क्या दूध और छुहारा शरीर की कमजोरी को दूर करने वाला आयुर्वेदिक पॉवर कॉम्बो है?
सारांश
आधुनिक जीवनशैली के कारण थकान और कमजोरी आम हो गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दूध और छुहारा का यह आयुर्वेदिक मिश्रण आपके शरीर को फिर से ऊर्जा प्रदान कर सकता है? जानिए इसके अद्भुत लाभ और इसे बनाने का आसान तरीका।
Key Takeaways
- दूध और छुहारा शरीर को ताकत देता है।
- यह थकान और कमजोरी को दूर करने में मदद करता है।
- सर्दियों में इसका सेवन अधिक फायदेमंद होता है।
- यह इम्युनिटी को बढ़ाता है और स्टैमिना में सुधार करता है।
- बनाने की विधि बहुत सरल है।
नई दिल्ली, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सही समय पर भोजन न करना, नींद की कमी और लगातार तनाव शरीर को अंदर से कमजोर बना देते हैं, जिसके कारण आज अधिकांश लोग थकान, कमजोरी और कम इम्युनिटी की समस्याओं से ग्रस्त हैं। इस स्थिति में लोग महंगे सप्लीमेंट और एनर्जी ड्रिंक्स की ओर भागते हैं, लेकिन आयुर्वेद हमें एक आसान, सस्ता और विश्वसनीय उपाय प्रदान करता है जो सदियों से शरीर की ताकत बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता रहा है।
आयुर्वेद में, दूध और छुहारे का संयोजन बल्य माना गया है, अर्थात् ऐसा आहार जो शरीर को शक्ति और जीवन शक्ति प्रदान करता है। छुहारा मीठा और गर्म होता है, जबकि दूध ठंडा, पोषण से भरपूर और शांति प्रदान करने वाला होता है। जब इन दोनों को एक साथ उबाला जाता है, तो यह शरीर की कमजोरी को दूर करने वाला एक अद्वितीय मिश्रण बन जाता है, जो सातों धातुओं को पोषण देता है।
इस पॉवर कॉम्बो का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह थकान को समाप्त करता है और शरीर में नई ऊर्जा का संचार करता है। दुबले-पतले लोगों के लिए यह वजन बढ़ाने में सहायक है। जिनकी इम्युनिटी कमजोर होती है या जो बार-बार बीमार पड़ते हैं, उनके लिए दूध-छुहारा किसी टॉनिक से कम नहीं। पुरुषों में यह स्टैमिना और शक्ति बढ़ाने में मदद करता है, जबकि महिलाओं में कमजोरी और खून की कमी अर्थात् एनीमिया में लाभकारी है।
सर्दियों में इसका सेवन और भी अधिक फायदेमंद होता है। यह शरीर को अंदर से गर्म रखता है, जोड़ों की जकड़न और दर्द में राहत प्रदान करता है और सूखी खांसी जैसी समस्याओं से बचाने में मदद करता है। इतना ही नहीं, नियमित सेवन से नींद में सुधार होता है, मानसिक थकान कम होती है और मनोबल भी बढ़ता है। त्वचा के लिए भी यह नुस्खा लाभकारी है, जिससे रूखापन कम होता है और चेहरे पर प्राकृतिक चमक
इसे बनाना बहुत सरल है। 3 से 4 छुहारों के बीज निकालकर उन्हें एक गिलास दूध में डालें और धीमी आंच पर उबालें। जब दूध आधा रह जाए और छुहारे नरम हो जाएं, तब इसे रात को सोने से पहले गुनगुना पिएं और छुहारे चबाकर खाएं।
हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।