सोपोर में नशा मुक्त अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई, 4 तस्कर गिरफ्तार; 150 बोतल कोडीन सिरप बरामद
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के सोपोर में चल रहे 100 दिवसीय ‘नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर’ अभियान के तहत पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में चार कथित नशा तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 150 बोतल कोडीन युक्त सिरप और प्रतिबंधित स्पास्मो-प्रॉक्सीवॉन प्लस कैप्सूल बरामद किए हैं। दोनों मामलों में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामले दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है।
बदामबाग में गश्त के दौरान पकड़े गए तीन आरोपी
पुलिस के अनुसार, पहली कार्रवाई में थाना सोपोर की टीम ने बदामबाग क्षेत्र में नियमित गश्त के दौरान तीन संदिग्धों को देखा। पुलिस को देखते ही तीनों पास के बागानों की ओर भागने लगे, लेकिन उन्हें मौके पर ही दबोच लिया गया।
तलाशी में आरोपियों के पास से कुल 150 बोतल कोडीन युक्त सिरप बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बदामबाग निवासी इरफान अहमद पीर, एजाज अहमद मट्टू और उमर जाहूर नजर के रूप में हुई है।
संगरामा-सीर क्रॉसिंग पर रात्रि जाँच में चौथी गिरफ्तारी
दूसरी कार्रवाई में पुलिस पोस्ट पुटखा की टीम ने संगरामा-सीर क्रॉसिंग पर रात्रि नाकेबंदी के दौरान एक संदिग्ध को रोका, जिसकी पहचान पेठ सीर निवासी माजिद अशरफ खान के रूप में हुई। व्यक्तिगत तलाशी में उसके कब्जे से प्रतिबंधित स्पास्मो-प्रॉक्सीवॉन प्लस कैप्सूल बरामद किए गए। इस मामले में थाना तारजू में एनडीपीएस अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की जाँच जारी है।
आपूर्ति नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
अधिकारियों का कहना है कि पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नशीला पदार्थ कहाँ से लाया गया था और इसकी आपूर्ति किस नेटवर्क के ज़रिए की जानी थी। कोडीन युक्त सिरप और स्पास्मो-प्रॉक्सीवॉन प्लस जैसे फार्मास्युटिकल नशे की कश्मीर घाटी में पिछले कुछ वर्षों से बढ़ती खपत सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
‘जीरो टॉलरेंस’ नीति दोहराई
सोपोर पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति दोहराते हुए कहा कि तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने कहा कि लगातार दो सफल अभियान युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
आम जनता से सहयोग की अपील
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे नशे से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समाज को सुरक्षित, स्वस्थ और नशा-मुक्त बनाया जा सके। आने वाले दिनों में अभियान के तहत और छापेमारी की संभावना है।