लो शुगर: हाई शुगर से भी ज्यादा खतरनाक, समझें इसके गंभीर परिणाम
सारांश
Key Takeaways
- लो शुगर की समस्या को गंभीरता से लें।
- रक्त में ग्लूकोज का स्तर संतुलित रखना महत्वपूर्ण है।
- आयुर्वेदिक उपायों का उपयोग करें।
- समय पर चिकित्सा सहायता लें।
- संतुलित आहार का पालन करें।
नई दिल्ली, 21 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। वर्तमान जीवनशैली ऐसी हो गई है कि अधिकांश समय एक ही कुर्सी पर बिताया जाता है और शारीरिक गतिविधियों में कमी आ जाती है।
इस स्थिति में शरीर में विभिन्न बीमारियों का विकास होने लगता है और सबसे पहले रक्त में शुगर का स्तर प्रभावित होता है, जिससे कम उम्र में ही डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। डायबिटीज के पीछे कई कारण होते हैं, लेकिन सबसे बड़ा कारण होती है खराब जीवनशैली।
डायबिटीज के बारे में लोगों के बीच कई भ्रांतियाँ फैली हुई हैं। आमतौर पर यह समझा जाता है कि हाई शुगर सबसे खतरनाक होता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि लो शुगर इससे भी अधिक खतरनाक हो सकता है। विज्ञान की भाषा में लो शुगर को हाइपोग्लाइसीमिया कहा जाता है, जो मस्तिष्क को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। यह तब होता है जब रक्त में ग्लूकोज का स्तर बहुत कम हो जाता है और मस्तिष्क तक पोषण नहीं पहुंच पाता। ऐसी स्थिति में बेहोशी, दौरे और यहां तक कि आपातकालीन स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
रक्त में ग्लूकोज का स्तर संतुलित रखना अत्यंत आवश्यक है। यदि ग्लूकोज का स्तर 70 एमजी/डीएल हो, तो यह चिंता का विषय है। साथ ही, यदि यह स्तर 40-50 के बीच हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि यह आपातकालीन स्थिति होती है। इस स्थिति का इलाज तुरंत आवश्यक है। आयुर्वेद में ऐसे कई सरल और प्रभावी उपाय बताए गए हैं, जिनसे रक्त में कम ग्लूकोज के स्तर को संतुलित किया जा सकता है।
इसके लिए अपने दैनिक आहार में मुलेठी का हल्का काढ़ा, खजूर या किशमिश शामिल करें और साथ ही छोटे-छोटे अंतराल पर भोजन लेना शुरू करें। इससे शरीर में ग्लूकोज का निर्माण होता रहेगा और हल्का मीठा ग्लूकोज तथा ऊर्जा बढ़ती रहेगी। आयुर्वेद के अनुसार, अत्यधिक उपवास, अनियमित भोजन और मानसिक तनाव 'वात वृद्धि' कर सकते हैं, जिससे ऊर्जा का असंतुलन उत्पन्न होता है। इसलिए लंबे समय तक भूखा न रहें और कुछ न कुछ खाते रहें। ग्लूकोज को संतुलित करने के लिए आहार में कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन का संयोजन अवश्य शामिल करें। यह संयोजन शरीर को ऊर्जा और मस्तिष्क को मजबूती प्रदान करता है।