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क्या विद्युत जामवाल साल में एक बार 'सहज' योग का अभ्यास करते हैं और इसके फायदे क्या हैं?

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क्या विद्युत जामवाल साल में एक बार 'सहज' योग का अभ्यास करते हैं और इसके फायदे क्या हैं?

सारांश

विद्युत जामवाल, जो एक प्रसिद्ध अभिनेता और मार्शल आर्टिस्ट हैं, हर साल सहज योग का अभ्यास करते हैं। यह उन्हें शारीरिक संतुलन और मानसिक एकाग्रता में मदद करता है। जानें इसके पीछे का कारण और इस अभ्यास के अद्भुत फायदे।

मुख्य बातें

सहज योग मानसिक एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है।
यह शरीर की प्राकृतिक संवेदनाओं को जागृत करता है।
संतुलन और समन्वय में सुधार करता है।
प्रकृति से जुड़ाव को बढ़ाता है।
कलरिपयट्टू के साथ इसका गहरा संबंध है।

मुंबई, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता और मार्शल आर्ट के विशेषज्ञ विद्युत जामवाल स्वास्थ्य और फिटनेस के मामले में काफी जागरूक रहते हैं। उनका मानना है कि प्रकृति में समय बिताना व्यक्ति की सेहत को और भी सुधारता है। इसी कारण वह हर साल एक बार सहज योग का अभ्यास करते हैं। यह अभ्यास उन्हें शारीरिक संतुलन, मानसिक एकाग्रता और प्रकृति के साथ एक गहरा संबंध स्थापित करने में मदद करता है।

विद्युत ने अपने इंस्टाग्राम पर एक विशेष वीडियो साझा किया, जिसमें वह सहज योग का अभ्यास करते दिखाई दिए। उन्होंने वीडियो में कहा, "कलरिपयट्टू के प्रैक्टिशनर के रूप में मैं साल में एक बार सहज योग का अभ्यास करता हूं। सहज का अर्थ है प्राकृतिक सहजता और सहज प्रवृत्ति की स्थिति में लौटना, जिससे प्रकृति और आंतरिक जागरूकता के बीच गहरा संबंध बनता है।"

विद्युत ने सहज योग के फायदों को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि यह अभ्यास शरीर की प्राकृतिक संवेदनाओं को जागृत करता है। इससे मस्तिष्क और शरीर के बीच बेहतर संबंध बनता है, जिससे संतुलन बढ़ता है। उन्होंने यह भी कहा, "यह वैज्ञानिक रूप से कई न्यूरोरिसेप्टर्स और प्रोप्रियोसेप्टर्स को सक्रिय करता है, जिससे संवेदी फीडबैक में सुधार होता है और संतुलन और समन्वय में वृद्धि होती है। इससे शरीर के प्रति जागरूकता और मानसिक ध्यान बढ़ता है और प्रकृति से जुड़ाव का गहरा एहसास होता है।"

वीडियो में वह कभी पेड़ों पर चढ़ते तो कभी बर्फ में घंटों ध्यान करते दिखाई दिए।

विद्युत ने बताया कि कलरिपयट्टू केरल की प्राचीन मार्शल आर्ट है, जिसे दुनिया की सबसे पुरानी लड़ाई की कला माना जाता है। इसका नाम 'कलरी' और 'पयट्टू' से मिलकर बना है। यह तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व से प्रचलित है। इसमें मुक्के, लात, कुश्ती, और विभिन्न हथियारों का उपयोग (जैसे तलवार, भाला, उरुमी) शामिल है। इसके साथ ही इसमें आयुर्वेदिक मसाज भी होती हैं। योद्धाओं को लचीलापन, ताकत और ध्यान सिखाने में यह अत्यंत प्रभावी है। विद्युत कई फिल्मों में भी कलरिपयट्टू का अभ्यास करते नजर आए हैं।

कलरिपयट्टू में योग के तत्व शामिल होते हैं, जैसे जानवरों से प्रेरित मुद्राएं और साँस नियंत्रण। विद्युत जामवाल इस कला में माहिर हैं और अपनी फिल्मों में स्टंट खुद करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह समाज में स्वास्थ्य और योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। उनकी मेहनत और समर्पण युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन सकता है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सहज योग का अभ्यास कैसे किया जाता है?
सहज योग का अभ्यास करने के लिए आपको शांत स्थान पर बैठकर अपनी साँसों पर ध्यान केंद्रित करना होता है। इसमें ध्यान और शारीरिक संतुलन का विशेष ध्यान रखा जाता है।
सहज योग के क्या फायदे हैं?
सहज योग से मानसिक एकाग्रता बढ़ती है, शरीर की प्राकृतिक संवेदनाएं जागृत होती हैं और व्यक्ति की सेहत में सुधार होता है।
क्या सहज योग केवल एक बार करना पर्याप्त है?
सहज योग का लाभ उठाने के लिए इसे नियमित रूप से करना चाहिए, लेकिन विद्युत जामवाल इसे साल में एक बार अपने रूटीन में शामिल करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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