3 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या अमेरिका में शटडाउन का असर भारतीय दूतावास के 'एक्स' अकाउंट पर पड़ा?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या अमेरिका में शटडाउन का असर भारतीय दूतावास के 'एक्स' अकाउंट पर पड़ा?

सारांश

अमेरिका में शटडाउन के कारण भारतीय दूतावास का 'एक्स' अकाउंट भी प्रभावित हुआ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अस्थायी फंडिंग बिल पास न होना इस स्थिति का मुख्य कारण है। जानें इस मामले के सभी महत्वपूर्ण पहलू।

मुख्य बातें

अमेरिका में शटडाउन के कारण सरकारी कामकाज ठप हो गया है।
भारतीय दूतावास के 'एक्स' अकाउंट पर असर पड़ा है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अस्थायी फंडिंग बिल पास नहीं हो सका।
डेमोक्रेट्स की स्वास्थ्य सेवाओं में कटौती को वापस लेने की मांग जारी है।
एलन मस्क और ट्रंप के बीच जुबानी जंग हुई थी।

नई दिल्ली, १ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के सीनेट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अस्थायी फंडिंग बिल को पारित कराने में असफल रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, अमेरिका में सरकारी कार्यों में ठहराव आ गया है। इस स्थिति का असर अमेरिका में भारतीय दूतावास के एक्स अकाउंट पर भी दिखाई दिया।

भारतीय दूतावास ने एक्स अकाउंट के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया, "विनियोजन में कमी के कारण, केवल अत्यावश्यक सुरक्षा और संरक्षा जानकारी को छोड़कर इस एक्स खाते को तब तक नियमित रूप से अद्यतन नहीं किया जाएगा, जब तक कि पूर्ण परिचालन पुनः शुरू नहीं हो जाता।"

ज्ञात हो कि अमेरिका की ट्रंप प्रशासन ने अपनी वापसी के बाद वन बिग ब्यूटीफुल बिल को पारित किया था। अब इस बिल की फंडिंग को लेकर ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने अस्थायी फंडिंग बिल का प्रस्ताव रखा, जिसे सीनेट में पास नहीं किया जा सका।

डेमोक्रेट्स इस साल की शुरुआत में पारित हुए "बिग ब्यूटीफुल बिल" में स्वास्थ्य सेवा में कटौती को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। रिपब्लिकन पार्टी ने डेमोक्रेट्स की मांगों से असहमति जताते हुए २१ नवंबर तक फंडिंग बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था।

अमेरिकी राष्ट्रपति को इस बिल को पास कराने के लिए १०० सदस्यों वाले सीनेट में ६० वोटों की आवश्यकता थी, लेकिन वह केवल ५३ वोट ही जुटा सके। इसके अलावा उनके विरोध में ४५ वोट पड़े।

डेमोक्रेटिक नेताओं ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की, लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए। मुलाकात के कुछ घंटे बाद, ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक एआई-जनरेटेड वीडियो साझा किया, जिसमें सदन के अल्पसंख्यक नेता हकीम जेफ्रीज और सीनेट के अल्पसंख्यक नेता चक शूमर का मजाक उड़ाया गया।

बिल पेश करने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने संघीय कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की भी धमकी दी। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "जब आप इसे बंद करते हैं, तो आपको छंटनी करनी पड़ती है, हम बहुत से लोगों को नौकरी से निकाल देंगे।"

गौरतलब है कि 'द बिग ब्यूटीफुल बिल' को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और एक्स के मालिक एलन मस्क आमने-सामने आ गए थे। एलन मस्क ने ट्रंप को दूसरी बार सत्ता में वापसी करने में काफी मदद की थी, लेकिन इस बिल को लेकर दोनों के बीच जमकर जुबानी जंग देखने को मिली।

बात इतनी बढ़ गई कि एलन मस्क ने एपस्टीन फाइल तक का जिक्र कर दिया। वहीं राष्ट्रपति ट्रंप भी नहीं रूके, उन्होंने मस्क को अमेरिका से बाहर करने की बात कह दी। इस जुबानी जंग के बाद धीरे-धीरे मामला ठंडा पड़ गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्थिति अमेरिका की राजनीतिक अस्थिरता को दर्शाती है। राष्ट्रपति ट्रंप की असफलता ने न केवल अमेरिकी नागरिकों पर असर डाला है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी समस्याएँ खड़ी की हैं। हमें देखना होगा कि यह स्थिति आगे कैसे विकसित होती है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका में शटडाउन का कारण क्या है?
अमेरिका में शटडाउन का कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अस्थायी फंडिंग बिल का पास न होना है।
भारतीय दूतावास के 'एक्स' अकाउंट पर इसका क्या असर हुआ?
भारतीय दूतावास ने जानकारी दी है कि केवल अत्यावश्यक सुरक्षा और संरक्षा जानकारी को छोड़कर इस अकाउंट को नियमित रूप से अद्यतन नहीं किया जाएगा।
क्या डेमोक्रेट्स की मांगें मान ली जाएंगी?
डेमोक्रेट्स स्वास्थ्य सेवा में कटौती को वापस लेने की मांग कर रहे हैं, लेकिन रिपब्लिकन पार्टी ने उनकी मांगों से असहमति जताई है।
ट्रंप ने संघीय कर्मचारियों को लेकर क्या कहा?
ट्रंप ने संघीय कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकी दी है।
एलन मस्क और ट्रंप के बीच क्या विवाद हुआ?
एलन मस्क ने ट्रंप को दूसरी बार सत्ता में वापसी में मदद की थी, लेकिन 'बिग ब्यूटीफुल बिल' को लेकर उनके बीच जुबानी जंग हुई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 8 महीने पहले
  3. 10 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले