सूरत में दो मेडिकल स्टोर पर छापा: बिना प्रिस्क्रिप्शन नशीली दवाएं, 18,316 टैबलेट और कोडीन सिरप जब्त
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के सूरत शहर में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) और फूड एंड ड्रग्स डिपार्टमेंट ने 8 अक्टूबर 2026 को संयुक्त छापेमारी करते हुए सलाबतपुरा-मंदरवाजा इलाके के दो मेडिकल स्टोरों से 18,316 टैबलेट और कोडीन सिरप की तीन बोतलें जब्त कीं, जिनकी बाज़ार कीमत ₹2.75 लाख आँकी गई है। इन स्टोरों पर बिना डॉक्टर की पर्ची के नशीली दवाएं बेचने का आरोप है।
कहाँ हुई कार्रवाई और क्या मिला
दोनों मेडिकल स्टोर किन्नारी से भाथेना की ओर जाने वाली 80 फीट रोड पर हलपति कॉलोनी में स्थित हैं। जब्त किए गए स्टॉक में 1,440 पायवॉन सैस प्लस टैबलेट, 144 स्पाज ट्रेसेंप टैबलेट, 6,920 स्पैस्मो प्रॉक्सीवॉन टैबलेट, 750 एपोकोलम टैबलेट, 3,840 कैलिक टैबलेट, 5,200 प्रेगाबालिन टैबलेट और 20 प्रेगाउट किट टैबलेट शामिल हैं।
इसके अलावा कोडीन सिरप की तीन बोतलें भी बरामद की गईं — यह सिरप नशे के दुरुपयोग के लिए कुख्यात है और इसकी बिक्री के लिए डॉक्टर का पर्चा अनिवार्य है।
किसके निर्देश पर हुई छापेमारी
एसओजी के अनुसार, यह ऑपरेशन सूरत पुलिस कमिश्नर वाबांग जमीर के सीधे निर्देशों पर शुरू किया गया था। कमिश्नर ने ऐसे मेडिकल स्टोरों की पहचान करने का आदेश दिया था जो नियमों का उल्लंघन कर बिना प्रिस्क्रिप्शन के नशीली दवाएं और सिरप बेच रहे हों।
ऑपरेशन की देखरेख एसओजी के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस राजदीपसिंह नाकुम ने की, जबकि एसओजी पुलिस इंस्पेक्टर एएस सोनारा ने संदिग्ध स्टोरों की निगरानी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कीं।
फूड एंड ड्रग्स विभाग की भूमिका
छापेमारी में फूड एंड ड्रग्स इंस्पेक्टर जीयू उपाध्याय, जीलबेन गमेती और पिनलबेन ववैया ने एसओजी टीम के साथ मिलकर जाँच की। विभाग को दोनों स्टोरों पर ऐसी दवाइयाँ मिलीं जो नियमों के विपरीत रखी गई थीं और जिनके नशे के लिए दुरुपयोग की आशंका थी।
गौरतलब है कि प्रेगाबालिन और स्पैस्मो प्रॉक्सीवॉन जैसी दवाइयाँ भारत में कई राज्यों में नशे के विकल्प के रूप में दुरुपयोग की जाती हैं और इनकी बिक्री पर नियामक नज़र रखी जाती है।
आगे क्या होगा
फूड एंड ड्रग्स डिपार्टमेंट ने बरामद स्टॉक की विस्तृत जाँच शुरू कर दी है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि दवाइयाँ गैर-कानूनी तरीके से रखी या बेची जाती पाई गईं, तो दोनों मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस होल्डर्स और संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह कार्रवाई सूरत में नशीली दवाओं के अवैध वितरण के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा बताई जा रही है।