क्या उपवास सजा है या दवा? पाचन तंत्र और नई कोशिकाओं के निर्माण में मददगार

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क्या उपवास सजा है या दवा? पाचन तंत्र और नई कोशिकाओं के निर्माण में मददगार

सारांश

उपवास एक सजा नहीं, बल्कि एक औषधि है जो हमारे पाचन तंत्र को सुधारने में मदद करता है। जानें कैसे उपवास से आप नई कोशिकाएं बना सकते हैं और बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं।

मुख्य बातें

उपवास यह नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है।
उपवास एक औषधि के रूप में कार्य करता है।
यह पाचन तंत्र को सुधारता है।
उपवास मानसिक स्पष्टता को बढ़ाता है।

नई दिल्ली, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पेट हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण और आवश्यक हिस्सा है। कहा जाता है कि यदि पेट सही है, तो अधिकांश बीमारियां अपने आप ठीक हो जाती हैं। लेकिन आजकल की आरामदायक जीवनशैली के कारण, पेट से जुड़ी समस्याएं हर उम्र के लोगों के लिए एक आम समस्या बन चुकी हैं।

भूख न लगना, गैस बनना, एसिडिटी, अपच और पेट में भारीपन जैसी समस्याएं अब आम हो गई हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन सभी बीमारियों से छुटकारा पाने का एक तरीका है?

हम उपवास की बात कर रहे हैं। भले ही उपवास में स्वयं को भूखा रखना पड़ता है, पर यह एक सजा नहीं बल्कि औषधि है। पेट से संबंधित रोगों का उपचार एक सीमित समय तक दवाओं से किया जा सकता है, लेकिन एक समय बाद दवाओं का असर भी कम हो जाता है। इसलिए उपवास सजा नहीं, बल्कि शरीर को अंदर से साफ करने का एक तरीका है, जिसे कोई भी दवा नहीं कर सकती। उपवास पेट की गहराई से सफाई करता है, पाचन तंत्र को सुधारने में मदद करता है, और शरीर को स्वयं को ठीक करने का अवसर प्रदान करता है।

अब सवाल यह है कि उपवास कैसे किया जाए। आप पहले 15 दिनों में एक बार उपवास रख सकते हैं। इसके लिए एकादशी उपयुक्त है, क्योंकि यह महीने में दो बार आती है। उपवास की शुरुआत में फलाहार लें और केवल उतने ही फल खाएं, जिससे शरीर को ऊर्जा मिल सके। पेट भरने के लिए फलों का अधिक सेवन न करें। इसके अलावा, जितना हो सके, शहद वाला पानी, नारियल पानी, और साधारण पानी का सेवन करें। पानी शरीर की सारी गंदगी को बाहर निकालने में मदद करेगा।

कुछ लोगों का मानना है कि उपवास रखने से कमजोरी महसूस होगी, लेकिन ऐसा नहीं है। यह केवल हमारे मन का वहम होता है। भोजन से शरीर को केवल 30-40 प्रतिशत ऊर्जा मिलती है, बाकी ऊर्जा पानी, हवा, और आराम से मिलती है। इसलिए यह सोचना गलत है कि उपवास करने से कमजोरी महसूस होती है। जापान के वैज्ञानिक उपवास पर शोध कर चुके हैं। 2018 में हुए शोध के अनुसार, उपवास रखने से शरीर खराब कोशिकाओं को हटाकर नई और स्वस्थ कोशिकाएं बनाता है। इस प्रक्रिया को ऑटोफैगी कहा जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि मानसिक स्पष्टता और आत्म-नियंत्रण का भी एक माध्यम है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपवास रखने के दौरान क्या खाना चाहिए?
उपवास के दौरान फल, शहद वाला पानी और नारियल पानी का सेवन करना चाहिए।
क्या उपवास से कमजोरी होती है?
नहीं, उपवास से कमजोरी का अनुभव केवल मन का वहम होता है।
उपवास रखने का सही तरीका क्या है?
उपवास के दौरान पहले फलाहार लें और पानी का अधिक सेवन करें।
राष्ट्र प्रेस