शुगर लेवल बढ़ने के ये हैं अन्य मुख्य कारण, सिर्फ खाने-पीने की आदत नहीं
सारांश
Key Takeaways
- तनाव से कोर्टिसोल का स्तर बढ़ता है, जो शुगर बढ़ाता है।
- नींद की कमी इंसुलिन सेंसिटिविटी को कम कर देती है।
- दवाओं का सेवन भी शुगर लेवल बढ़ा सकता है।
- हार्मोनल असंतुलन मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है।
- डिहाइड्रेशन से रक्त का गाढ़ापन बढ़ता है।
मुंबई, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। यह आम धारणा है कि अधिक मीठा खाने से ही शुगर लेवल बढ़ता है, लेकिन इसके पीछे कई अन्य कारण भी मौजूद हैं जो हमारी दैनिक जीवनशैली से जुड़े हुए हैं। इसलिए केवल खान-पान पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है।
इन कारणों में एक महत्वपूर्ण कारण है तनाव। जब हम लगातार तनाव में होते हैं, तब शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ता है; इस स्थिति में लिवर से ग्लूकोज अधिक मात्रा में रिलीज होता है, जिससे ब्लड शुगर बढ़ जाता है। इस कारण लंबे समय तक तनाव में रहना डायबिटीज या हाई शुगर की समस्या उत्पन्न कर सकता है।
दूसरी ओर, नींद की कमी भी एक बड़ा कारण है। यदि आप प्रतिदिन 6 घंटे से कम सोते हैं, तो यह इंसुलिन सेंसिटिविटी को कम कर देता है। इंसुलिन वह हार्मोन है जो रक्त में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करता है। नींद कम होने पर इंसुलिन ठीक से काम नहीं करता, जिससे शुगर स्तर बढ़ता है। इसलिए पर्याप्त और सही समय पर नींद लेना शरीर के ऊर्जा और शुगर संतुलन के लिए आवश्यक है।
तीसरा कारण है कुछ दवाओं का सेवन, जैसे स्टेरॉयड। ये दवाएं शरीर में ग्लूकोज के स्तर को बढ़ाने का काम करती हैं। लोग अक्सर इन्हें सिरदर्द, एलर्जी या अन्य सूजन संबंधी बीमारियों के लिए लेते हैं, लेकिन इनका लगातार सेवन ब्लड शुगर में परिवर्तन कर सकता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह से दवाइयां लेना बहुत महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा, हार्मोनल समस्याएं जैसे थायरॉइड डिसऑर्डर या पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) भी शुगर के स्तर में वृद्धि का कारण बन सकती हैं। थायरॉइड या पीसीओएस में शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे ग्लूकोज का सही उपयोग नहीं हो पाता और शुगर स्तर बढ़ सकता है।
एक और कारण है डिहाइड्रेशन, यानी शरीर में पानी की कमी। जब शरीर में पानी की मात्रा कम होती है, तो रक्त अधिक गाढ़ा हो जाता है और ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है। पर्याप्त पानी पीने से शुगर नियंत्रण में रहता है और साथ ही शरीर को ऊर्जा भी मिलती है।