क्या अमेरिका और चीन ने भारत को गणतंत्र दिवस पर बधाई दी?

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क्या अमेरिका और चीन ने भारत को गणतंत्र दिवस पर बधाई दी?

सारांश

गणतंत्र दिवस पर अमेरिका और चीन ने भारत को बधाई दी। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने संवाद और सहयोग पर जोर दिया, जबकि ट्रंप ने ऐतिहासिक लोकतांत्रिक रिश्तों की बात की। क्या यह संबंधों में एक नई दिशा का संकेत है?

मुख्य बातें

अमेरिका और चीन ने भारत को गणतंत्र दिवस पर बधाई दी।
शी जिनपिंग ने संवाद और सहयोग पर जोर दिया।
डोनाल्ड ट्रंप ने ऐतिहासिक लोकतांत्रिक रिश्तों की बात की।

नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर अमेरिका और चीन ने भारत को गणतंत्र दिवस की बधाई दी। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सोमवार को गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर उन्होंने दोनों देशों के बीच संवाद, विश्वास बहाली के उपायों और क्षेत्रीय सहयोग को प्राथमिकता देने के लिए व्यावहारिक दृष्टिकोण पर जोर दिया। इसी के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी भारत को बधाई दी है।

भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने एक्स पर पोस्ट किया, "राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मु को बधाई संदेश भेजा। चीन और भारत के लिए यह सही विकल्प है कि वे अच्छे पड़ोसी मित्र बनें और एक-दूसरे की सफलता में सहयोग करें, और ड्रैगन व हाथी साथ-साथ नृत्य करें।”

इसके पहले चीनी राजदूत नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह में भी शामिल हुए। उन्होंने एक्स पर एक अन्य पोस्ट में कहा, "भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होकर खुशी हुई।"

पिछले साल नवंबर में शू फेइहोंग ने कहा था कि चीन उच्चस्तरीय व्यावहारिक सहयोग में एक सक्रिय भागीदार के रूप में भारत के साथ काम करने के लिए तैयार है। 'चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना: चीन के विकास का नया खाका, चीन-भारत सहयोग के नए अवसर' विषय पर आयोजित संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि 15वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान चीन वास्तविक अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत करेगा, उच्चस्तरीय वैज्ञानिक-तकनीकी आत्मनिर्भरता को तेज करेगा और उच्च मानकों वाले खुलेपन का विस्तार करेगा। इससे भारत सहित सभी देशों के लिए सहयोग के नए अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने बताया कि चीन रसायन और मशीनरी जैसे पारंपरिक उद्योगों का उन्नयन करेगा, जिससे अगले पांच वर्षों में लगभग 1.4 ट्रिलियन डॉलर के नए बाजार अवसर खुलने की उम्मीद है।

उन्होंने यह भी कहा, “वर्तमान में भारत ‘मेक इन इंडिया’ जैसी प्रमुख रणनीतियों को आगे बढ़ा रहा है। चीन भारत के साथ व्यावहारिक सहयोग को और गहरा करने के लिए तैयार है, ताकि साझा हितों का दायरा बढ़ाया जा सके और दोनों देशों के लोगों को विकास के परिणामों से अधिक लाभ मिल सके।”

दूसरी ओर, भारत में अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्रंप का संदेश साझा किया। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "अमेरिका के लोगों की ओर से मैं भारत सरकार और वहां के लोगों को उनके 77वें गणतंत्र दिवस पर दिल से बधाई देता हूं। अमेरिका और भारत दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र होने के नाते एक ऐतिहासिक रिश्ता शेयर करते हैं।"

इससे पहले दिन में अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत के लोगों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि वह आने वाले साल में साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह अमेरिका और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा को भी एक नई दिशा दे सकता है। निश्चित रूप से, यह हमारे देश के लिए महत्वपूर्ण है कि हम अपने संबंधों को लगातार मजबूत करते रहें।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका और चीन ने भारत को क्यों बधाई दी?
अमेरिका और चीन ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सहयोग और संवाद को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
शी जिनपिंग ने क्या कहा?
उन्होंने भारत के साथ विश्वास बहाली और क्षेत्रीय सहयोग पर जोर दिया।
ट्रंप का संदेश क्या था?
ट्रंप ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर बधाई दी और ऐतिहासिक लोकतांत्रिक रिश्तों की बात की।
राष्ट्र प्रेस