अफगानिस्तान में 5.3 तीव्रता का भूकंप, 1 अक्टूबर को सुबह 06:59 बजे आए झटके; नुकसान की खबर नहीं
सारांश
मुख्य बातें
अफगानिस्तान में 1 अक्टूबर 2026 की सुबह 06:59 बजे IST भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.3 दर्ज की गई। अधिकारियों के अनुसार, अभी तक किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
मुख्य घटनाक्रम
भूकंप के झटके गुरुवार की सुबह तब आए जब अधिकांश लोग अभी भी घरों में थे। NCS ने तत्काल निगरानी शुरू की और स्थिति का जायजा लिया। कथित तौर पर भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के भीतर था, हालाँकि सटीक गहराई का उल्लेख तत्काल उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं था।
यह ऐसे समय में आया है जब अफगानिस्तान पहले से ही मानवीय संकट और प्रशासनिक चुनौतियों से जूझ रहा है, जिससे भूकंपीय आपदाओं की स्थिति में राहत कार्य और जटिल हो जाता है।
इस वर्ष अफगानिस्तान में भूकंप का सिलसिला
गौरतलब है कि 2026 में अफगानिस्तान में यह कोई पहली भूकंपीय घटना नहीं है। इससे पहले 7 सितंबर 2026 को सुबह 05:36 बजे 4.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र जमीन से 130 किलोमीटर की गहराई पर था। उस घटना में भी कोई नुकसान नहीं हुआ था।
इससे पहले अगस्त में पूर्वी नंगरहार प्रांत में 4.9 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 15 लोग घायल हो गए थे — यह इस वर्ष अफगानिस्तान में भूकंप से होने वाली सबसे बड़ी क्षति रही।
27 जून 2026 को सुबह 07:19:51 बजे आए 6.2 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने न केवल अफगानिस्तान, बल्कि दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और उत्तर भारत के कई अन्य राज्यों को भी प्रभावित किया था। NCS ने तब पुष्टि की थी कि भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में था।
पड़ोसी देश ताजिकिस्तान में भी भूकंप
इसी क्रम में 10 सितंबर 2026 को 05:51 बजे IST ताजिकिस्तान में भी 4.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। भूकंप का केंद्र 37.907°N अक्षांश और 72.742°E देशांतर पर था, तथा गहराई 132 किलोमीटर मापी गई थी। यह स्थान अफगानिस्तान के फैजाबाद शहर से लगभग 213 किलोमीटर पूर्व-उत्तर पूर्व में बताया गया।
भूकंप-प्रवण क्षेत्र में अफगानिस्तान की स्थिति
अफगानिस्तान भूगर्भीय रूप से अत्यंत सक्रिय क्षेत्र में स्थित है। यह देश यूरेशियन और इंडियन टेक्टोनिक प्लेटों के संधि-स्थल के निकट होने के कारण बार-बार भूकंपीय गतिविधियों की चपेट में आता है। हिंदू कुश पर्वत श्रृंखला इस दृष्टि से विशेष रूप से संवेदनशील है।
इस वर्ष की श्रृंखला बताती है कि मध्यम से उच्च तीव्रता के भूकंप यहाँ नियमित अंतराल पर आते रहे हैं, जो दीर्घकालिक आपदा तैयारियों की आवश्यकता को रेखांकित करता है। फिलहाल स्थानीय अधिकारी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।