अलीएक्सप्रेस पर EU का ₹5,000 करोड़ जुर्माना: चीन ने जताया कड़ा विरोध, कंपनियों को कानूनी लड़ाई का समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
यूरोपीय आयोग ने 20 जुलाई 2026 को यूरोपीय संघ के डिजिटल सर्विसेज एक्ट (DSA) के तहत चीनी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अलीएक्सप्रेस पर 55 करोड़ यूरो (लगभग ₹5,000 करोड़) का जुर्माना लगाने की घोषणा की। इस कदम पर चीन ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे भेदभावपूर्ण और अस्वीकार्य बताया है।
चीन की आधिकारिक प्रतिक्रिया
चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने मंगलवार, 22 जुलाई को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चीन ने इस मामले पर गहरी नज़र रखी है और तीव्र असंतोष एवं गंभीर चिंता व्यक्त की है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि चीन, प्लेटफॉर्म रेगुलेशन की आड़ में यूरोपीय संघ द्वारा डिजिटल बाधाएं खड़ी करने और यूरोप में सक्रिय चीनी ई-कॉमर्स कंपनियों के सामान्य कामकाज को रोकने या दबाने के लिए अपनाए जा रहे भेदभावपूर्ण उपायों का कड़ा विरोध करता है।
यूरोपीय पक्ष से चीन की माँग
प्रवक्ता ने यूरोपीय पक्ष से आग्रह किया कि वह कानूनी प्रावधानों की अस्पष्टता का फ़ायदा उठाकर अपनी विवेकाधीन शक्तियों का दुरुपयोग बंद करे। उन्होंने कहा कि चीनी कंपनियों के साथ निष्पक्ष और समान व्यवहार होना चाहिए — वही मानक जो अन्य देशों की कंपनियों पर लागू होते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब चीन और यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक तनाव कई मोर्चों पर पहले से बढ़ा हुआ है।
चीनी कंपनियों को कानूनी लड़ाई का समर्थन
प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि चीन, अपने अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए कानूनी तरीकों का इस्तेमाल करने वाली चीनी कंपनियों का मजबूती से समर्थन करेगा। साथ ही, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि चीनी कंपनियों के हितों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाने में वह पीछे नहीं हटेगी। गौरतलब है कि अलीएक्सप्रेस, अलीबाबा समूह का अंतरराष्ट्रीय ई-कॉमर्स मंच है और यूरोप में उसकी महत्वपूर्ण उपस्थिति है।
डिजिटल सर्विसेज एक्ट और चीनी कंपनियाँ
यूरोपीय संघ का डिजिटल सर्विसेज एक्ट (DSA) बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों पर अवैध सामग्री, पारदर्शिता और उपयोगकर्ता सुरक्षा से जुड़ी सख्त ज़िम्मेदारियाँ लागू करता है। आलोचकों का कहना है कि DSA के तहत जुर्माने की यह प्रक्रिया गैर-यूरोपीय कंपनियों पर अधिक कठोरता से लागू की जा रही है, जबकि चीन का तर्क है कि यह व्यापार संरक्षणवाद का एक नया रूप है।
आगे क्या होगा
अलीएक्सप्रेस के पास यूरोपीय न्यायालयों में इस जुर्माने को चुनौती देने का विकल्प है। चीन सरकार के इस बयान के बाद माना जा रहा है कि कंपनी कानूनी अपील का रास्ता अपनाएगी। चीन-EU व्यापार संबंधों पर इस विवाद का दीर्घकालिक असर पड़ सकता है, विशेष रूप से डिजिटल व्यापार वार्ताओं के संदर्भ में।