ऑस्ट्रिया ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान के लिए एयरस्पेस देने से किया इनकार
सारांश
Key Takeaways
- ऑस्ट्रिया ने ईरान से जुड़े अमेरिकी अभियानों के लिए एयरस्पेस का उपयोग करने से मना किया।
- यूरोप में कई अन्य देश भी अमेरिका के सैन्य अभियानों से दूरी बना रहे हैं।
- यह निर्णय ऑस्ट्रिया की सख्त तटस्थता नीति के तहत लिया गया है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस स्थिति से नाराज हैं।
- नाटो के सहयोगी देशों पर ट्रंप ने भी नाराजगी जताई है।
वियना, २ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। यूरोप के कई राष्ट्रों ने अमेरिका के सैन्य अभियानों से दूरी बनाना शुरू कर दिया है। अब इस सूची में ऑस्ट्रिया का नाम भी शामिल हो गया है, जिसने ईरान से संबंधित सैन्य अभियानों के लिए अपने एयरस्पेस के उपयोग की अमेरिकी मांग को ठुकरा दिया है।
ऑस्ट्रिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह निर्णय देश के सख्त तटस्थता कानून के अंतर्गत लिया गया है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने ब्रॉडकास्टर ओआरएफ को बताया कि वाशिंगटन से "कई" अनुरोध प्राप्त हुए हैं, लेकिन हर मामले की जांच विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर की जाएगी। हालांकि, ऑस्ट्रिया ने अमेरिकी उड़ानों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया है। हर अनुरोध की समीक्षा तथ्यों के आधार पर की जा रही है।
यूरोप में यह रुख अकेला नहीं है। स्पेन, जो इस युद्ध का खुलकर विरोध कर रहा है, पहले ही अपने एयरस्पेस को संघर्ष में शामिल अमेरिकी सैन्य विमानों के लिए बंद कर चुका है।
इसी प्रकार, इटली ने पिछले हफ्ते अपने सिसिली स्थित सैन्य अड्डे के उपयोग की अनुमति अमेरिकी बमवर्षक विमानों को देने से मना कर दिया था।
यूरोपीय देशों के इस इनकार से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी काफी नाराज हैं। उन्होंने विभिन्न प्लेटफार्मों पर खुलकर विरोध जताया है। कई मीडिया साक्षात्कार में उन्होंने नाटो और यूरोपीय देशों के खिलाफ राय व्यक्त की है। हर दूसरे दिन वे ट्रुथ पर मदद न करने का तंज कसते हुए कहते हैं कि अमेरिका याद रखेगा। जिस होर्मुज स्ट्रेट पर कब्जे का वे दावा करते थे, अब उसे लेकर भी उन्होंने रुचि नहीं दिखाई है। उन्होंने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि अब इसकी जिम्मेदारी उन पर है, जिन्हें वहां से सामान ले जाना है।
हाल ही में डेली टेलीग्राफ को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने ईरान-इजरायल संघर्ष के दौरान नाटो सहयोगियों, खासकर ब्रिटेन और फ्रांस की ओर से सैन्य मदद न देने पर नाराजगी जताई। ट्रंप ने नाटो को "कागज़ी शेर" (पेपर टाइगर) करार दिया और अमेरिका के गठबंधन से बाहर निकलने की धमकी दी।