2 नवंबर 2026
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अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों का रिकॉर्ड: 57 चेहरे मंगलवार को मैदान में

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अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों का रिकॉर्ड: 57 चेहरे मंगलवार को मैदान में

सारांश

अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में इस बार भारतीय डायस्पोरा की सबसे बड़ी सियासी दस्तक — 57 उम्मीदवार, 22 राज्य, सीनेट से स्थानीय पद तक। ओहायो में विवेक रामास्वामी और लॉस एंजिलिस में नित्या रमन जैसी हाई-प्रोफाइल दौड़ें यह तय करेंगी कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय अमेरिकी सत्ता के गलियारों में कितनी गहरी पैठ बनाता है।

मुख्य बातें

57 भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार 3 नवंबर 2026 को अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में मैदान में हैं।
उम्मीदवारों में 1 सीनेट , 11 प्रतिनिधि सभा , 3 राज्यव्यापी पद , 36 राज्य विधानमंडल और 6 स्थानीय पद शामिल हैं।
विवेक रामास्वामी ओहायो में गवर्नर पद के लिए लड़ रहे हैं; पोलिंग में डेमोक्रेट एमी एक्टन को करीब तीन अंकों की बढ़त।
लॉस एंजिलिस में नित्या रमन बनाम करेन बास — दोनों को 40-40% समर्थन, 19% मतदाता अनिर्णीत।
रो खन्ना, अमी बेरा, प्रमिला जयपाल और सुहास सुब्रमण्यम समेत चार मौजूदा भारतीय-अमेरिकी सांसद पुनर्चुनाव मैदान में।
15 और संभावित भारतीय मूल के उम्मीदवार हैं जिनकी पहचान की पूरी तरह पुष्टि नहीं हो सकी।

अमेरिका के मध्यावधि चुनाव 2026 में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की राजनीतिक उपस्थिति अब तक की सबसे व्यापक है — ओहायो के गवर्नर पद से लेकर लॉस एंजिलिस के मेयर और मैसाचुसेट्स की सीनेट सीट तक, कुल 57 भारतीय मूल के उम्मीदवार 3 नवंबर 2026 को मतदाताओं के सामने अपना भविष्य रखेंगे। यह आँकड़ा अमेरिकी लोकतंत्र में भारतीय डायस्पोरा की गहरी होती जड़ों का प्रमाण है।

उम्मीदवारों का पूरा ब्यौरा

पुष्टि किए गए 57 भारतीय मूल के उम्मीदवारों में 1 सीनेट, 11 प्रतिनिधि सभा, 3 राज्यव्यापी पद, 36 राज्य विधानमंडल और 6 स्थानीय पद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 15 और संभावित उम्मीदवार हैं जिन्हें भारतीय मूल का माना जा रहा है, लेकिन पर्याप्त पुष्टि न हो पाने के कारण सूची में शामिल नहीं किया गया।

22 राज्यों में राज्य विधानमंडलों के लिए 36 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें कैलिफोर्निया, इलिनॉय और न्यूयॉर्क में चार-चार उम्मीदवार शामिल हैं।

ओहायो: सबसे हाई-प्रोफाइल मुकाबला

सबसे अधिक नज़रें ओहायो पर टिकी हैं, जहाँ रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार विवेक रामास्वामी गवर्नर पद के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन को चुनौती दे रहे हैं। फिफ्टीप्लसवन के पोलिंग औसत में एक्टन को करीब तीन अंकों की बढ़त दिखाई गई है।

रामास्वामी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं और उनकी संभावित जीत भारतीय मूल के नेताओं की स्थिति को नई ऊँचाई दे सकती है।

लॉस एंजिलिस और अन्य प्रमुख दौड़ें

लॉस एंजिलिस में सिटी काउंसिल सदस्य नित्या रमन मौजूदा मेयर करेन बास को टक्कर दे रही हैं। यूसी बर्कले इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नमेंटल स्टडीज और लॉस एंजिलिस टाइम्स के संयुक्त सर्वेक्षण में दोनों को 40-40 प्रतिशत समर्थन मिला, जबकि 19 प्रतिशत मतदाता अब भी अनिर्णीत हैं।

न्यूयॉर्क में रिपब्लिकन उम्मीदवार सरिता कोमाटिरेड्डी अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स के खिलाफ मैदान में हैं। 28 अक्टूबर के सिएना सर्वेक्षण में जेम्स को 54 प्रतिशत और कोमाटिरेड्डी को 39 प्रतिशत समर्थन मिला। मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर भी डेमोक्रेटिक टिकट पर दोबारा चुनाव मैदान में हैं।

प्रतिनिधि सभा: आमने-सामने भारतीय-अमेरिकी

प्रतिनिधि सभा की 11 सीटों पर भारतीय मूल के उम्मीदवार हैं, जिनमें चार मौजूदा डेमोक्रेटिक सांसद — रो खन्ना (कैलिफोर्निया), अमी बेरा (कैलिफोर्निया), प्रमिला जयपाल (वाशिंगटन राज्य) और सुहास सुब्रमण्यम (वर्जीनिया) — शामिल हैं।

इस बार दो दिलचस्प मुकाबले ऐसे हैं जहाँ भारतीय मूल के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल जिले में रो खन्ना का सामना रिपब्लिकन सिलिकॉन वैली उद्यमी रितेश टंडन से है। वाशिंगटन राज्य के सातवें जिले में प्रमिला जयपाल के सामने रिपब्लिकन उम्मीदवार निरव शेठ हैं, जो गुजरात में जन्मे और पूर्व अमेरिकी मरीन रह चुके हैं। कुक पॉलिटिकल रिपोर्ट सहित प्रमुख चुनावी आकलनों में दोनों सीटों को डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए सुरक्षित माना गया है।

एरिजोना के पहले और फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल जिले में मुकाबला अधिक कड़ा हो सकता है। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अमीश शाह (एरिजोना) और पिया दांडिया (फ्लोरिडा) खाली सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं, और दोनों सीटें चुनावी आकलनों में प्रतिस्पर्धी मानी गई हैं।

चुनाव प्रचार में धन और खर्च

फेडरल इलेक्शन कमीशन (FEC) में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, फ्लोरिडियंस फॉर अफोर्डेबिलिटी नामक सुपर PAC ने 30 अक्टूबर को पिया दांडिया के समर्थन में टेक्स्ट संदेशों पर करीब 14 हजार डॉलर खर्च किए, जिससे उनके समर्थन में इस संगठन का कुल खर्च करीब 2.20 लाख डॉलर हो गया।

अमीश शाह के अभियान को 25 से 30 अक्टूबर के बीच छह FEC फाइलिंग के आकलन के अनुसार करीब एक लाख डॉलर का योगदान मिला। हालाँकि, ये आँकड़े उम्मीदवारों और संबंधित संगठनों की ओर से दी गई जानकारी पर आधारित हैं और इनमें संशोधन संभव है।

स्थानीय स्तर पर भी भारतीय मूल की उपस्थिति उल्लेखनीय है — यूटा के साल्ट लेक काउंटी में डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी सिम गिल, ओकलैंड की काउंसिल सदस्य जननी रामचंद्रन और जॉर्जिया में फुल्टन काउंटी कमीशन उम्मीदवार रोहित मल्होत्रा चुनावी मैदान में हैं।

3 नवंबर 2026 को अमेरिका में मतदान के बाद यह स्पष्ट होगा कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय की राजनीतिक महत्वाकांक्षा किस हद तक मतपेटी में बदलती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक बदलाव का संकेत है — भारतीय-अमेरिकी समुदाय अब सिर्फ दाता या मतदाता नहीं, बल्कि निर्णायक खिलाड़ी बन रहा है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि 57 में से अधिकतर प्रतिस्पर्धी दौड़ों में नहीं हैं — असली परीक्षा ओहायो और लॉस एंजिलिस जैसी उन हाई-प्रोफाइल सीटों पर है जहाँ भारतीय मूल के उम्मीदवार मुख्यधारा के शक्ति-केंद्रों को चुनौती दे रहे हैं। विवेक रामास्वामी की हार या जीत — दोनों ही अमेरिकी दक्षिणपंथी राजनीति में भारतीय-अमेरिकियों के भविष्य के बारे में कुछ न कुछ तय करेगी, जो अभी तक मुख्यतः डेमोक्रेटिक खेमे से जुड़े रहे हैं।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव 2026 में कितने भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार हैं?
पुष्टि किए गए 57 भारतीय मूल के उम्मीदवार 3 नवंबर 2026 को मतदाताओं के सामने हैं। इनमें 1 सीनेट, 11 प्रतिनिधि सभा, 3 राज्यव्यापी पद, 36 राज्य विधानमंडल और 6 स्थानीय पद शामिल हैं। इसके अलावा 15 और संभावित उम्मीदवार हैं जिनकी पहचान पूरी तरह सत्यापित नहीं हो सकी।
विवेक रामास्वामी ओहायो गवर्नर चुनाव में कहाँ खड़े हैं?
विवेक रामास्वामी रिपब्लिकन उम्मीदवार के रूप में ओहायो गवर्नर पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। फिफ्टीप्लसवन के ताज़ा पोलिंग औसत में उनकी प्रतिद्वंद्वी डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन को करीब तीन अंकों की बढ़त दिखाई गई है।
लॉस एंजिलिस मेयर चुनाव में नित्या रमन का क्या हाल है?
नित्या रमन लॉस एंजिलिस की सिटी काउंसिल सदस्य हैं और मौजूदा मेयर करेन बास को चुनौती दे रही हैं। यूसी बर्कले और लॉस एंजिलिस टाइम्स के संयुक्त सर्वेक्षण में दोनों को 40-40 प्रतिशत समर्थन मिला है, जबकि 19 प्रतिशत मतदाता अनिर्णीत हैं।
प्रतिनिधि सभा में कौन-से भारतीय-अमेरिकी सांसद दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं?
चार मौजूदा भारतीय-अमेरिकी सांसद पुनर्चुनाव मैदान में हैं — रो खन्ना और अमी बेरा (कैलिफोर्निया), प्रमिला जयपाल (वाशिंगटन राज्य) और सुहास सुब्रमण्यम (वर्जीनिया)। कुक पॉलिटिकल रिपोर्ट ने रो खन्ना और प्रमिला जयपाल की सीटों को डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए सुरक्षित माना है।
अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या क्यों अहम है?
भारतीय-अमेरिकी समुदाय अब केवल मतदाता या दाता नहीं, बल्कि अमेरिकी राजनीति में सक्रिय निर्णायक के रूप में उभर रहा है। 57 उम्मीदवारों का यह आँकड़ा — सीनेट से स्थानीय पद तक, रिपब्लिकन से डेमोक्रेट तक — दोनों प्रमुख दलों में भारतीय डायस्पोरा की गहरी होती राजनीतिक महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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