अमेरिकी मध्यावधि चुनाव 2026: ट्रंप ने आयोवा-कंसास में झोंकी पूरी ताकत, बोले- 'सीनेट जीतनी ही होगी'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से ठीक पहले रिपब्लिकन पार्टी के लिए अपना आखिरी बड़ा प्रचार अभियान आयोवा और कंसास में चलाया और स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हमें सीनेट जीतनी ही होगी।' मंगलवार 4 नवंबर 2026 को होने वाले इन चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी के सामने सीनेट पर अपनी मौजूदा पकड़ बनाए रखने की कड़ी चुनौती है।
प्रचार अभियान का आखिरी पड़ाव
रविवार को आयोवा के डब्यूक पहुँचने पर ट्रंप ने पत्रकारों से बात की। इस दौरान उनके साथ प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन और गृह मंत्री डग बर्गम भी मौजूद थे।
ट्रंप ने आयोवा में सीनेट उम्मीदवार एश्ले हिन्सन और गवर्नर पद के उम्मीदवार जैक लाह्न, तथा कंसास में रोजर मार्शल और टाइ मास्टरसन के समर्थन में प्रचार किया। उन्होंने कहा, 'हमें भरोसा है कि दोनों चुनाव जीतेंगे।'
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि आयोवा के बाद कंसास उनके प्रचार अभियान का अंतिम पड़ाव होगा। उन्होंने रैलियों में भारी भीड़ का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी स्थान पर सीटें खाली नहीं रहीं।
मिशिगन सीट पर राजनीतिक हलचल
इस बीच मिशिगन की सीनेट सीट को लेकर भी उल्लेखनीय घटनाक्रम सामने आया। डेमोक्रेटिक पार्टी की कांग्रेस सदस्य हेली स्टीवंस ने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स का समर्थन किया, जिसका ट्रंप ने खुलकर स्वागत किया। रोजर्स का मुकाबला डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद से है।
ट्रंप ने स्टीवंस के इस कदम को 'समझदारी भरा फैसला' बताया और कहा, 'किसी ने इसकी उम्मीद नहीं की थी, लेकिन यह सही कदम है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह स्टीवंस को फोन कर धन्यवाद देना चाहेंगे और यदि वह रिपब्लिकन पार्टी में आना चाहें तो उनका स्वागत होगा।
स्पीकर माइक जॉनसन ने दावा किया कि स्टीवंस और उनके मंगेतर को इस फैसले के बाद 'काफी धमकियाँ' मिल रही हैं और उन्होंने साहस दिखाया है।
नेतन्याहू से बातचीत और ईरान मुद्दा
चुनावी प्रचार के समानांतर ट्रंप ने इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुई बातचीत को 'बहुत अच्छी बातचीत' बताया। हालाँकि व्हाइट हाउस की ओर से इसका आधिकारिक ब्यौरा जारी नहीं किया गया।
समाचार वेबसाइट Axios की रविवार की रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान पर तत्काल सैन्य कार्रवाई के लिए ट्रंप पर दबाव बना रहे हैं, जबकि ट्रंप फिलहाल ईरान के साथ कूटनीतिक वार्ता जारी रखने के पक्ष में बताए जाते हैं। एक इज़रायली सूत्र ने शनिवार की बातचीत को 'सख्त' बताया, जबकि एक अमेरिकी सूत्र ने इसे 'सीधी बातचीत' कहा। व्हाइट हाउस और इज़रायली प्रधानमंत्री कार्यालय दोनों ने इस पर टिप्पणी से इनकार किया।
कनाडा व्यापार समझौता और अन्य घटनाक्रम
कनाडा के साथ व्यापारिक वार्ता पर ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच एक ऐसे समझौते की रूपरेखा तैयार है जो 'अमेरिकी किसानों और अमेरिका के लिए अच्छा होगा और कनाडा के लिए भी ठीक रहेगा।' उन्होंने बताया कि इस संबंध में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से उनकी बातचीत हो चुकी है।
स्ट्रोक से जूझ रहे डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस मर्फी के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि वह उचित समय पर उनसे संपर्क करेंगे।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राजनीति में सीनेट नियंत्रण का सवाल ट्रंप की नीतियों के भविष्य के लिए निर्णायक माना जा रहा है। गौरतलब है कि सीनेट में बहुमत खोने की स्थिति में ट्रंप प्रशासन के लिए विधायी एजेंडा आगे बढ़ाना कठिन हो सकता है। मतगणना के नतीजे मंगलवार देर रात आने की संभावना है, जो अमेरिकी राजनीति की दिशा तय करेंगे।