इवाते में 6.1 तीव्रता का भूकंप, सुनामी की कोई चेतावनी नहीं; तीन दिनों में जापान में भूकंपों की श्रृंखला
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर-पूर्वी जापान के इवाते प्रांत में रविवार, 28 जून 2026 की सुबह 6.1 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके तटीय इलाकों में महसूस किए गए। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, इस भूकंप के बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई।
मुख्य घटनाक्रम
JMA के मुताबिक, यह भूकंप स्थानीय समय के अनुसार सुबह 5:21 बजे इवाते के पूर्वी तट से लगभग 40 किलोमीटर की गहराई पर आया। इसका केंद्र 40.2 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 142.4 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। जापान के सात-स्तरीय भूकंपीय तीव्रता स्केल पर इसकी तीव्रता 5 से कम दर्ज की गई।
परमाणु संयंत्रों पर असर नहीं
संबंधित ऑपरेटरों के अनुसार, आओमोरी प्रीफेक्चर के हिगाशिदोरी परमाणु ऊर्जा संयंत्र और मियागी प्रीफेक्चर के ओनागावा परमाणु ऊर्जा परिसर में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली। यह जानकारी उस क्षेत्र में परमाणु सुरक्षा के लिहाज़ से राहत देने वाली है जहाँ 2011 में फुकुशिमा आपदा की यादें अभी भी ताज़ा हैं।
पिछले तीन दिनों में भूकंपों की श्रृंखला
यह भूकंप एक बड़ी भूकंपीय सक्रियता के संदर्भ में आया है। इससे एक दिन पहले शनिवार को उसी क्षेत्र में 7.2 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसमें कम से कम 10 लोग घायल हुए थे। उस भूकंप की शुरुआती तीव्रता 6.9 थी और यह स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 7:30 बजे इवाते के पूर्वी तट से 40 किमी की गहराई पर आया था।
JMA के अनुसार, उस भूकंप में आओमोरी प्रीफेक्चर के हाशिकामी टाउन में अधिकतम तीव्रता 6 (ऊपरी) और हाचिनोहे शहर में 6 (निचली) दर्ज की गई — जो जापान के सात-स्तरीय स्केल पर दूसरा सबसे ऊँचा स्तर है। इस स्तर की तीव्रता में खड़े रहना मुश्किल होता है और फर्नीचर गिर सकता है तथा खिड़कियाँ टूट सकती हैं।
शुक्रवार को टोक्यो के निकट 5.6 और 5.8 तीव्रता के दो भूकंप आए, जिनके झटके राजधानी में भी स्पष्ट रूप से महसूस किए गए और कम से कम 10 लोग घायल हुए। इसी दिन सुबह 11:49 बजे दक्षिणी इबाराकी प्रांत में 4.1 तीव्रता का भूकंप भी आया।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
गौरतलब है कि जापान विश्व के सर्वाधिक भूकंप-सक्रिय देशों में से एक है और प्रशांत 'रिंग ऑफ फायर' पर स्थित है। तीन दिनों में इतने भूकंपों की श्रृंखला असामान्य नहीं मानी जाती, लेकिन भूकंपविज्ञानी आफ्टरशॉक की संभावना पर नज़र बनाए हुए हैं। JMA ने निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
आगे क्या
अधिकारी इवाते और आओमोरी प्रीफेक्चर में नुकसान के आकलन में जुटे हैं। परमाणु संयंत्रों की निरंतर निगरानी जारी है और स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन दल तैनात कर दिए हैं। भूकंपीय गतिविधि पर JMA की नज़र बनी हुई है।