सोपोर पुलिस का नशा मुक्त अभियान: तारजू में मेडिकल स्टोरों की औचक जांच, कोडीन-ट्रामाडोल रिकॉर्ड खंगाले
सारांश
मुख्य बातें
सोपोर पुलिस ने 100 दिवसीय नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत शनिवार, 30 मई को तारजू क्षेत्र के मेडिकल स्टोरों और दवा विक्रेताओं पर व्यापक औचक निरीक्षण अभियान चलाया। पुलिस दल ने दवाओं की खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, डॉक्टरी पर्चे और नियामक अनुपालन की बारीकी से जांच की।
निरीक्षण में क्या-क्या जांचा गया
पुलिस अधिकारियों ने मनोप्रभावी पदार्थों तथा नियंत्रित दवाओं के स्टॉक और बिक्री रजिस्टरों की गहन समीक्षा की। दुकानों में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का सत्यापन किया गया और यह परखा गया कि दवाओं की बिक्री मादक पदार्थ एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 तथा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप हो रही है या नहीं।
विशेष निगरानी में रहीं ये दवाएँ
जांच के दौरान कोडीन युक्त सिरप, अल्प्राजोलम और ट्रामाडोल जैसी दुरुपयोग-संवेदनशील दवाओं के अभिलेखों पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि इन दवाओं की बिक्री केवल वैध चिकित्सकीय पर्चे और आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर ही हो रही है।
दुकानदारों को चेतावनी और निर्देश
पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालकों को नशीले पदार्थों से जुड़े कानूनों की विस्तृत जानकारी दी और नियमों के कड़े पालन के निर्देश जारी किए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी दुकान में उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जन-जागरूकता पर ज़ोर
अभियान के दौरान नागरिकों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के दुष्परिणामों से भी अवगत कराया गया। पुलिस ने आम जनता से अपील की कि दवाओं की अवैध बिक्री या किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।
आगे क्या होगा
सोपोर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के अंतर्गत आने वाले दिनों में उप-मंडल के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की जांच और जागरूकता गतिविधियाँ जारी रहेंगी। पुलिस का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और समाज को सुरक्षित रखने के लिए यह मुहिम निरंतर चलती रहेगी।