कृषि मंत्री ने रायसेन में 'उन्नत कृषि महोत्सव' में किसानों को दी वैज्ञानिक मार्गदर्शन की जानकारी

Click to start listening
कृषि मंत्री ने रायसेन में 'उन्नत कृषि महोत्सव' में किसानों को दी वैज्ञानिक मार्गदर्शन की जानकारी

सारांश

रायसेन में 'उन्नत कृषि महोत्सव 2026' का आयोजन हो रहा है, जहाँ किसानों को वैज्ञानिक मार्गदर्शन मिलेगा। इस महोत्सव में पराली प्रबंधन और अन्य तकनीकी ज्ञान पर भी ध्यान दिया जाएगा, जो किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगा।

Key Takeaways

  • किसानों के लिए वैज्ञानिक मार्गदर्शन
  • पराली प्रबंधन के नवीनतम तरीके
  • फसल प्रबंधन और डिजिटल कृषि
  • प्राकृतिक खेती की जानकारी
  • कृषि के लिए नई तकनीकें

रायसेन, ५ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रायसेन में आयोजित 'उन्नत कृषि महोत्सव २०२६ – प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण' के माध्यम से किसानों को देश के शीर्ष कृषि वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। इसके साथ ही, पराली को 'कचरे से कंचन' (वेस्ट टू वेल्थ) में बदलने की तकनीक और तीन दिन तक चलने वाली प्रशिक्षण श्रंखला किसानों को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाएगी।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जानकारी दी कि रायसेन के दशहरा मैदान पर होने वाले इस महोत्सव में तीनों दिन चार स्थानों– सेमिनार हॉल‑१, सेमिनार हॉल‑२, सेमिनार हॉल‑३ और मुख्य हॉल में विषय‑आधारित सत्र होंगे, जिनमें फसल प्रबंधन से लेकर बाजार और आधुनिक तकनीक तक की जानकारी दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि पहले दिन ११ अप्रैल को दोपहर के सत्रों में फसल कटाई के बाद प्रबंधन, कृषि अवसंरचना कोष के उपयोग से उन्नत कृषि, डिजिटल कृषि और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान, मधुमक्खी‑पालन से कृषि‑आय में वृद्धि और कृषि मशीनीकरण पर चर्चा होगी। इसके साथ ही, दलहन फसलों में उत्पादकता वृद्धि, प्राकृतिक खेती, बागवानी फसलों का विस्तार तथा पराली प्रबंधन पर 'वेस्ट‑टू‑वेल्थ' के माध्यम से व्यावहारिक संदेश दिया जाएगा।

दूसरे दिन, १२ अप्रैल को, सुबह एफपीओ मीट (किसान उत्पादक संगठन सम्मेलन), मृदा स्वास्थ्य के माध्यम से हरित और सुरक्षित कृषि, संरक्षित खेती (पॉलीहाउस‑शेडनेट) और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर संवाद कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसी दिन, एकीकृत कृषि प्रणाली, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, फूलों और सब्जियों की वैज्ञानिक खेती, सूक्ष्म सिंचाई और फर्टिगेशन पर विशेष सत्र होंगे।

तीसरे दिन १३ अप्रैल को केवीके (कृषि विज्ञान केंद्र) सम्मेलन, धान में आत्मनिर्भरता हेतु बीज प्रणाली, मत्स्यपालन और कृषि ऋण पर चर्चा की जाएगी। दोपहर के सत्रों में मध्य प्रदेश की जलवायु आधारित डेयरी संवर्धन और 'धरती बचाओ' विषय पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जलवायु‑संतुलित खेती का संदेश दिया जाएगा।

शिवराज सिंह ने बताया कि महोत्सव में पराली प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां 'कचरे से कंचन' के तहत वेस्ट‑टू‑वेल्थ मॉडल किसानों के समक्ष रखे जाएंगे ताकि पराली और कृषि‑अपशिष्ट को खाद, ऊर्जा और आय के स्रोत में बदला जा सके। कृषि मंत्रालय और आईसीएआर द्वारा नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से वैज्ञानिक प्रबंधन और पर्यावरणीय लाभ को सरलता से समझाया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि यह तीन दिन का कार्यक्रम किसानों की जिंदगी बदलने का सबसे बड़ा अवसर साबित होगा और उन्होंने किसानों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में शामिल होने का आग्रह किया है।

Point of View

जहाँ उन्हें नवीनतम कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से लाभ उठाने का मौका मिलेगा। यह कार्यक्रम ना केवल उनकी खेती को सशक्त बनाएगा, बल्कि उनके आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगा।
NationPress
05/04/2026

Frequently Asked Questions

उन्नत कृषि महोत्सव कब और कहाँ आयोजित हो रहा है?
उन्नत कृषि महोत्सव ११ से १३ अप्रैल २०२६ को रायसेन के दशहरा मैदान पर आयोजित किया जा रहा है।
इस महोत्सव में किसानों को कौन-कौन से विषयों पर प्रशिक्षण मिलेगा?
किसानों को फसल प्रबंधन, डिजिटल कृषि, पराली प्रबंधन, और प्राकृतिक खेती जैसे अनेक विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
क्या इस महोत्सव में भाग लेने की कोई फीस है?
इस महोत्सव में भाग लेने के लिए कोई फीस नहीं है, सभी किसानों का स्वागत है।
किसान कैसे इस महोत्सव में भाग ले सकते हैं?
किसान इस महोत्सव में सीधे उपस्थित होकर भाग ले सकते हैं, इसके लिए कोई पूर्व पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है।
क्या इस महोत्सव में प्रदर्शनी भी होगी?
जी हाँ, इस महोत्सव में विभिन्न कृषि तकनीकों की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।
Nation Press