ट्रंप की ईरान को UNGA में चेतावनी: 'समझौता करो या नष्ट हो जाओ'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 22 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अपने संबोधन के दौरान ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान वाशिंगटन के साथ परमाणु समझौते पर सहमत नहीं होता, तो उसे 'पूरी तरह नष्ट' कर दिया जाएगा। ट्रंप ने ईरान के सामने केवल दो विकल्प रखे — या तो बातचीत की मेज पर आएं, या सैन्य परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है।
ट्रंप ने UNGA में क्या कहा
ट्रंप ने अपने भाषण में कहा, 'या क्या मैं इस्लामी गणराज्य को पूरी तरह से नष्ट कर दूं और वह भी जल्दी से, ताकि उन्हें फिर कभी लोगों और देशों को मारने और नष्ट करने का मौका न मिले?' उन्होंने आगे जोड़ा, 'क्या मैं उन्हें ऐसी नरक में धकेल दूं जहां उनके बचने की कोई संभावना न हो और भविष्य में महानता या पीढ़ियों की कोई उम्मीद न हो?' इन टिप्पणियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न कर दी।
समझौते की पेशकश और शर्तें
ट्रंप ने साथ ही ईरान को एक सकारात्मक विकल्प भी दिया। उन्होंने कहा कि ईरान एक ऐसा समझौता कर सकता है जिससे उसे पुनर्निर्माण का और एक समृद्ध देश बनने का मौका मिलेगा। ट्रंप ने भविष्यवाणी की कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के तुरंत बाद ईरान समझौते पर सहमत हो जाएगा, क्योंकि उनके अनुसार ऐसा न करने का 'कोई मतलब नहीं है।' गौरतलब है कि ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वे स्वयं इस चुनाव में उम्मीदवार नहीं हैं, हालाँकि रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे।
ईरान पर 'पूर्ण आर्थिक अलगाव' की माँग
ट्रंप ने अन्य देशों से ईरान का 'पूर्ण आर्थिक अलगाव' लागू करने का आह्वान किया। यह माँग तीन शर्तों पर निर्भर थी — ईरान द्वारा वाणिज्यिक जहाजों पर हमले बंद करना, परमाणु महत्वाकांक्षाओं को त्यागना, और आतंकवाद को समर्थन देना बंद करना। उन्होंने तेहरान पर परमाणु वार्ता के लिए बनाए गए युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप भी लगाया।
'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' और सैन्य दावे
ट्रंप ने दावा किया कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' ने ईरान की नौसेना, वायु सेना, रडार प्रणालियों तथा उसकी अधिकांश मिसाइल और ड्रोन निर्माण क्षमता को नष्ट कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद से अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य से एक अरब बैरल से अधिक तेल की ढुलाई की है, और इस जलमार्ग से पहले के किसी भी समय की तुलना में अधिक तेल की आवाजाही हो रही है। उन्होंने इस सुझाव को भी खारिज किया कि अमेरिका के पास हथियारों की कमी हो रही है, यह कहते हुए कि वाशिंगटन के पास उपयोग से अधिक गोला-बारूद है और वह अभूतपूर्व गति से अपने भंडार की भरपाई कर रहा है।
ईरान की आर्थिक स्थिति पर टिप्पणी
ट्रंप ने ईरान की घरेलू स्थिति पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि ईरान में मुद्रास्फीति 300 प्रतिशत से भी अधिक हो गई है और यह देश को तबाह कर रही है। इसके अलावा, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की निंदा करने वाले प्रस्ताव को अपनाने के लिए धन्यवाद दिया। आने वाले हफ्तों में मध्यावधि चुनावों के बाद की कूटनीतिक दिशा पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।