। यह रक्त में ऑक्सीजन के संचार को तेज करता है, जिससे मस्तिष्क और फेफड़ों में सही मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचती है। यह फेफड़ों की कार्य क्षमता को भी मजबूत करता है। इसके अलावा, ताली बजाने से पाचन और इम्युनिटी भी प्रभावित होती है। इसका सीधा संबंध आंत और लिवर से होता है। ताली बजाने से पेट की पाचन अग्नि तेज होती है और कब्ज और गैस बनने की समस्याएं भी कम होती हैं।